सीधी में बिजली-सड़क के मुद्दे पर शिवसेना का कलेक्ट्रेट व बिजली ऑफिस घेराव, 20 दिन का अल्टीमेटम
अधिकारी बोले—तीन दिन में मामले की जांच कर मीडिया को कराएंगे अवगत; प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक पाण्डेय ने कहा—समस्या का समाधान नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी
सीधी। जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली और सड़क की समस्या को लेकर शिवसेना ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट एवं बिजली कार्यालय का घेराव किया। शिवसेना प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक पाण्डेय के नेतृत्व में पदाधिकारियों, शिव सैनिकों और प्रभावित ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष ज्ञापन सौंपकर विद्युत-विहीन क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था तथा खराब आवागमन मार्गों के निर्माण की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान शिवसेना की ओर से 20 दिन का अल्टीमेटम दिया गया। वहीं संबंधित अधिकारी ने मामले की जांच कर तीन दिन के भीतर मीडिया को जानकारी देने की बात कही।
शिकरा सहित कई पंचायतों में बिजली और सड़क का मुद्दा
शिवसेना के अनुसार ग्राम शिकरा के वार्ड क्रमांक 17 एवं 18, साहू बस्ती, ग्राम चौफाल के कई वार्ड, कठौली पंचायत के मोर्चा सहित अन्य क्षेत्रों में ग्रामीण लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। संगठन ने इन क्षेत्रों का सर्वे कराकर विद्युत व्यवस्था बहाल करने तथा सड़क निर्माण की मांग रखी।
“जहां सड़क नहीं, वहां सिर्फ गलियारा”
शिवसेना प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक पाण्डेय ने कहा कि कई ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की स्थिति गंभीर है। बरसात के दौरान समस्या और बढ़ जाती है। बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को आने-जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों पर सड़क के बजाय केवल गलियारे जैसी स्थिति बनी हुई है।
पाण्डेय ने कहा कि बिजली और सड़क ग्रामीणों की बुनियादी जरूरतें हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन से समयबद्ध कार्रवाई की मांग की गई है।
20 दिन में समाधान नहीं तो आंदोलन की चेतावनी
शिवसेना जिलाध्यक्ष बेनाम सिंह बघेल उर्फ भोले ने मांग की कि विद्युत-विहीन क्षेत्रों का तत्काल सर्वे कराया जाए और समयबद्ध तरीके से विद्युतीकरण कराया जाए। साथ ही शिकरा के वार्ड 17-18 एवं साहू बस्ती में सड़क निर्माण तथा पूर्व में दिए गए ज्ञापनों और आवेदनों पर हुई कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की गई।
शिवसेना ने कहा कि यदि 20 दिन के भीतर समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई और धरातल पर काम शुरू नहीं हुआ, तो संबंधित विभाग के विरुद्ध पुनः प्रदर्शन एवं आंदोलन किया जाएगा।
अधिकारी ने तीन दिन में जांच की बात कही
घेराव और ज्ञापन के दौरान संबंधित अधिकारी की ओर से मामले की जांच कराने की बात कही गई। अधिकारी ने कहा कि तीन दिन में मामले की जांच कराकर मीडिया को इसकी जानकारी से अवगत कराया जाएगा। अब ग्रामीणों और शिवसेना की नजर इस जांच की रिपोर्ट तथा आगे होने वाली कार्रवाई पर रहेगी।
बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद
प्रदर्शन के दौरान शिवसेना संभाग संयोजक संतकुमार केवट, नगर अध्यक्ष जैनेंद्र सिंह चौहान उर्फ मुन्ना, जिला मंत्री आशीष मिश्रा, ददन यादव, रोहित सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
प्रभावित ग्रामीणों में हीरालाल सिंह, जयकरण सिंह, तीरथ राज सिंह, देवेंद्र सिंह, राजकुमार सिंह, देवराज सिंह, चंद्रराज सिंह, राजभान सिंह, देवशंकर सिंह, दान बहादुर सिंह, अवध राज सिंह, तेज बहादुर सिंह, शिवराज सिंह, केशकली सिंह, राजवती सिंह, लीलावती सिंह, देववती सिंह, इंद्रावती सिंह, संजय केवट, पंचराज सिंह, संतोष सिंह, सुनील सिंह, राजकरण केवट, संदीप केवट, मोहनलाल केवट, राजेश सिंह और हीरामन केवट सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
अब तीन दिन में होने वाली जांच और 20 दिन की समय-सीमा में प्रशासन की कार्रवाई इस पूरे मामले में महत्वपूर्ण रहेगी।