बाढ़ के उमानाथ घाट हो या अलख नाथ या फिर पोस्ट ऑफिस घाट या फिर बाढ़ में गंगा नदी का कोई भी घाट अक्सर डूबने की घटनाएं होती है। कोई पी कर डूब जाता है कोई तैरने के चक्कर में डूब जाता है तो कोई रील बनाने के चक्कर में डूबता है। हमें दुःख होता है क्योंकि इसमें परिजनों का कोई दोष नहीं होता और उन्हें संकट में डाल देते हैं। उनके घर का सदस्य चला जाता है ये दुखद है। हम उनलोगों से यह कहना चाहते हैं कि आपके अपने आपको बहुत चाहते हैं इसलिए ऐसा कोई काम न करें जिससे आपके परिवार को कष्ट पहुंचे। गंगा नदी में नहाते वक्त सावधानी बरतें। हां जो लोग अनजाने में गहरे पानी में चले जाते हैं और डूब जाते हैं वह काफी दुःखद है। यह व्यवस्था में कमी के कारण होता है। जिसका ध्यान प्रशासन को रखना चाहिए।
Barh, Patna | Sep 9, 2026