तंत्र-मंत्र का झांसा... लाल पोटली में बांधे सोने के गहने और हो गए फरार!
देवास पुलिस ने 8 दिन में खोला ठगी का राज, 3 हजार किलोमीटर पीछा कर राजस्थान से दो आरोपी गिरफ्तार
देवास। घर की बाधा दूर करने और तांत्रिक क्रिया से समस्या का समाधान करने का झांसा... पहले 2,100 रुपए लिए... फिर घर पहुंचकर तांत्रिक क्रिया का नाटक किया। महिला से सोने के आभूषण लिए... आभूषणों को लाल कपड़े की पोटली में बांधा और कहा... “कल वापस मिल जाएंगे।” महिला अगले दिन बताई गई जगह पर पहुंची... तांत्रिक क्रिया हुई... लाल पोटली भी वापस मिल गई... लेकिन घर पहुंचकर जब पोटली खोली गई तो महिला के होश उड़ गए... पोटली में सोने के गहने नहीं थे... गहने गायब थे।
महिला जब वापस आरोपियों के ठिकाने पर पहुंची तो वहां ताला लगा हुआ था... मामला देवास के सिविल लाइन थाने पहुंचा... पुलिस ने केस दर्ज किया और शुरू हुई उन कथित तांत्रिकों की तलाश...।
200 से ज्यादा CCTV... और खुलती गई कहानी...
पुलिस टीम ने घटनास्थल से लेकर आरोपियों की गतिविधियों से जुड़े 200 से ज्यादा CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले... एक-एक फुटेज को जोड़ते हुए पुलिस आरोपियों के पीछे बढ़ती गई... तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर की सूचना से पुलिस को सुराग मिला... सुराग पहुंचा अहमदाबाद... लेकिन आरोपी वहां नहीं मिले... पुलिस ने पीछा जारी रखा... अहमदाबाद से राजस्थान...
फिर पाली और जोधपुर। करीब 3,000 किलोमीटर की पड़ताल के बाद पुलिस आखिरकार आरोपियों तक पहुंच गई।
राजस्थान से दबोचे गए दोनों आरोपी
पुलिस ने मामले में प्रदीप जोशी, उम्र 36 वर्ष निवासी पिपाड़ शहर, जोधपुर और विनोद कुमार जोशी, उम्र 42 वर्ष निवासी पिपाड़ शहर, जोधपुर को गिरफ्तार किया।
पूछताछ के बाद आरोपियों की निशानदेही पर राजस्थान के पाली स्थित विनोद कुमार के घर से महिला से ठगी किए गए पूरे सोने के आभूषण बरामद कर लिए गए। पुलिस के अनुसार बरामद मशरुका की कीमत करीब 3 लाख रुपए है। इसमें सोने के टॉप्स, झुमकी, बड़ा मंगलसूत्र पेंडल, दो छोटे मंगलसूत्र पेंडल और 18 मोती शामिल हैं। इसके अलावा तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।
अंधविश्वास बना ठगी का हथियार
इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि अंधविश्वास किस तरह ठगों के लिए हथियार बन जाता है।
घर की परेशानी दूर करने, बाधा हटाने या तांत्रिक क्रिया से समाधान का दावा करने वाले लोगों के झांसे में आकर लोग अपनी मेहनत की कमाई और कीमती सामान तक गंवा देते हैं।
देवास पुलिस की इस कार्रवाई में खास बात यह रही कि शिकायत के महज 8 दिन के भीतर पुलिस ने CCTV, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से देवास से गुजरात और राजस्थान तक आरोपियों का पीछा किया और आखिरकार उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जांच जारी है और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।