सड़क हादसे में बेटे की मौत के बाद मां ने भी दम तोड़ दिया। बेटे की 17 फरवरी को इलाज के दौरान मौत हो गई, वहीं 23 फरवरी की सुबह मां ने भी अंतिम सांस लीं। पाली शहर के इंद्रा कॉलोनी विस्तार निवासी 75 साल की फईमन बानो बीपी-शुगर की मरीज थी। तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें इलाज के लिए पाली के बांगड़ हॉस्पिटल लाए। वहां से 12 फरवरी 2026 को उन्हें जोधपुर रेफर किया था।