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*वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान- 2026* *मीडिया राउंड टेबल कार्यक्रम का हुआ आयोजित* *श्रीयादे माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री प्रहलाद राय टाक ने जल संरक्षण के महत्व से करवाया अवगत* *कलेक्ट्रेट परिसर में किया पौधारोपण* डीडवाना-कुचामन, 3 जून। राज्य सरकार के द्वारा 25 मई से 5 जून तक आयोजित किये जा रहे वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान 2026 के अंतर्गत बुधवार को उपखंड अधिकारी कार्यालय के सभागार में श्रीयादे माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री प्रहलाद राय टाक के मुख्य आतिथ्य में एवं जिला कलक्टर श्री अवधेश मीना की अध्यक्षता में मीडिया प्रतिनिधियों के साथ मीडिया राउंड टेबल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जल संरक्षण के महत्व एवं मीडिया की भूमिका पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम में मीडिया प्रतिनिधियों के साथ आयोजित चर्चा में माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री प्रहलाद राय टाक ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में जल संरक्षण,पर्यावरण संरक्षण एवं पौधारोपण के कार्य को जन भागीदारी के साथ जन आंदोलन बनाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत जिले में जल संरक्षण से संबंधित विभिन्न गतिविधियों एवं कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, इसके तहत तालाब,बावड़ी,नहर, नाड़ी जैसे पारम्परिक जल स्त्रोतों की साफ- सफाई, रख रखाव जैसे कार्य किये गए हैं, साथ ही अभियान के तहत जल संरक्षण के प्रति जन भागीदारी बढ़ाने के लिए आमजन के सहयोग से जिला स्तर से ग्राम पंचायत स्तर तक जल पूजन, श्रमदान, वृक्ष पूजन एवं स्वच्छता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री टाक ने कहा कि राज्य सरकार ने राज्य को हरा भरा बनाने के लिए हरियालो राजस्थान अभियान की शुरुआत की है, जिसकी पूर्व तैयारी भी इस अभियान के तहत की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि जल की बूंद- बूंद को बचाना हमारा कर्तव्य हैं और आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय को जन भागीदारी के साथ जन आंदोलन का स्वरूप देने में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि आज हम जल बचाने के लिए गंभीर प्रयास नहीं करेंगे तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान का संचालन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से जल स्रोतों के संरक्षण, वर्षा जल संचयन, जल बचत एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति व्यापक जनजागरूकता पैदा की जा रही है। कार्यक्रम में जिला कलक्टर ने कहा कि हमारा जिला मारवाड क्षेत्र में आता है और यहाँ के हर व्यक्ति को जल संरक्षण का महत्व अच्छे से पता है, यहाँ पर वर्षा जल संरक्षण के लिए घर- घर में टांकों का निर्माण किया जाता रहा है। वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के माध्यम से वर्षा जल का संरक्षण एवं जल स्त्रोतों के रख रखाव में आमजन की भागीदारी को बढाना है ताकि जल संरक्षण की दिशा में हम आत्मनिर्भर बन सके। इस अवसर पर वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान 2026 के तहत जिले में अब तक आयोजित विभिन्न गतिविधियों, श्रमदान कार्यक्रमों, जल स्रोतों की सफाई, पौधरोपण, जनजागरूकता रैलियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों तथा अन्य नवाचारों की विस्तृत जानकारी मीडिया प्रतिनिधियों को दी गई। कार्यक्रम में पत्रकारों ने भी अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत किए तथा जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने में सहयोग का विश्वास दिलाया। *कलेक्ट्रेट परिसर में किया पौधारोपण, पेडों के बांधे परिंडे* इससे पूर्व श्री यादे माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री प्रहलाद राय टाक एवं जिला कलक्टर अवधेश मीना सहित जिला स्तरीय अधिकारियों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में श्रमदान कर पौधारोपण किया और पक्षियों के लिए परिण्डे बांधे। इस अवसर पर नगर परिषद आयुक्त भगवान सिंह, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता सुनील मानवताल, कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक हरिओम सिंह राणा,जलग्रहण एवं भू-संरक्षण विभाग के अधीक्षण अभियंता दिनेश गोठवाल सहित अधिकारी एवं कर्मचारी तथा जिले के विभिन्न समाचार पत्रों एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार उपस्थित रहे। ------------

Didwana, Nagaur | Jun 3, 2026

MORE NEWS

*पुलिस अधीक्षक, जिला डीडवाना-कुचामन,  डॉ. प्यारे लाल शिवरान (आई.पी.एस.) के निर्देशन में* 

🔹 आज साइबर  जागरूकता दिवस  के अवसर पर जिलेभर में विभिन्न स्थानों पर जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
🔹प्रत्येक माह के प्रथम बुधवार को *साइबर जागरूकता दिवस*  के रूप में मनाया जाता है।
🔹इस दौरान तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने एवं डिजिटल सुरक्षा के लिये जन जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।
🔹छात्रों, युवाओं, आमजन, महिलाओं को साइबर अपराधों और उनसे बचाव के बारे में जागरूक किया गया।

*पुलिस अधीक्षक, जिला डीडवाना-कुचामन, डॉ. प्यारे लाल शिवरान (आई.पी.एस.) के निर्देशन में* 🔹 आज साइबर जागरूकता दिवस के अवसर पर जिलेभर में विभिन्न स्थानों पर जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। 🔹प्रत्येक माह के प्रथम बुधवार को *साइबर जागरूकता दिवस* के रूप में मनाया जाता है। 🔹इस दौरान तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने एवं डिजिटल सुरक्षा के लिये जन जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। 🔹छात्रों, युवाओं, आमजन, महिलाओं को साइबर अपराधों और उनसे बचाव के बारे में जागरूक किया गया।

Didwana, Nagaur | Jun 3, 2026

जिला कलक्टर अवधेश मीना की संवेदनशील पहल

डचेन मस्कुलर डिस्ट्रोफी से पीड़ित 16 वर्षीय गर्वित बना एक दिन का जिला कलेक्टर

डीडवाना-कुचामन, 3 जून। 
जिला मुख्यालय के कलेक्ट्रेट कार्यालय में आज एक ऐसी अनूठी और भावुक कर देने वाली मानवीय पहल देखने को मिली, जिसकी हर तरफ तारीफ हो रही है। जिला कलक्टर अवधेश मीणा की सहृदयता के चलते लाडनूं क्षेत्र के ग्राम रोडू के रहने वाले 15 वर्षीय बालक गर्वित रेवाड़ का आईएएस बनने का सपना सच हो गया। गर्वित को एक दिन के लिए डीडवाना-कुचामन जिले की कमान सौंपी गई और उसने बाकायदा जिला कलेक्टर की कुर्सी संभालकर अधिकारियों की बैठक ली।

इस विशेष दिन की शुरुआत बेहद सम्मानजनक रही। गर्वित रेवाड़ को पूरे प्रोटोकॉल के साथ राजकीय वाहन से कलेक्ट्रेट लाया गया। जैसे ही गाड़ी कलेक्ट्रेट परिसर में रुकी, खुद जिला कलेक्टर अवधेश मीणा ने आगे बढ़कर गुलदस्ता भेंट किया और गर्मजोशी के साथ 'एक दिन के कलेक्टर' का स्वागत और अभिनंदन किया। इसके बाद गर्वित को आदर सहित कलेक्टर के मुख्य चेंबर में ले जाया गया, जहां उसने जिला कलेक्टर की मुख्य कुर्सी संभाली।

कुर्सी संभालने के बाद एक दिन के जिला कलेक्टर गर्वित रेवाड़ ने कलेक्ट्रेट के विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ एक आवश्यक बैठक की। बैठक में गर्वित ने बेहद परिपक्वता दिखाते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि:जनता की जो भी शिकायतें और समस्याएं हैं, उनका निस्तारण सबसे पहले और त्वरित गति से होना चाहिए। कलेक्टर की कुर्सी पर बैठने वाले का पहला धर्म जनता की बात सुनना है। इस दौरान कई स्थानीय नागरिकों ने गर्वित को अपनी समस्याओं के ज्ञापन सौंपे और विभिन्न कार्यक्रमों में आने का निमंत्रण भी दिया।

*गंभीर बीमारी पर भारी पड़ा हौसला: 10वीं में हासिल किए 82.83% अंक*
24 अगस्त 2010 को जन्मे गर्वित की कहानी जितनी भावुक करने वाली है, उतनी ही प्रेरणा से भरी है। गर्वित डचेन मस्कुलर डिस्ट्रोफी (डीएमडी) नामक एक बेहद गंभीर और लाइलाज जेनेटिक बीमारी से ग्रसित है। इस बीमारी के कारण उसके शरीर का कोई भी अंग हाथ की हथेली और मस्तिष्क को छोड़कर काम नहीं करता है। शुरुआती 7-8 साल तक गर्वित बिल्कुल सामान्य बच्चों की तरह खेलता-कूदता था, लेकिन इसके बाद अचानक बीमारी के लक्षण दिखने लगे। शारीरिक अक्षमता के बावजूद गर्वित का दिमाग बेहद शार्प है। उसने हाल ही में घोषित हुए साल 2026 के कक्षा 10 वीं के परीक्षा परिणामों में 82.83% अंक हासिल कर सबको चौंका दिया। शारीरिक रूप से लिखने में असमर्थ गर्वित प्रश्नों के उत्तर बोलता था और उसकी जगह एक 9वीं कक्षा के छात्र ने परीक्षा में उत्तर लिखे।

*पिता की प्रेरणा और आईएएस बनने का सपना*
गर्वित के पिता एक सरकारी शिक्षक हैं और वर्तमान में खुद आरएएस परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। गर्वित ने बताया,मेरे घर में हमेशा से ही शिक्षा और प्रशासनिक सेवाओं का माहौल रहा है। मेरे पिताजी ही मेरी प्रेरणा हैं। उन्हें देखकर ही मेरे मन में देश की सेवा करने और आईएएस बनने का सपना जागा।मीडिया से बात करते हुए गर्वित ने देश के युवाओं को एक बेहद मजबूत संदेश दिया। उसने कहा:चाहे लाइफ में कितनी भी बड़ी परेशानी क्यों न हो, इंसान को कभी हार नहीं माननी चाहिए। अपनी पढ़ाई और काम को 100% दो। अगर आप पूरी लगन से मेहनत करोगे, तो वह मेहनत कभी बेकार नहीं जाएगी; सफलता के रूप में एक दिन उसका रिवॉर्ड (पुरस्कार) जरूर मिलेगा।

इस संवेदनशील पहल पर डीडवाना-कुचामन के जिला कलेक्टर अवधेश मीणा ने कहा गर्वित के माता-पिता कुछ दिन पहले मुझसे मिले थे और उन्होंने बच्चे की इस इच्छा के बारे में बताया था। डीएमडी जैसी गंभीर बीमारी के बावजूद इस बच्चे ने 10वीं में जो सफलता हासिल की है, वह हमारे पूरे जिले के लिए गर्व की बात है। इसे एक दिन का कलेक्टर बनाने का उद्देश्य यही था कि समाज और जिले के अन्य युवा इसे देखकर मोटिवेट हो सकें। जिंदगी में परिस्थितियां कैसी भी हों, हमें कभी भी गिव अप (हार मानना) नहीं करना चाहिए।"

जिला कलक्टर अवधेश मीना की संवेदनशील पहल डचेन मस्कुलर डिस्ट्रोफी से पीड़ित 16 वर्षीय गर्वित बना एक दिन का जिला कलेक्टर डीडवाना-कुचामन, 3 जून। जिला मुख्यालय के कलेक्ट्रेट कार्यालय में आज एक ऐसी अनूठी और भावुक कर देने वाली मानवीय पहल देखने को मिली, जिसकी हर तरफ तारीफ हो रही है। जिला कलक्टर अवधेश मीणा की सहृदयता के चलते लाडनूं क्षेत्र के ग्राम रोडू के रहने वाले 15 वर्षीय बालक गर्वित रेवाड़ का आईएएस बनने का सपना सच हो गया। गर्वित को एक दिन के लिए डीडवाना-कुचामन जिले की कमान सौंपी गई और उसने बाकायदा जिला कलेक्टर की कुर्सी संभालकर अधिकारियों की बैठक ली। इस विशेष दिन की शुरुआत बेहद सम्मानजनक रही। गर्वित रेवाड़ को पूरे प्रोटोकॉल के साथ राजकीय वाहन से कलेक्ट्रेट लाया गया। जैसे ही गाड़ी कलेक्ट्रेट परिसर में रुकी, खुद जिला कलेक्टर अवधेश मीणा ने आगे बढ़कर गुलदस्ता भेंट किया और गर्मजोशी के साथ 'एक दिन के कलेक्टर' का स्वागत और अभिनंदन किया। इसके बाद गर्वित को आदर सहित कलेक्टर के मुख्य चेंबर में ले जाया गया, जहां उसने जिला कलेक्टर की मुख्य कुर्सी संभाली। कुर्सी संभालने के बाद एक दिन के जिला कलेक्टर गर्वित रेवाड़ ने कलेक्ट्रेट के विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ एक आवश्यक बैठक की। बैठक में गर्वित ने बेहद परिपक्वता दिखाते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि:जनता की जो भी शिकायतें और समस्याएं हैं, उनका निस्तारण सबसे पहले और त्वरित गति से होना चाहिए। कलेक्टर की कुर्सी पर बैठने वाले का पहला धर्म जनता की बात सुनना है। इस दौरान कई स्थानीय नागरिकों ने गर्वित को अपनी समस्याओं के ज्ञापन सौंपे और विभिन्न कार्यक्रमों में आने का निमंत्रण भी दिया। *गंभीर बीमारी पर भारी पड़ा हौसला: 10वीं में हासिल किए 82.83% अंक* 24 अगस्त 2010 को जन्मे गर्वित की कहानी जितनी भावुक करने वाली है, उतनी ही प्रेरणा से भरी है। गर्वित डचेन मस्कुलर डिस्ट्रोफी (डीएमडी) नामक एक बेहद गंभीर और लाइलाज जेनेटिक बीमारी से ग्रसित है। इस बीमारी के कारण उसके शरीर का कोई भी अंग हाथ की हथेली और मस्तिष्क को छोड़कर काम नहीं करता है। शुरुआती 7-8 साल तक गर्वित बिल्कुल सामान्य बच्चों की तरह खेलता-कूदता था, लेकिन इसके बाद अचानक बीमारी के लक्षण दिखने लगे। शारीरिक अक्षमता के बावजूद गर्वित का दिमाग बेहद शार्प है। उसने हाल ही में घोषित हुए साल 2026 के कक्षा 10 वीं के परीक्षा परिणामों में 82.83% अंक हासिल कर सबको चौंका दिया। शारीरिक रूप से लिखने में असमर्थ गर्वित प्रश्नों के उत्तर बोलता था और उसकी जगह एक 9वीं कक्षा के छात्र ने परीक्षा में उत्तर लिखे। *पिता की प्रेरणा और आईएएस बनने का सपना* गर्वित के पिता एक सरकारी शिक्षक हैं और वर्तमान में खुद आरएएस परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। गर्वित ने बताया,मेरे घर में हमेशा से ही शिक्षा और प्रशासनिक सेवाओं का माहौल रहा है। मेरे पिताजी ही मेरी प्रेरणा हैं। उन्हें देखकर ही मेरे मन में देश की सेवा करने और आईएएस बनने का सपना जागा।मीडिया से बात करते हुए गर्वित ने देश के युवाओं को एक बेहद मजबूत संदेश दिया। उसने कहा:चाहे लाइफ में कितनी भी बड़ी परेशानी क्यों न हो, इंसान को कभी हार नहीं माननी चाहिए। अपनी पढ़ाई और काम को 100% दो। अगर आप पूरी लगन से मेहनत करोगे, तो वह मेहनत कभी बेकार नहीं जाएगी; सफलता के रूप में एक दिन उसका रिवॉर्ड (पुरस्कार) जरूर मिलेगा। इस संवेदनशील पहल पर डीडवाना-कुचामन के जिला कलेक्टर अवधेश मीणा ने कहा गर्वित के माता-पिता कुछ दिन पहले मुझसे मिले थे और उन्होंने बच्चे की इस इच्छा के बारे में बताया था। डीएमडी जैसी गंभीर बीमारी के बावजूद इस बच्चे ने 10वीं में जो सफलता हासिल की है, वह हमारे पूरे जिले के लिए गर्व की बात है। इसे एक दिन का कलेक्टर बनाने का उद्देश्य यही था कि समाज और जिले के अन्य युवा इसे देखकर मोटिवेट हो सकें। जिंदगी में परिस्थितियां कैसी भी हों, हमें कभी भी गिव अप (हार मानना) नहीं करना चाहिए।"

Didwana, Nagaur | Jun 3, 2026

नव नियुक्त जिला पुलिस अधीक्षक ने किया कार्यभार ग्रहण ली एंट्री #live #viral #didwanakuchaman

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Didwana, Nagaur | Jun 2, 2026