रानीगंज तहसील का भैंसौना गांव एक बार फिर से चर्चाओं में है। कभी विकास की रोशनी से अछूते इस गांव को अपनी सफलता से पहली बार जिले तक पहचान दिलाई। यह गांव आज प्रयागराज के प्रख्यात लैप्रोस्कोपिक सर्जन, नारायण स्वरूप हॉस्पिटल के संस्थापक संचालक डॉ राजीव सिंह एवं स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ सोनिया सिंह और उनके परिवार की पहचान है। इस परिवार में कई एमबीबीएस और विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत लोगों से जाना जाता है। 18 जुलाई 1973 को इस छोटे से गाँव में जन्में डॉ राजीव सिंह की शुरुवाती शिक्षा सरकारी प्राइमरी स्कूल से शुरू की थी। उसके बाद थोड़े से संसाधन में सीपीएमटी की परीक्षा में अपनी मेहनत से सफलता हासिल की। एमबीबीएस बनने के बाद उन्होंने अपनी काबलियत से जल्द ही एक काबिल डॉक्टर के रूप स्थापित कर लिया। बड़े भाई की इस सफलता के बाद छोटे भाई डा कमल प्रताप सिंह ने भी एमबीबीएस करके डॉक्टर बन गए। इसके बाद डा राजीव सिंह ने किराए की बिल्डिंग में एक छोटे से नारायण स्वरूप हॉस्पिटल की स्थापना की, जो आज मुंडेरा मंडी में सात मंजिल के अस्पताल का रूप ले चुका है। वह आज प्रयागराज के जाने माने चिकित्सक के रूप में स्थापित है। माता पिता के नक्शे कदम और परिवार में शिक्षा के महत्व को देखते हुए बेटी सुश्री जोयना सिंह ने भी NEET MBBS में सफलता अर्जित करते हुए परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया। बेटी ने भी अपने माता पिता के नक्शे कदम पर चलकर मरीजों की सेवा करने जज्बा लेकर आगे बढ़ रही है। अब इस सफलता ने बेटी ने परिवार में 6th MBBS बनने की ओर कदम बढ़ा दिया! परिवार को इस उपलब्धि अर्जित करने पर ढेर सारी बधाइयां एवं शुभकामनाएं!! वहीं इस सफलता पर अधिवक्ताओं और सामाजिक लोगों ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
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