"रेल मंत्रालय से सवाल: आखिर कब खत्म होगी ट्रेनों की भीड़?
"1997 से 2026 आ गया, लेकिन ट्रेनों की हालत आज भी नहीं बदली"
बुंदेलखंड इंसाफ सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए. एस. नोमानी का बयान
बुंदेलखंड इंसाफ सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए. एस. नोमानी ने ट्रेनों में लगातार बढ़ती भीड़ पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि "बचपन से जवानी आ गई, 1997 से 2026 आ गया, लेकिन जनरल कोच और स्लीपर कोच की हालत आज तक नहीं सुधरी। आज भी ऐसा लगता है जैसे हम 1997 में ही जी रहे हैं।"
उन्होंने कहा कि आज ट्रेनों में जिस प्रकार की भीड़ देखने को मिल रही है, उससे आम यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जनरल और स्लीपर कोच में यात्रियों की संख्या क्षमता से कई गुना अधिक होती है, जिससे महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों के लिए यात्रा करना बेहद कठिन हो गया है।
उन्होंने केंद्र सरकार और भारतीय रेलवे से मांग की कि यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जनरल एवं स्लीपर कोच की संख्या बढ़ाई जाए, नई ट्रेनों का संचालन किया जाए और यात्रियों को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने कहा कि देश तेजी से विकास कर रहा है, इसलिए रेलवे व्यवस्था में भी उसी गति से सुधार होना चाहिए ताकि आम नागरिकों को भी उसका लाभ मिल सके।
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Banda, Banda | Jun 12, 2026