एसडी पीजी कॉलेज पानीपत की एनएसएस, यूथ रेड क्रॉस और रोटरी पानीपत मिडटाउन के संयुक्त तत्वाधान में मेगा रक्तदान शिविर का आयोजन
पानीपत, 25 सितम्बर.
एसडी पीजी कॉलेज पानीपत की राष्ट्रीय सेवा योजना, यूथ रेड क्रॉस और रोटरी पानीपत मिडटाउन के संयुक्त तत्वाधान में मेगा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया जिसमे कॉलेज के एनएसएस कार्यकर्ताओं, छात्र-छात्राओं, स्टाफ सदस्यों और पानीपत के नागरिकों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और रक्त एकत्रित किया गया । रक्तदान शिविर की विधिवत शुरुआत मुख्य अतिथि श्री प्रमोद विज विधायक पानीपत सिटी ने की । उनके साथ अतिविशिष्ट उपस्थिति में दिनेश गोयल कॉलेज प्रधान, विकास छाछरा प्रोजेक्ट चेयरमैन रोटरी पानीपत मिडटाउन, रवि दिलोरी, संजीव गुप्ता प्रधान, संदीप खेर उप-प्रधान, गुरमीत सिंह दुआ सचिव, नितेश डावर, एसके चुग, विशाल गोयल, पुनीत गर्ग, कुणाल गुप्ता, शक्ति सिंह, कॉलेज के पूर्व प्रधान डॉ एसएन गुप्ता, रणजीत भाटिया, नरेंद्र भाटिया, पूर्व महापौर भूपेन्द्र सिंह, विपिन फुटेला और संजय गुप्ता रक्तदान शिविर में उपस्थित रहे और उन्होनें माननीय मुख्य अतिथि का स्वागत किया । ।
कॉलेज के यूथ रेड क्रॉस प्रभारी डॉ राकेश गर्ग और एनएसएस अधिकारी डॉ संतोष कुमारी भी रक्दान शिविर में रक्तदाताओं कि मदद करते नज़र आये । विदित रहे कि एसडी पीजी कॉलेज और रोटरी पानीपत मिडटाउन विगत कई वर्षों से रक्तदान शिविरों का नियमित आयोजन करता रहा है और इस एकत्रित रक्त का इस्तेमाल गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों, दुर्घटनाओं के शिकार लोगों और शस्त्र सेनाओं के अधिकारियों को बचाने के लिए किया जाता है । मेगा-रक्तदान शिविर में रक्तदान करने वाले छात्र-छात्राओं को रिफ्रेशमेंट, गिफ्ट्स और प्रमाण पत्र वितरित किये गए।
श्री प्रमोद विज विधायक पानीपत सिटी ने रक्तदान को महादान बताते हुए कहा की एक वयस्क पुरुष एवं स्त्री में 5 से 6 लीटर तक रक्त होता है और कोई भी व्यक्ति हर तीन महीने में एक बार रक्तदान कर सकता है । उन्होनें कहा कि 450 मिली रक्त से तीन लोगों का जीवन बचाया जा सकता है । भारत में प्रत्येक दो सेकंड में किसी न किसी व्यक्ति को रक्त की आवश्यकता होती है परन्तु दुखद पहलू यह है कि भारत में रक्तदान योग्य व्यक्तियों में से सिर्फ चार प्रतिशत लोग ही रक्तदान करते हैं । उन्होनें इस कैंप में रक्तदान करने वाले हर युवा की प्रशंसा की और कहा कि रक्तदान करने के बाद किसी का जीवन बचने से हम में आत्मसंतोष की दैवीय भावना उत्पन्न होती है । मानव जीवन की रक्षा हेतू रक्तदान परमात्मा के प्रति हमारी सर्वोत्तम अराधना है ।
विकास छाछरा प्रोजेक्ट चेयरमैन रोटरी पानीपत मिडटाउन ने रक्तदान के महत्त्व पर बोलते हुए कहा कि रक्त हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण तत्व है । रक्त का विकल्प केवल और केवल रक्त ही है । बढती दुर्घटनाओं के मद्देनजर आज रक्त की मांग में काफी वृद्धि हुई है । हस्पताल भी रक्त के बिना कुछ नहीं कर सकते है । रक्तदान करके हम चिकित्सकों के काम में काफी मदद कर सकते है । उन्होनें कहा कि रक्तदान के हमारे शरीर को कई फायदे भी होते हैं । जब हम रक्तदान करते हैं तो हमारे खुद के शरीर में कैंसर जैसी कई बीमारियों के खतरे कम हो जाते है । रक्तदान से लिवर और पाचन ग्रंथि भी तंदुरस्त रहती है और दिल का स्वास्थ्य काफी अच्छा रहता है । रक्तदान से लाखों जानें बच सकती हैं और रक्त उपलब्ध रहे तो किसी का भी जीवन बचाया जा सकता है । रक्तदान करने से नयी रक्त कोशिकाओं के उत्पादन में वृद्धि होती है । नियमित रक्तदान करने वाला व्यक्ति आवश्यकता पड़ने पर सहजता से रक्त पा भी सकता है । उन्होनें कहा कि रक्तदान के मिथकों और भ्रांतियों को तोड़कर ही हम रक्तदान करने के भय से मुक्त हो सकते है । रक्त की न कोई जाति और न कोई धर्म होता है बल्कि यह समाज सेवा करने का सर्वश्रेष्ठ साधन है ।
संजीव गुप्ता प्रधान ने कहा कि दुनिया भर में जीवन बचाने में रक्तदान की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है । अधिकांश स्वास्थ्य जटिलताओं में रक्त की आवश्यकता सबसे पहले पड़ती हैं । जीवन को बचाने, रोगी की सर्जरी में मदद, कैंसर के उपचार, पुरानी बीमारियों और अन्य स्वास्थ्य संबंधी खतरों के लिए रक्दान अत्यधिक आवश्यक है । उन्होनें कहा कि साल में एक से ज्यादा बार रक्तदान करना भी सुरक्षित है । रक्त का किसी लेबोरेटरी या फैक्ट्री में निर्माण नहीं किया जा सकता है । यह केवल और केवल से ही आ सकता है । भारत में हर 2 सेकेंड में रक्तदान की जरूरत होती है और एक यूनिट रक्त से 3 लोगों की जान बचाई जा सकती है ।
संदीप खेर उप-प्रधान ने कहा कि ब्लड डोनेशन कैंप को आयोजित करने का मूल उद्देश्य सामान्य जन में असामान्य दैवीय भावों को उत्पन्न करना है । रक्तदान शिविर के माध्यम से छात्र-छात्राए खुद को देश और समाज से जुड़ा हुआ महसूस करते है । रक्तदाताओं द्वारा दिया गया रक्त किसी दुर्घटना के शिकार व्यक्ति की जान बचाने में तथा किसी बीमार की मदद में सहायक सिद्ध होता है । मानवता से भरे इस नेक कार्य जैसा पुनीत कार्य अन्यत्र कोई नहीं है।