समाहरणालय पूर्णिया
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जनसंपर्क कार्यालय,
प्रेस विज्ञप्ति:- 1296,
दिनांक 07/9/2026,
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जिला आपदा प्रबंधन के मार्गदर्शन में यूनिसेफ पटना, बिहार इंटर एजेंसी ग्रुप एवं जीपीएसवीएस के सहयोग से अमौर प्रखंड में जीविका दीदियों के लिए 'बाढ़ पूर्व तैयारी, रिस्पांस एवं रिकवरी' सहित डूबने, वज्रपात और सर्पदंश से सुरक्षा पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम में कुल 60 जीविका दीदियों के साथ धीरज कुमार एवं पंकज सिन्हा ने भाग लिया।
प्रमुख बिंदु एवं मुख्य संदेश:
6-बिंदु बाढ़ पूर्व तैयारी चेक लिस्ट: जिला सलाहकार श्री कमल कामत ने सामुदायिक स्तर पर जीविका दीदियों की भूमिका को अहम बताते हुए उत्तरजीविता थैला (सर्वाइवल किट) तैयार करने पर जोर दिया।
इसमें सूखा राशन, जरूरी दस्तावेज, दवाइयां और सुरक्षा सामग्री शामिल करने की सलाह दी गई।
विशेष सुरक्षा उपाय:- बाढ़ के दौरान गर्भवती महिलाओं के लिए प्रसव किट, धात्री माताओं एवं बच्चों के लिए भोजन-दवाओं का पूर्व प्रबंध करने तथा बच्चों के गले में नाम-पता लिखा ताबीज या आईडी पहनाने का सुझाव दिया गया ताकि गुमशुदगी से बचा जा सके।
अंतर-विभागीय समन्वय:-- बाढ़ पूर्व तैयारी और त्वरित रिस्पांस के लिए स्थानीय विभागों से नियमित संचार और अभिसरण (कन्वर्जेंस) की आवश्यकता पर बल दिया गया।
जीवन रक्षक कौशल एवं स्वास्थ्य प्रबंधन:-- प्रखंड समन्वयक श्री प्रमोद कुमार कर्मकार ने चापाकल विसंक्रमण, ओआरएस घोल बनाने, डायरिया प्रबंधन और डूबने/वज्रपात से बचाव के उपायों की जानकारी साझा की।
सर्पदंश और भ्रांतियों से बचाव:--श्री कर्मकार ने स्पष्ट किया कि दो दांतों के निशान विषैले सांप के काटने की पहचान हैं।
सर्पदंश की स्थिति में बिना समय गंवाए 'गोल्डन आवर' में सीधे नजदीकी सरकारी या सदर अस्पताल पहुंचें और झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ें।
Purnia, Bihar | Sep 7, 2026