औद्योगिक क्षेत्र की समस्याओं के निराकरण एवं सुविधाओं के विस्तार पर हुई सार्थक चर्चा
मुरैना /मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के अंतर्गत शनिवार को बानमौर स्थित उद्यम भवन में कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने क्षेत्र के उद्यमियों के साथ उद्यम संवाद किया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा एवं एमपीआईडीसी की एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर अनीसा श्रीवास्तव सहित संबंधित अधिकारी एवं बामौर क्षेत्र के उद्योगपति उपस्थित रहे।
उद्यम संवाद के दौरान क्षेत्र के उद्योगपतियों ने औद्योगिक क्षेत्र से संबंधित विभिन्न समस्याओं, आवश्यकताओं एवं व्यवस्थाओं से कलेक्टर को अवगत कराया। कलेक्टर ने उद्यमियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना तथा कहा कि जिन विषयों में जिला प्रशासन के स्तर से हस्तक्षेप एवं सहयोग की आवश्यकता है, उनका प्राथमिकता के साथ निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिले में उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने तथा औद्योगिक गतिविधियों को सुचारू बनाने के लिए प्रशासन और उद्यमियों के बीच निरंतर समन्वय आवश्यक है।
औद्योगिक क्षेत्र में फायर स्टेशन की सुविधा होगी सुनिश्चित
उद्यमियों ने औद्योगिक क्षेत्र में फायर स्टेशन की आवश्यकता का विषय प्रमुखता से रखा। कलेक्टर ने कहा कि प्राथमिकता वाले स्थान पर फायर स्टेशन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। इसके साथ ही औद्योगिक क्षेत्र में पार्किंग व्यवस्था की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई।
औद्योगिक अपशिष्ट के व्यवस्थित प्रबंधन पर जोर
संवाद के दौरान औद्योगिक अपशिष्ट के उचित संग्रहण, प्रबंधन एवं निस्तारण को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। कलेक्टर ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाले अपशिष्ट के व्यवस्थित प्रबंधन के लिए आवश्यक व्यवस्था विकसित की जाएगी। विशेष रूप से लिक्विड वेस्ट के प्रबंधन को प्राथमिकता के आधार पर व्यवस्थित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि अधिक प्रदूषणकारी गतिविधियों वाली नई औद्योगिक इकाइयों को अनुमति देने में पर्यावरणीय मानकों एवं निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। टायर पाइरोलिसिस जैसी गतिविधियों से संबंधित नई इकाइयों के संबंध में भी निर्धारित मापदंडों के अनुरूप ही निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदूषण संबंधी शिकायतों की जांच कर नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित इकाइयों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
औद्योगिक क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश
उद्यमियों ने औद्योगिक क्षेत्र में ट्रकों एवं अन्य भारी वाहनों के खड़े रहने से उत्पन्न यातायात संबंधी समस्याओं से भी कलेक्टर को अवगत कराया। इस पर कलेक्टर ने नगर पालिका एवं पुलिस विभाग को समन्वय के साथ यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने बाजार क्षेत्र एवं औद्योगिक क्षेत्र में यातायात प्रबंधन के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र में यातायात की समस्या का प्रमुख कारण परिवहन वाहनों का अनियंत्रित रूप से खड़ा होना है। उन्होंने यातायात प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए सीसीटीवी कैमरे एवं कंट्रोल रूम स्थापित करने के संबंध में उद्यमियों के साथ चर्चा की। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी एवं निगरानी व्यवस्था के माध्यम से यातायात की स्थिति पर प्रभावी नजर रखी जा सकेगी तथा समस्याओं का समयबद्ध समाधान करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने उद्यमियों को पुलिस विभाग की ओर से आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया।
अस्थाई दखल वसूली नियमानुसार गैर-औद्योगिक क्षेत्र में ही की जाए
कलेक्टर जांगिड़ ने नगर पालिका द्वारा की जाने वाली अस्थाई दखल वसूली के संबंध में भी स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्थाई दखल वसूली नियमानुसार गैर-औद्योगिक क्षेत्र में निर्धारित श्रेणी के व्यक्तियों से ही की जाए। औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमियों से इस मद में अनधिकृत अथवा निर्धारित नियमों के विपरीत वसूली नहीं की जाए।
उन्होंने मुख्य नगर पालिका अधिकारी को निर्देशित किया कि निर्धारित दरों के अनुसार ही वसूली सुनिश्चित की जाए तथा संबंधित स्थानों पर वसूली की दरों को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने वाले सूचना बोर्ड लगाए जाएं, ताकि वसूली में पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने कहा कि निर्धारित दर से अधिक अथवा अनधिकृत वसूली की शिकायत पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत श्रमिकों का पुलिस सत्यापन कराने की अपील
पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा ने औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत श्रमिकों एवं कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि श्रमिकों का सत्यापन औद्योगिक क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ-साथ किसी आकस्मिक घटना की स्थिति में संबंधित व्यक्ति की पहचान एवं पीएम राहत जैसी योजनाओं से आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में भी उपयोगी होगा। उन्होंने उद्यमियों से पुलिस विभाग के साथ समन्वय बनाए रखने को कहा तथा आवश्यकतानुसार पुलिस विभाग की ओर से सहयोग उपलब्ध कराने की बात कही।
आपातकालीन व्यवस्थाओं एवं अन्य विषयों पर भी हुआ विचार-विमर्श
संवाद के दौरान औद्योगिक क्षेत्र में आपातकालीन एवं त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था, फायर स्टेशन की स्थापना, पार्किंग, यातायात प्रबंधन, सीसीटीवी कैमरों की स्थापना, औद्योगिक अपशिष्ट के संग्रहण एवं निस्तारण, श्रमिकों से संबंधित विषयों तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
कलेक्टर ने कहा कि उद्योगों से संबंधित समस्याओं का समयबद्ध निराकरण जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। औद्योगिक क्षेत्र में आवश्यक सुविधाओं का विस्तार और बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने उद्यमियों से भी नियमों का पालन करते हुए प्रशासन के साथ सहयोग एवं समन्वय से कार्य करने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रशासन और उद्योग जगत के आपसी सहयोग से औद्योगिक क्षेत्र में बेहतर वातावरण तैयार किया जा सकता है तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।