एक जन–एक पत्ती”: जनभागीदारी से सजेगा हिनोती पर्यटन द्वार
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वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व द्वारा अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस, 29 जुलाई 2026 के अवसर पर “एक जन–एक पत्ती: जनभागीदारी, संरक्षण की शक्ति” अभियान प्रारंभ किया गया है। इस अभियान का उद्देश्य स्थानीय समुदायों, विद्यार्थियों, नागरिकों तथा वन विभाग के कर्मचारियों को वन्यजीव संरक्षण से रचनात्मक रूप से जोड़ना है।
अभियान के अंतर्गत पत्ती के आकार की छोटी सिरेमिक टाइलें तैयार की जा रही हैं। प्रत्येक टाइल पर किसी वन्यप्राणी का चेहरा, आकृति अथवा उससे संबंधित कलात्मक प्रतीक उकेरा जा रहा है। तैयार टाइलों को पकाकर विभिन्न हरे रंगों में विकसित किया जाएगा। बाद में इन्हीं टाइलों से वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व के हिनोती पर्यटन द्वार को सजाया जाएगा, जो वर्तमान में सफेद रंग में है।
यह सज्जा केवल द्वार के सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं होगी, बल्कि जनभागीदारी से वन एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का स्थायी प्रतीक बनेगी। अभियान के अंतर्गत लगभग 24,000 पत्ती-आकृति सिरेमिक टाइलें तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इस पहल में टाइगर रिजर्व के कर्मचारी, आसपास के ग्रामों के नागरिक, स्कूलों के विद्यार्थी तथा सागर शहर के नागरिक सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। सागर, दमोह और नरसिंहपुर जिलों के विभिन्न ग्रामों एवं शैक्षणिक संस्थानों में अभियान से संबंधित गतिविधियाँ लगातार आयोजित की जा रही हैं।
वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व का यह प्रयास संरक्षण को केवल विभागीय दायित्व न मानकर जनसहभागिता से संचालित सामाजिक अभियान के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक अभिनव पहल है। प्रत्येक प्रतिभागी द्वारा बनाई गई एक पत्ती, संरक्षण के प्रति उसके व्यक्तिगत संकल्प और सामूहिक उत्तरदायित्व का प्रतीक बनेगी।