#गाजीपुर
गंगा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही तेज बढ़ोतरी का असर अब तटवर्ती इलाकों में साफ दिखाई देने लगा है। मोहम्मदाबाद तहसील क्षेत्र के बच्छलपुर-हरिहरपुर गंगा घाट के पास बांधकर रखे गए पीपा पुल के करीब 40 से 50 गार्डर से जुड़े पीपे सोमवार की आधी रात अचानक लोहे के रस्से खुलने के बाद गंगा की तेज धारा में बह गए। पीपों के गंगा में बहने की सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग में हड़कंप मच गया। विभागीय कर्मचारियों ने नाव के सहारे उन्हें सुरक्षित निकालने का प्रयास शुरू किया, लेकिन तेज प्रवाह के कारण पीपे करीब 10 किलोमीटर दूर फिरोजपुर के पास तक पहुंच गए।
बच्छलपुर-रामपुर गंगा तट पर लोक निर्माण विभाग की ओर से पीपा पुल का निर्माण कराया जाता है। यह पुल मोहम्मदाबाद तहसील क्षेत्र को गंगा पार सेवराई और जमानिया तहसील के साथ-साथ बिहार के तटवर्ती गांवों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बरसात का मौसम शुरू होने के बाद 15 जून के पश्चात पीपा पुल को खोलकर उसके पीपों और गार्डरों को हरिहरपुर घाट के पास लोहे के तार व रस्सियों की मदद से बांधकर सुरक्षित रखा जाता है। इनकी देखरेख की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों की होती है।
गंगा के जलस्तर में अचानक तेजी आने और प्रवाह बढ़ने के बीच किनारे बांधे गए पीपे अपने स्थान से खुलकर बहने लगे। स्थानीय लोगों ने जब पीपों को गंगा की धारा में बहते देखा तो तत्काल लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों को इसकी सूचना दी। हालांकि विभागीय टीम के मौके पर पहुंचने तक पीपे सेमरा और शेरपुर होते हुए फिरोजपुर के पास तक पहुंच चुके थे।
इस मामले में अपर जिलाधिकारी वेद सिंह चौहान ने बताया कि सिंचाई विभाग की ओर से जानकारी दी गई है कि बाढ़ के दौरान पीपों को हटाया जाता है। इस बार भी करीब 18 से 20 पीपे बह गए थे, जिन्हें बाद में विभागीय कब्जे में ले लिया गया। उन्होंने पीपा बहने की घटना में विभागीय लापरवाही से इनकार किया।
#fbreelsvideo #trendingreels #nonfollowers #viralreel #viralpost #GhazipurNews #viralnews