वित्त आयोग की राशि में अनियमितता: जिला पंचायत सदस्यों के 53 लाख के प्रस्ताव ठंडे बस्ते में, कलेक्टर से शिकायत
शिवपुरी-16वें वित्त आयोग की राशि एवं वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत प्रस्तावित विकास कार्यों को लेकर जिला पंचायत शिवपुरी के तीन सदस्यों ने बड़ी अनियमितता का आरोप लगाते हुए कलेक्टर से शिकायत की है। जिला पंचायत सदस्य भारती रावत वार्ड क्रमांक 6, पुष्पांजलि पत्नी भूपेंद्र सिंह वार्ड क्रमांक 24 और मनिराम लोधी वार्ड क्रमांक 15 ने 27 अक्टूबर 2026 को कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में आवेदन प्रस्तुत कर मामले की जांच एवं नियम अनुसार कार्रवाई की मांग की है। सदस्यों ने अपने शिकायत पत्र में कहा कि जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा 16 सितंबर 2026 को पत्र जारी कर 23 सितंबर 2026 को साधारण सभा की बैठक बुलाई गई थी, बाद में 21 सितंबर को फिर पत्र जारी कर बैठक की तिथि बदलकर 24 सितंबर 2026 कर दी गई। सदस्यों का आरोप है कि बैठक की तिथि में बदलाव करते समय मध्यप्रदेश पंचायत प्रोसीजर ऑफ मीटिंग एवं कन्डक्ट ऑफ बिजनेस नियम 1994 के नियम 3(2) का उल्लंघन किया गया, जिसमें बैठक से सात दिवस पूर्व एजेंडा जारी किया जाना अनिवार्य है, इस कारण सदस्य बैठक में समुचित तैयारी के साथ उपस्थित नहीं हो सके और उनके प्रस्तावों पर विचार ही नहीं हुआ।
शिकायत में बताया गया कि 1 अक्टूबर 2026 को सदस्यों ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी को अपने क्षेत्रों में कराए जाने वाले विकास एवं निर्माण कार्यों की सूची लिखित में सौंपी थी, जिसमें लगभग 53,00,000 रुपये के विकास कार्यों का प्रस्ताव शामिल था और यह प्रस्ताव 16वें वित्त आयोग की राशि से वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना में शामिल करने के लिए दिया गया था, लेकिन 24 सितंबर की बैठक में सदस्यों द्वारा प्रस्तुत कुल 08 कार्यों में से केवल 03 कार्यों को ही कार्ययोजना में शामिल किया गया, शेष 05 कार्यों को बिना किसी कारण बताए कार्ययोजना से बाहर कर दिया गया और सदस्यों का कहना है कि उन्हें इस संबंध में न कोई कारण बताया गया और न ही कार्यवाही का विवरण उपलब्ध कराया गया। सदस्यों ने यह भी कहा कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने 15 अक्टूबर 2026 को बैठक के कार्यवाही विवरण के पालन प्रतिवेदन के संबंध में विभागों को पत्र जारी किया, पर प्रार्थीगण को इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई। प्रार्थीगण ने शिकायत में उल्लेख किया कि वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक भी मूलभूत कार्यों के लिए राशि उपलब्ध कराने हेतु आवेदन किए गए थे, पर आज तक राशि उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे उनके क्षेत्रों में विकास कार्य लंबित पड़े हैं। 21 अक्टूबर 2026 को पुनः मुख्य कार्यपालन अधिकारी को आवेदन देकर 24 सितंबर की बैठक की कार्यवाही विवरण की प्रति मांगी गई, लेकिन वह भी उपलब्ध नहीं कराई गई। अब तीनों सदस्यों ने कलेक्टर से अनुरोध किया है कि 53 लाख के शेष विकास कार्यों के प्रस्तावों को नियम अनुसार कार्ययोजना में शामिल कर स्वीकृति प्रदान की जाए, ताकि क्षेत्र में आवश्यक विकास कार्य हो सकें।
Dr Mohan Yadav
Jyotiraditya M Scindia
Collector Shivpuri