🚨 जब हम सब चैन की नींद सो रहे थे, तब ISRO इतिहास लिख रहा था!
30 अक्टूबर 2026 की रात 11:51 बजे श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से GSLV-F18 रॉकेट ने उड़ान भरी और NVS-03 नेविगेशन सैटेलाइट को सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित कर दिया। यह GSLV की 20वीं उड़ान थी और भारत की स्वदेशी नेविगेशन प्रणाली NavIC को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
🔍 मिसन की खास बातें:
• स्वदेशी एटॉमिक क्लॉक: NVS-03 में देश में विकसित एटॉमिक क्लॉक लगी है, जो सटीक समय और स्थिति की जानकारी देती है
• 1500 किमी तक कवरेज: NavIC सेवाएं भारत की सीमाओं से 1500 किमी तक उपलब्ध होंगी
• L1 फ्रीक्वेंसी: पहली बार L1 सिग्नल जोड़ा गया है, जिससे आम स्मार्टफोन में NavIC का इस्तेमाल आसान होगा
• 2,232 किग्रा वजन: सैटेलाइट का वजन करीब 2,232 किलोग्राम है
• 56 दिनों में दूसरी उड़ान: यह GSLV की अब तक की सबसे तेज टर्नअराउंड उड़ान है
🙏 सलाम है ISRO के वैज्ञानिकों की इस चौबीसों घंटे की तपस्या को!
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस सफलता पर ISRO को बधाई दी और कहा कि यह मिशन आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक अहम कदम है।
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Ghaziabad, Ghaziabad | Oct 31, 2026