आरएमएस कार्यालय में शराब पार्टी के बाद हंगामा, सहकर्मियों में मारपीट की सूचना
आरपीएफ- जीआरपी के पहुंचने के बाद भी मामले को दबाने का प्रयास, दरवाजा खुलने पर सामने आया घटनाक्रम
कोडरमा। आरएमएस कार्यालय कोडरमा स्टेशन में कथित तौर पर चल रही शराब पार्टी के दौरान कर्मचारियों के बीच विवाद और मारपीट का मामला सामने आया है। घटना के बाद मौके पर पहुंचे आरपीएफ एवं जीआरपी कर्मियों को शुरुआत में वहां मौजूद लोगों की ओर से किसी तरह की मारपीट से इनकार किया गया, लेकिन बाद में कार्यालय का दरवाजा खुलने के बाद घटनाक्रम को लेकर कई सवाल खड़े हो गए।जानकारी के अनुसार, आरएमएस कार्यालय के इंस्पेक्शन रूम में कथित तौर पर शराब पार्टी चल रही थी। इसी दौरान कार्यालय प्रभारी प्रमोद शर्मा और उनके सहकर्मियों कुमार गौरव, नवलेश राय एवं अभिषेक के बीच किसी बात को लेकर विवाद होने की बात सामने आई है। आरोप है कि शराब के नशे में विवाद बढ़ने के बाद आपस में धक्का-मुक्की एवं मारपीट की स्थिति उत्पन्न हो गई।
घटना की जानकारी मिलने पर आरपीएफ एवं जीआरपी के जवान मौके पर पहुंचे। बताया जाता है कि उस समय वहां मौजूद लोगों ने किसी प्रकार की मारपीट होने से इनकार कर दिया। हालांकि कुछ देर बाद कार्यालय के अंदर से दरवाजा पीटने की आवाज सुनाई देने की बात कही जा रही है। इसके बाद दरवाजा खोला गया, जहां से कार्यालय प्रभारी प्रमोद शर्मा बाहर निकले। इसके बाद कथित शराब पार्टी और विवाद का मामला सामने आया। वही एलएसजी संतोष कुमार चक्रवर्ती ने बताया कि वह शाम को ही यहां पर आए थे, परंतु इस तरह की घटना की उन्हें जानकारी नहीं है। उन्होंने मामले से अपना पल्ला झाड़ लिया।
इंस्पेक्शन रूम में पार्टी को लेकर सवाल
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि आरएमएस कार्यालय के इंस्पेक्शन रूम में इस तरह की कथित शराब पार्टियां पहले भी होती रही हैं। यदि यह आरोप सही है तो सरकारी कार्यालय के परिसर में शराब का सेवन और कर्मचारियों के बीच इस प्रकार का विवाद गंभीर मामला माना जा सकता है।घटना ने कार्यालय की कार्यप्रणाली और वहां कर्मचारियों की गतिविधियों की निगरानी को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर इंस्पेक्शन रूम जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर शराब पार्टी आयोजित किए जाने की शिकायत की जांच की जरूरत महसूस की जा रही है।
जांच हुई तो सामने आ सकती है पूरी तस्वीर
घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ, कार्यालय में शराब का सेवन हुआ था या नहीं और कर्मचारियों के बीच मारपीट की स्थिति किन परिस्थितियों में बनी—इन सभी सवालों का स्पष्ट जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकता है। यदि कार्यालय परिसर में इस तरह की गतिविधियां नियमित रूप से होने की शिकायत है तो संबंधित अधिकारियों द्वारा सीसीटीवी फुटेज, मौके पर मौजूद कर्मचारियों के बयान और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा सकती है।मामला सामने आने के बाद अब निगाहें प्रशासन एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराते हैं या नहीं और आरोप सही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाती है।