बिजली विभाग का गजब कारनामा!दो कमरे के घर में पति पत्नी के अलग अलग कनेक्शन,
कनेक्शन बंद करने आवेदन के बाद भी नहीं काटे कनेक्शन, अब बिल और नोटिस से परेशान गरीब परिवार,
सीधी/सेमरिया। सेमरिया वितरण केंद्र अंतर्गत ग्राम पंचायत ऐंठी के वार्ड क्रमांक 7 में बिजली कनेक्शन और बकाया बिल को लेकर एक गरीब परिवार विद्युत विभाग की कार्रवाई से परेशान है। परिवार का कहना है कि दो कमरों के मकान में पति-पत्नी के नाम पर दो बिजली कनेक्शन दर्ज हैं। परिवार ने अतिरिक्त कनेक्शन बंद करने के लिए विभाग में आवेदन भी दिया, लेकिन उसके बाद भी कनेक्शन बंद नहीं किया गया और बिल लगातार सामने आते रहे। अब बकाया राशि को लेकर नोटिस मिलने से परिवार की परेशानी और बढ़ गई है।
कनेक्शन बंद करने के लिए दिया था आवेदन
परिवार के अनुसार, जब उन्हें पता चला कि एक ही मकान में पति-पत्नी के नाम पर अलग-अलग बिजली कनेक्शन दर्ज हैं, तो उन्होंने संबंधित विद्युत विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर एक कनेक्शन बंद करने का अनुरोध किया और आवेदन सौंपा।
परिवार का कहना है कि विभाग को कनेक्शन बंद करने की जानकारी देने के बावजूद संबंधित कनेक्शन बंद नहीं किया गया। इसके बाद भी बिल आते रहे। परिवार का सवाल है कि जब कनेक्शन बंद करने के लिए विभाग को पहले ही आवेदन दिया जा चुका था, तो उसके बाद उत्पन्न हुई बिलिंग की जिम्मेदारी और वास्तविक देय राशि की स्थिति क्या है?
मोबाइल पर SMS आते रहे, परिवार नहीं समझ पाया
परिवार के अनुसार, बिजली विभाग द्वारा बिल संबंधी जानकारी मोबाइल पर SMS के माध्यम से भेजी जाती रही। परिवार के सदस्य अधिक पढ़े-लिखे नहीं होने के कारण इन संदेशों में दी गई जानकारी और अलग-अलग कनेक्शनों की बिलिंग को पूरी तरह समझ नहीं सके।
अब विभाग की ओर से बकाया राशि को लेकर नोटिस पहुंचने के बाद परिवार को मामले की गंभीरता का पता चला। परिवार का कहना है कि वह आर्थिक रूप से कमजोर है और विभागीय नोटिस की कार्रवाई को लेकर काफी परेशान है।
₹3,176 और ₹20,788 की बकाया राशि के दस्तावेज
परिवार द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों में एक कनेक्शन पर ₹3,176 की लंबित बकाया राशि का अंतिम नोटिस जारी होना बताया गया है। वहीं एक अन्य दस्तावेज में ₹20,788 की बकाया राशि का उल्लेख करते हुए वसूली संबंधी कार्रवाई की सूचना दी गई है।
परिवार का कहना है कि दोनों कनेक्शनों और बकाया राशि का विभागीय रिकॉर्ड सामने रखकर स्पष्ट किया जाए कि किस कनेक्शन की कितनी वास्तविक देनदारी है और कनेक्शन बंद करने के आवेदन के बाद भी बिल किस आधार पर जारी होते रहे।
परिवार का आरोप—समाधान की जगह बढ़ती गई परेशानी
रामबहादुर प्रजापति का कहना है कि परिवार ने विवाद बढ़ाने के बजाय विभाग से समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया। संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों को जानकारी देने के साथ कनेक्शन बंद करने का आवेदन भी दिया गया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
परिवार का आरोप है कि कनेक्शन बंद करने के अनुरोध के बावजूद बिल जारी होते रहे और अब नोटिस भेजकर गरीब एवं बेबस परिवार पर कार्रवाई का दबाव बनाया जा रहा है। परिवार चाहता है कि विभाग पहले पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करे और उसके बाद ही बकाया राशि के संबंध में कोई कार्रवाई की जाए।
विभाग से जांच और रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग
परिवार ने विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि मौके पर पहुंचकर दोनों मीटरों की जांच की जाए तथा कनेक्शन आवेदन, कनेक्शन स्वीकृति, मीटर रीडिंग, बिलिंग रिकॉर्ड, कनेक्शन बंद करने के लिए दिए गए आवेदन और वर्तमान बकाया राशि का सत्यापन किया जाए।
परिवार का कहना है कि यदि दोनों कनेक्शन नियमानुसार स्वीकृत हैं तो इसकी स्पष्ट जानकारी दी जाए और यदि कोई कनेक्शन अनावश्यक या गलत तरीके से दर्ज है तो नियमानुसार उसे बंद कर बिलिंग संबंधी समस्या का निराकरण किया जाए।
अब सवाल यह है कि कनेक्शन बंद करने के लिए आवेदन दिए जाने के बावजूद संबंधित कनेक्शन क्यों जारी रहा और उसके बाद की बिलिंग किस आधार पर हुई? इन सवालों का जवाब विभागीय जांच और रिकॉर्ड सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
परिवार ने वरिष्ठ अधिकारियों से मामले में जल्द जांच कर राहत देने की मांग की है।
बयान
"राजेश पांडेय प्रभारी अधिकारी विद्युत वितरण केंद्र सेमरिया जिला सीधी,
हमे सेमरिया में आए हुए डेढ़ महीने हुए हैं हमे ये जानकारी आपके प्राइड कदम समाचार सीधी के माध्यम से प्राप्त हो रही है हम जल्द ही संबंधित मामले की विधिवत जांच कर कनेक्शन विच्छेद कर उपभोक्ता को न्याय देने का प्रयास करेंगे,साथ ही ये त्रुटि कैसे हुई उसकी भी जांच करेंगे