हुनर का महासंग्राम, श्रीनगर के सितारे बनने के लिए ऑडिशन में उमड़ा प्रतिभाओं का सैलाब
गायन और नृत्य में 125 प्रतिभागियों ने दिखाया हुनर, निष्पक्ष परिणाम के लिए बाहर से बुलाए गए विशेषज्ञ निर्णायक, बैकुंठ चतुर्दशी मेले में सजेगा फाइनल का मंच
श्रीनगर गढ़वाल। किसी ने अपनी सुरीली आवाज से निर्णायकों का ध्यान खींचा तो किसी ने शानदार नृत्य प्रस्तुति से मंच पर खूब तालियां बटोरीं। बच्चों और युवाओं के जोश, उत्साह और प्रतिभा से बुधवार का दिन गुलजार रहा। मौका था बैकुंठ चतुर्दशी मेला एवं विकास प्रदर्शनी-2026 के प्रमुख आकर्षण ‘श्रीनगर के सितारे’ गायन एवं नृत्य प्रतियोगिता के ऑडिशन का। ऑडिशन में शहर और आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। अब इन्हीं प्रतिभागियों में से चयनित फाइनलिस्ट बैकुंठ चतुर्दशी मेले के मंच पर अपनी कला का जलवा बिखेरेंगे।
इस बार प्रतियोगिता को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए नगर निगम की ओर से निर्णायक मंडल में विशेष रूप से बाहरी विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया है। गायन प्रतियोगिता के निर्णायक दिनेश सिंह रावत, प्रशिक्षक, प्रसार प्रशिक्षण केंद्र पौड़ी तथा शिवमूर्ति राणा, सहायक अध्यापक संगीत, राजकीय इंटर कॉलेज बहेड़ाखाल रहे। वहीं नृत्य प्रतियोगिता के निर्णायक के रूप में रंगकर्मी गौरव गैरोला और पीयूष मंद्रवाल ने प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया।
प्रतियोगिता में प्रतिभागियों का आंकड़ा भी उत्साहजनक रहा। जूनियर वर्ग के नृत्य में 32, गायन में 4, सीनियर वर्ग के नृत्य में 35 और सीनियर वर्ग के गायन में 54 प्रतिभागियों ने ऑडिशन दिया। इस तरह कुल 125 प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। निर्णायकों के मूल्यांकन के आधार पर गायन और नृत्य की अलग-अलग विधाओं में फाइनलिस्ट का चयन किया जाएगा, जो मेले के दौरान ‘श्रीनगर के सितारे’ का खिताब पाने के लिए अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
ऑडिशन के दौरान महापौर आरती भंडारी ने निर्णायकों का स्वागत किया और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं में प्रतियोगिता को लेकर जिस तरह का उत्साह और आत्मविश्वास देखने को मिला है, वह बेहद उत्साहजनक है। श्रीनगर और आसपास के क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ उन्हें उचित मंच और अवसर देने की है। ‘श्रीनगर के सितारे’ इसी दिशा में नगर निगम की एक पहल है, जिसके माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी कला दिखाने और आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।
महापौर आरती भंडारी ने कहा कि प्रतियोगिता में निष्पक्षता और पारदर्शिता हमारी प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से निर्णायकों को बाहर से आमंत्रित किया गया है, ताकि सभी प्रतिभागियों का मूल्यांकन उनकी कला, मेहनत और प्रस्तुति के आधार पर हो। हमारा प्रयास है कि किसी भी प्रतिभागी के साथ पक्षपात न हो और योग्य प्रतिभाओं को आगे आने का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि बैकुंठ चतुर्दशी मेले के मंच पर इन्हीं बच्चों और युवाओं के बीच से श्रीनगर के सितारे चुने जाएंगे। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को उन्होंने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हार-जीत से बढ़कर अपनी प्रतिभा को मंच पर प्रस्तुत करना और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर नगर निगम के पार्षद विजय चमोली, नरेंद्र रावत, राजकुमार, रमेश रमोला, राजेंद्र नेगी, अनुराग चौहान, दिनेश पटवाल सहित नगर निगम के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
अब सबकी निगाहें फाइनल मुकाबले पर टिकी हैं। देखना दिलचस्प होगा कि किसकी आवाज में सबसे ज्यादा जादू होगा और किसके कदमों की थिरकन दर्शकों का दिल जीत पाएगी। बैकुंठ चतुर्दशी मेले में एक बार फिर श्रीनगर की प्रतिभाएं अपने हुनर से शहर का नाम रोशन करने को तैयार हैं।
Parliament Street, New Delhi | Nov 4, 2026