चौपाल-देवत सड़क हादसे में घायल हार्दिक की मौत, बेटे के गम में पिता ने लिया अंगदान का फैसला।
चौपाल-देवत सड़क हादसे से जुड़ी इस वक्त की बेहद दुखद खबर सामने आई है। हादसे में गंभीर रूप से घायल हार्दिक चौहान ने IGMC शिमला में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया है। हादसे में एक बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि सात अन्य बच्चे घायल हुए थे। इनमें हार्दिक की हालत सबसे नाजुक बताई जा रही थी।
हार्दिक की मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है। लेकिन इस असहनीय दुख के बीच हार्दिक के पिता ने ऐसा फैसला लिया है, जो समाज के लिए एक बड़ी मिसाल बन गया है। बेटे की मौत के गम के बीच पिता ने हार्दिक के अंगदान का निर्णय लिया है, ताकि उसके अंग किसी जरूरतमंद को नई जिंदगी दे सकें।
चौपाल-देवत सड़क हादसे ने एक बार फिर पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। हादसे के बाद घायल हार्दिक चौहान की हालत बेहद गंभीर बनी हुई थी। उसे बेहतर उपचार के लिए IGMC शिमला लाया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
हार्दिक की मौत की खबर जैसे ही परिवार और क्षेत्रवासियों को मिली, हर तरफ शोक की लहर दौड़ गई। एक परिवार ने अपना मासूम बेटा खो दिया।
लेकिन इस गहरे दुख के बीच हार्दिक के पिता ने मानवता की एक ऐसी मिसाल पेश की है, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। बेटे को खोने के बावजूद उन्होंने उसके अंगदान का फैसला लिया है।
एक पिता के लिए इससे बड़ा दुख शायद ही कोई हो, लेकिन इसी दुख की घड़ी में लिया गया यह फैसला किसी दूसरे परिवार के लिए उम्मीद की किरण बन सकता है।
गौरतलब है कि चौपाल-देवत सड़क हादसे में एक बच्ची ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया था, जबकि सात अन्य बच्चे घायल हुए थे। हादसे के बाद से ही हार्दिक की हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी।
अब हार्दिक की मौत ने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया है। वहीं, पिता के अंगदान के फैसले ने इस दुखद घटना के बीच मानवता और संवेदनशीलता की एक नई मिसाल पेश की है।
न्यूज टुडे हिमाचल ब्यूरो, चौपाल