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फर्रुखाबाद - सिटी मजिस्ट्रेट पारुल तरार का अवैध बिल्डिंगों पर कड़ा रुख।

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पुलिस अधीक्षक फतेहगढ़ के निर्देशन में “ऑपरेशन रक्षा व बाल श्रम मुक्त” अभियान के तहत #PS_AHT टीम द्वारा रेलवे स्टेशन फर्रूखाबाद एवं नगर क्षेत्र में बाल श्रम,बाल विवाह, बाल तस्करी व बाल भिक्षावृत्ति के प्रति महिलाओं एवं बच्चों को जागरूक किया गया। हेल्पलाइन 1098, 1090, 112 व 1930 की जानकारी दी गई। #FatehagrhPolice #UPPolice

पुलिस अधीक्षक फतेहगढ़ के निर्देशन में “ऑपरेशन रक्षा व बाल श्रम मुक्त” अभियान के तहत #PS_AHT टीम द्वारा रेलवे स्टेशन फर्रूखाबाद एवं नगर क्षेत्र में बाल श्रम,बाल विवाह, बाल तस्करी व बाल भिक्षावृत्ति के प्रति महिलाओं एवं बच्चों को जागरूक किया गया। हेल्पलाइन 1098, 1090, 112 व 1930 की जानकारी दी गई। #FatehagrhPolice #UPPolice

Farrukhabad, Uttar Pradesh | Jul 17, 2026

12 साल के बच्चे को मगरमच्छ जिंदा खा गया, VIDEO: बहराइच में पैर जबड़े में दबाकर खींच ले गया, बच्चा तड़पता रहा...चाचा चिल्लाते रह गए 

यूपी के बहराइच से रोंगटे खड़े करने वाली घटना सामने आई है। यहां मगरमच्छ 12 साल के बच्चे को जिंदा खा गया। धान की रोपाई करने के बाद बच्चा नदी में हाथ-पैर धोने गया था, तभी मगरमच्छ ने उस पर हमला कर दिया। उसे जबड़े में दबोच लिया। बच्चे ने खुद को छुड़ाने के लिए हाथ-पैर मारे।

उसके चाचा और ग्रामीणों ने भी ईंट-पत्थर फेंककर उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन मगरमच्छ ने उसे छोड़ा नहीं। उसने दो-तीन बार बच्चे को उछालकर पानी में पटका, फिर गहरे पानी में खींच ले गया। देखते ही देखते बच्चे के आधे शरीर को निगल लिया। 5 घंटे बाद ग्रामीणों ने बच्चे का शव बरामद किया।

घटना गुरुवार शाम की है। लेकिन इसका वीडियो शुक्रवार सुबह सामने आया। थाना प्रभारी टीएन मौर्या ने घटना और वीडियो की पुष्टि की है। वन रेंजर साकिब अंसारी ने बताया- मगरमच्छ बच्चे का दाहिना पैर और कमर के नीचे का हिस्सा खा गया। मामला जिला मुख्यालय से 28 किमी दूर बौंडी थाना क्षेत्र का है।

माता-पिता की मौत हो चुकी, चाचा के साथ रहता था बच्चा

सुनील टिकुरी गांव का रहने वाला था। उसके माता-पिता की मौत हो चुकी है। पिता बुधराज की 5 साल पहले, जबकि मां की 7 साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। चार भाई-बहनों में सुनील दूसरे नंबर पर था।

उससे बड़ी बहन सुमन (14), छोटा भाई संजय (10) और सबसे छोटी बहन सीमा (7) है। तीनों भाई-बहन गांव के प्राथमिक स्कूल में पढ़ते हैं, जबकि सुनील पढ़ाई छोड़ चुका था। माता-पिता के निधन के बाद वह अपने चाचा विजय राज सिंह के साथ रहता था।

हाथ-मुंह धो रहा था, तभी खींच ले गया

गांव वालों ने बताया कि गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे सुनील अपने चाचा विजय राज सिंह के साथ खेत में धान की रोपाई करने गया था। 3-4 घंटे तक रोपाई करने के बाद देर शाम दोनों खेत से लौटते समय घाघरा नदी में हाथ-पैर धोने लगे। इसी दौरान अचानक नदी से मगरमच्छ निकला और सुनील पर अटैक कर दिया।

यह देखकर उसके चाचा घबरा गए। शोर मचाकर उसे बचाने की कोशिश की। दौड़कर आसपास के खेतों में काम कर रहे लोगों को बुलाया। ग्रामीणों ने बच्चे को छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन मगरमच्छ ने उसे नहीं छोड़ा। घटना की जानकारी मिलते ही गांव के लोग बड़ी संख्या में नदी किनारे पहुंच गए। परिजन भी रोते-बिलखते मौके पर पहुंच गए।

अंधेरा हुआ तो टॉर्च की रोशनी में ग्रामीणों ने तलाशा

ग्रामीणों ने बड़े-बड़े बांस के डंडों की मदद से नदी में तलाशी अभियान शुरू किया। इस वक्त घाघरा नदी का बहाव काफी तेज है, इसलिए घटनास्थल से करीब 500 मीटर तक नदी में खोजबीन की गई। दो घंटे तक लगातार तलाश करने के बाद अंधेरा हो गया, लेकिन ग्रामीणों ने खोजबीन नहीं रोकी। वे टॉर्च की रोशनी में बच्चे की तलाश करते रहे।

करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद रात 10 बजे घटनास्थल से लगभग 300 मीटर दूर नदी में बच्चे का आधा शव उतराता मिला। ग्रामीणों ने शव को बाहर निकाला और इसकी सूचना पुलिस को दी। मगरमच्छ के हमले से शव क्षत-विक्षत हो चुका था। शुक्रवार सुबह पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।

चाचा बोले- 7 मिनट तक डटा रहा, बचा नहीं पाया

सुनील के चाचा के विजय राज सिंह ने बताया - हम अपने भतीजे को बचाने के लिए नदी में कूद गए। हमने बच्चे का हाथ पकड़ा। करीब सात मिनट तक उसे छुड़ाने प्रयास करता रहा। लेकिन वो उसे गहरे पानी में खींच ले गया। करीब एक घंटे के बाद मेरे बच्चे का शव पानी में उतराया। लेकिन उसका एक पैर व पेट बुरी तरह मगरमच्छ खा गया था।

गांव के प्रधान संजय कुमार त्रिवेदी ने बताया- बच्चे सुनील के चाचा विजय कुमार दोपहर में धान रोपाई का काम रोककर घर खाना खाने आए थे। तभी सुनील जिद करके साथ में चला गया। थोड़ी देर बाद नदी किनारे उस पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया।

SDM प्रकाश सिंह ने बताया-

" घटना की जानकारी अधिकारियों को दे दी गई है। परिवार को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

وو

12 साल के बच्चे को मगरमच्छ जिंदा खा गया, VIDEO: बहराइच में पैर जबड़े में दबाकर खींच ले गया, बच्चा तड़पता रहा...चाचा चिल्लाते रह गए यूपी के बहराइच से रोंगटे खड़े करने वाली घटना सामने आई है। यहां मगरमच्छ 12 साल के बच्चे को जिंदा खा गया। धान की रोपाई करने के बाद बच्चा नदी में हाथ-पैर धोने गया था, तभी मगरमच्छ ने उस पर हमला कर दिया। उसे जबड़े में दबोच लिया। बच्चे ने खुद को छुड़ाने के लिए हाथ-पैर मारे। उसके चाचा और ग्रामीणों ने भी ईंट-पत्थर फेंककर उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन मगरमच्छ ने उसे छोड़ा नहीं। उसने दो-तीन बार बच्चे को उछालकर पानी में पटका, फिर गहरे पानी में खींच ले गया। देखते ही देखते बच्चे के आधे शरीर को निगल लिया। 5 घंटे बाद ग्रामीणों ने बच्चे का शव बरामद किया। घटना गुरुवार शाम की है। लेकिन इसका वीडियो शुक्रवार सुबह सामने आया। थाना प्रभारी टीएन मौर्या ने घटना और वीडियो की पुष्टि की है। वन रेंजर साकिब अंसारी ने बताया- मगरमच्छ बच्चे का दाहिना पैर और कमर के नीचे का हिस्सा खा गया। मामला जिला मुख्यालय से 28 किमी दूर बौंडी थाना क्षेत्र का है। माता-पिता की मौत हो चुकी, चाचा के साथ रहता था बच्चा सुनील टिकुरी गांव का रहने वाला था। उसके माता-पिता की मौत हो चुकी है। पिता बुधराज की 5 साल पहले, जबकि मां की 7 साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। चार भाई-बहनों में सुनील दूसरे नंबर पर था। उससे बड़ी बहन सुमन (14), छोटा भाई संजय (10) और सबसे छोटी बहन सीमा (7) है। तीनों भाई-बहन गांव के प्राथमिक स्कूल में पढ़ते हैं, जबकि सुनील पढ़ाई छोड़ चुका था। माता-पिता के निधन के बाद वह अपने चाचा विजय राज सिंह के साथ रहता था। हाथ-मुंह धो रहा था, तभी खींच ले गया गांव वालों ने बताया कि गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे सुनील अपने चाचा विजय राज सिंह के साथ खेत में धान की रोपाई करने गया था। 3-4 घंटे तक रोपाई करने के बाद देर शाम दोनों खेत से लौटते समय घाघरा नदी में हाथ-पैर धोने लगे। इसी दौरान अचानक नदी से मगरमच्छ निकला और सुनील पर अटैक कर दिया। यह देखकर उसके चाचा घबरा गए। शोर मचाकर उसे बचाने की कोशिश की। दौड़कर आसपास के खेतों में काम कर रहे लोगों को बुलाया। ग्रामीणों ने बच्चे को छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन मगरमच्छ ने उसे नहीं छोड़ा। घटना की जानकारी मिलते ही गांव के लोग बड़ी संख्या में नदी किनारे पहुंच गए। परिजन भी रोते-बिलखते मौके पर पहुंच गए। अंधेरा हुआ तो टॉर्च की रोशनी में ग्रामीणों ने तलाशा ग्रामीणों ने बड़े-बड़े बांस के डंडों की मदद से नदी में तलाशी अभियान शुरू किया। इस वक्त घाघरा नदी का बहाव काफी तेज है, इसलिए घटनास्थल से करीब 500 मीटर तक नदी में खोजबीन की गई। दो घंटे तक लगातार तलाश करने के बाद अंधेरा हो गया, लेकिन ग्रामीणों ने खोजबीन नहीं रोकी। वे टॉर्च की रोशनी में बच्चे की तलाश करते रहे। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद रात 10 बजे घटनास्थल से लगभग 300 मीटर दूर नदी में बच्चे का आधा शव उतराता मिला। ग्रामीणों ने शव को बाहर निकाला और इसकी सूचना पुलिस को दी। मगरमच्छ के हमले से शव क्षत-विक्षत हो चुका था। शुक्रवार सुबह पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। चाचा बोले- 7 मिनट तक डटा रहा, बचा नहीं पाया सुनील के चाचा के विजय राज सिंह ने बताया - हम अपने भतीजे को बचाने के लिए नदी में कूद गए। हमने बच्चे का हाथ पकड़ा। करीब सात मिनट तक उसे छुड़ाने प्रयास करता रहा। लेकिन वो उसे गहरे पानी में खींच ले गया। करीब एक घंटे के बाद मेरे बच्चे का शव पानी में उतराया। लेकिन उसका एक पैर व पेट बुरी तरह मगरमच्छ खा गया था। गांव के प्रधान संजय कुमार त्रिवेदी ने बताया- बच्चे सुनील के चाचा विजय कुमार दोपहर में धान रोपाई का काम रोककर घर खाना खाने आए थे। तभी सुनील जिद करके साथ में चला गया। थोड़ी देर बाद नदी किनारे उस पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया। SDM प्रकाश सिंह ने बताया- " घटना की जानकारी अधिकारियों को दे दी गई है। परिवार को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। وو

Farrukhabad, Farrukhabad | Jul 17, 2026

प्रभारी मंत्री सहित सांसद और जिलाध्यक्ष अचानक सपा नेता मुन्नू बाबू के घर पहुंचे,गले मिल गर्मजोशी से स्वागत, राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ी 

जनपद में शुक्रवार को उस समय राजनीतिक सरगर्मियां अचानक बढ़ गईं, जब जिले के प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह, सांसद मुकेश राजपूत और भाजपा जिला अध्यक्ष फतेह चंद्र वर्मा के साथ अचानक समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व सांसद चंद्रभूषण सिंह उर्फ मुन्नू बाबू के भोलेपुर स्थित आवास पर पहुंच गए।

सपा के पूर्व सांसद मुन्नू बाबू और उनके बेटे सौरभ राठौर ने बेहद गर्मजोशी के साथ सभी भाजपा नेताओं का स्वागत किया। इस दौरान पूर्व सांसद मुन्नू बाबू और भाजपा सांसद मुकेश राजपूत ने एक-दूसरे को गले लगाया, जिससे सियासी गलियारों में रिश्तों की नई गर्माहट साफ महसूस की गई। दोनों वरिष्ठ नेताओं के बीच लगभग 20 मिनट तक विभिन्न मुद्दों पर बंद कमरे में वार्ता हुई।

इस महत्वपूर्ण सियासी मुलाकात के दौरान पूर्व मंत्री व भाजपा नेता नरेंद्र सिंह यादव के बेटे सचिन सिंह यादव, पूर्व जिला अध्यक्ष रूपेश गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष जितेंद्र सिंह राजावत,पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ प्रदेश सह संयोजक वीरेंद्र सिंह राठौड़, भाजपा नेता शंकर सिंह और करणी सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप सिंह, जिला पंचायत सदस्य आदित्य राठौर,देवेंद्र सिंह परमार सहित दर्जनों अन्य नेता भी मौजूद रहे।

सियासी मायने: गौरतलब है कि सपा के वरिष्ठ नेता पूर्व सांसद चंद्रभूषण सिंह मुन्नू बाबू का फर्रुखाबाद जनपद की राजनीति में विशेष प्रभाव माना जाता है। करीब एक माह पूर्व उन्होंने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात की थी, जिसके बाद अब भाजपा दिग्गजों का उनके घर पहुंचना जिले में एक नए राजनीतिक समीकरण की ओर इशारा कर रहा है।

प्रभारी मंत्री सहित सांसद और जिलाध्यक्ष अचानक सपा नेता मुन्नू बाबू के घर पहुंचे,गले मिल गर्मजोशी से स्वागत, राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ी जनपद में शुक्रवार को उस समय राजनीतिक सरगर्मियां अचानक बढ़ गईं, जब जिले के प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह, सांसद मुकेश राजपूत और भाजपा जिला अध्यक्ष फतेह चंद्र वर्मा के साथ अचानक समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व सांसद चंद्रभूषण सिंह उर्फ मुन्नू बाबू के भोलेपुर स्थित आवास पर पहुंच गए। सपा के पूर्व सांसद मुन्नू बाबू और उनके बेटे सौरभ राठौर ने बेहद गर्मजोशी के साथ सभी भाजपा नेताओं का स्वागत किया। इस दौरान पूर्व सांसद मुन्नू बाबू और भाजपा सांसद मुकेश राजपूत ने एक-दूसरे को गले लगाया, जिससे सियासी गलियारों में रिश्तों की नई गर्माहट साफ महसूस की गई। दोनों वरिष्ठ नेताओं के बीच लगभग 20 मिनट तक विभिन्न मुद्दों पर बंद कमरे में वार्ता हुई। इस महत्वपूर्ण सियासी मुलाकात के दौरान पूर्व मंत्री व भाजपा नेता नरेंद्र सिंह यादव के बेटे सचिन सिंह यादव, पूर्व जिला अध्यक्ष रूपेश गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष जितेंद्र सिंह राजावत,पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ प्रदेश सह संयोजक वीरेंद्र सिंह राठौड़, भाजपा नेता शंकर सिंह और करणी सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप सिंह, जिला पंचायत सदस्य आदित्य राठौर,देवेंद्र सिंह परमार सहित दर्जनों अन्य नेता भी मौजूद रहे। सियासी मायने: गौरतलब है कि सपा के वरिष्ठ नेता पूर्व सांसद चंद्रभूषण सिंह मुन्नू बाबू का फर्रुखाबाद जनपद की राजनीति में विशेष प्रभाव माना जाता है। करीब एक माह पूर्व उन्होंने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात की थी, जिसके बाद अब भाजपा दिग्गजों का उनके घर पहुंचना जिले में एक नए राजनीतिक समीकरण की ओर इशारा कर रहा है।

Farrukhabad, Farrukhabad | Jul 17, 2026

मेरठ में शहीद के पार्थिव शरीर से लिपटकर रोई पत्नी:* बोली- मुझे भी साथ ले जाओ, गांव में भारत माता की जय के लगे जयकारे 

मेरठ में सेना में नायक का पार्थिव शरीर पैतृक गांव रछौती में सुबह 10.30 बजे पहुंचा। पत्नी ताबूत से लिपट गईं और दहाड़े मारकर रोने लगीं। घर से 200 मीटर दूर खेत में उनका राजकीय और सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

9 साल के बड़े बेटे हिमांशु ने चिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान मौजूद सैकड़ों लोगों ने 'जनेश्वर कुमार अमर रहें' के नारे लगाए।

तिरंगे में लिपटे पति के पार्थिव शरीर को देखकर पत्नी ताबूत से लिपट गई और दहाड़ मारकर रोने लगी। बोली-मुझे भी साथ ले जाओ, अब मुझे भी नहीं रहना।

जनेश्वर भारतीय सेना की कुमाऊं रेजीमेंट में अपनी सेवाएं दे रहे थे। वो सेना में नायक के पद पर तैनात थे। पोस्टिंग हिमाचल के शिमला में थी। 15 दिन पहले 1 जुलाई को हुए सड़क हादसे में जनेश्वर सहित कई फौजी घायल हुए थे। सभी घायलों को मिलिट्री अस्पताल में भर्ती कराकर इलाज कराया जा रहा था। जिसमें बुधवार को जनेश्वर की इलाज के दौरान मौत हो गई थी।

12 साल पहले भारतीय सेना में हुआ था चयन

जनेश्वर 2014 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। अपनी लगन, अनुशासन और उत्कृष्ट सेवा के चलते उन्हें दो साल पहले नायक के पद पर प्रमोशन मिला था। वह भारतीय सेना की कुमाऊं रेजीमेंट में अपनी सेवाएं दे रहे थे।

जनेश्वर तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके छोटे भाई प्रदीप भी भारतीय सेना में सिपाही के पद पर तैनात हैं। जबकि मझले भाई घर पर खेती का काम देखते हैं।

जनेश्वर की शादी 2015 में हुई थी। उनके दो बेटे और एक बेटी हैं। बडा बेटा हिमांशु (9), मान्या (6), लकी (4) हैं।

मेरठ में शहीद के पार्थिव शरीर से लिपटकर रोई पत्नी:* बोली- मुझे भी साथ ले जाओ, गांव में भारत माता की जय के लगे जयकारे मेरठ में सेना में नायक का पार्थिव शरीर पैतृक गांव रछौती में सुबह 10.30 बजे पहुंचा। पत्नी ताबूत से लिपट गईं और दहाड़े मारकर रोने लगीं। घर से 200 मीटर दूर खेत में उनका राजकीय और सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। 9 साल के बड़े बेटे हिमांशु ने चिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान मौजूद सैकड़ों लोगों ने 'जनेश्वर कुमार अमर रहें' के नारे लगाए। तिरंगे में लिपटे पति के पार्थिव शरीर को देखकर पत्नी ताबूत से लिपट गई और दहाड़ मारकर रोने लगी। बोली-मुझे भी साथ ले जाओ, अब मुझे भी नहीं रहना। जनेश्वर भारतीय सेना की कुमाऊं रेजीमेंट में अपनी सेवाएं दे रहे थे। वो सेना में नायक के पद पर तैनात थे। पोस्टिंग हिमाचल के शिमला में थी। 15 दिन पहले 1 जुलाई को हुए सड़क हादसे में जनेश्वर सहित कई फौजी घायल हुए थे। सभी घायलों को मिलिट्री अस्पताल में भर्ती कराकर इलाज कराया जा रहा था। जिसमें बुधवार को जनेश्वर की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। 12 साल पहले भारतीय सेना में हुआ था चयन जनेश्वर 2014 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। अपनी लगन, अनुशासन और उत्कृष्ट सेवा के चलते उन्हें दो साल पहले नायक के पद पर प्रमोशन मिला था। वह भारतीय सेना की कुमाऊं रेजीमेंट में अपनी सेवाएं दे रहे थे। जनेश्वर तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके छोटे भाई प्रदीप भी भारतीय सेना में सिपाही के पद पर तैनात हैं। जबकि मझले भाई घर पर खेती का काम देखते हैं। जनेश्वर की शादी 2015 में हुई थी। उनके दो बेटे और एक बेटी हैं। बडा बेटा हिमांशु (9), मान्या (6), लकी (4) हैं।

Farrukhabad, Farrukhabad | Jul 17, 2026

भाजपा नेता शैलेंद्र राठौर ने पत्रकार अंकित माथुर की पुस्तक का किया विमोचन

भाजपा नेता शैलेंद्र राठौर ने पत्रकार अंकित माथुर की पुस्तक का किया विमोचन

Farrukhabad, Farrukhabad | Jul 17, 2026

फर्रुखाबाद - सिटी मजिस्ट्रेट पारुल तरार का अवैध बिल्डिंगों पर कड़ा रुख। - Farrukhabad News