Public App Logo
Jansamasya
News
Maharashtra
Bjp
National
Police
Bihar
Coronavirus
कांग्रेस
मौत
Accident
Congress
Modi
Delhi
Viral
मध्यप्रदेश
Bollywood
Breakingnews
Narendramodi
Madhya_pradesh
Mp
Madhyapradesh
Pmmodi
Rahulgandhi
Chhattisgarh
Uttarpradesh
Haryana
Uttarakhand
लखनऊ
Crimenews
image
image
image
image
image

ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस पर शिविर लगाकर किया गया 1139 बच्चों का टीकाकरण स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिलेभर में विभिन्न स्वास्थ्य संस्थाओं एवं अनेक स्थानों पर प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को शिविर लगाकर गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के विभिन्न बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिसके तहत शिविर लगाकर टीकाकरण के साथ ही बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को अन्य स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाती है। इसी क्रम में ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस के तहत जिले में 14 जुलाई को आयोजित शिविरों में शून्य से एक वर्ष की आयु के 802 बच्चों तथा एक वर्ष से अधिक आयु के 337 बच्चों का टीकाकरण किया गया। इसके साथ ही 158 गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। #JansamparkMP #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh #sehore

18 views | Sehore, Madhya Pradesh | Jul 14, 2026

MORE NEWS

• सफलता की कहानी

• शारदा स्व-सहायता समूह की  महिलाएं बनीं आत्मनिर्भरता की पहचान

......

                 सीहोर जिले की इछावर तहसील के छोटे-से गांव पटारिया सीधा में कभी आर्थिक तंगी, सीमित संसाधनों और रोजगार के अभाव से जूझने वाली इस गांव की महिलाओं ने आज अपनी मेहनत, एकजुटता और आत्मविश्वास के दम पर सफलता की नई कहानी लिखी है। इस परिवर्तन के केंद्र में है राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत गठित शारदा स्व-सहायता समूह, जिसने न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि उनके जीवन में सम्मान, आत्मविश्वास और नई पहचान भी स्थापित की।

      शारदा स्व-सहायता समूह की शुरुआत उन महिलाओं ने की थी, जिनके सामने आजीविका का कोई स्थायी साधन नहीं था। घर-परिवार की जिम्मेदारियों के बीच वे आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रही थीं। एनआरएलएम के माध्यम से समूह का गठन हुआ, जहां महिलाओं ने नियमित बचत, बैंकिंग व्यवस्था और स्वरोजगार की बुनियादी जानकारी हासिल की। छोटी-छोटी बचत से शुरू हुई यह यात्रा धीरे-धीरे आत्मनिर्भरता के मजबूत इरादे में बदल गई।

      समूह की प्रगति में निर्णायक मोड़ तब आया, जब उसका जुड़ाव मध्य प्रदेश ग्रामीण बैंक, धमांडा शाखा से हुआ। इस पूरी प्रक्रिया में बैंक सखी श्रीमती अनीता बामनिया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने महिलाओं को बैंकिंग प्रणाली, खाता संचालन, ऋण प्रक्रिया और समय पर ऋण चुकाने के महत्व से परिचित कराया। उनके मार्गदर्शन में समूह को सबसे पहले 1.50 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। समूह की महिलाओं ने इस राशि का उपयोग बकरी पालन, किराना दुकान, सब्जी विक्रय जैसे छोटे-छोटे स्वरोजगार शुरू करने में किया। मेहनत और ईमानदारी के साथ व्यवसाय संचालित करते हुए उन्होंने समय पर पूरा ऋण चुकाया और बैंक का भरोसा जीत लिया।

      पहली सफलता ने महिलाओं का आत्मविश्वास कई गुना बढ़ा दिया। उनकी कार्यशैली और वित्तीय अनुशासन को देखते हुए बैंक ने समूह को 3 लाख रुपये का दूसरा ऋण स्वीकृत किया। इस बार महिलाओं ने अपने व्यवसाय का विस्तार किया। किसी ने डेयरी व्यवसाय शुरू किया, तो किसी ने सिलाई-कढ़ाई, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों को अपनाया। उनकी निरंतर प्रगति और समय पर ऋण पुनर्भुगतान ने उन्हें नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। परिणामस्वरूप समूह को क्रमशः 6 लाख रुपये और फिर 10 लाख रुपये तक का ऋण भी प्राप्त हुआ।

      इस पूरी यात्रा में बैंक सखी अनीता बामनिया केवल बैंक और समूह के बीच की कड़ी नहीं रहीं, बल्कि उन्होंने एक मार्गदर्शक और प्रेरक की भूमिका निभाई। उनके सतत सहयोग से महिलाओं ने वित्तीय निर्णय लेना सीखा, बैंकिंग व्यवस्था को समझा और आत्मविश्वास के साथ अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाया।

      आज शारदा स्व-सहायता समूह की महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हैं। उनके परिवारों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल रही है और जीवन स्तर पहले की तुलना में कहीं अधिक बेहतर हुआ है। गांव में महिलाओं की पहचान अब केवल गृहिणी तक सीमित नहीं रही, बल्कि वे सफल उद्यमी, परिवार की आर्थिक आधारशिला और समाज में निर्णय लेने वाली सशक्त महिलाएं बन चुकी हैं।

      शारदा स्व-सहायता समूह से प्रेरणा लेकर अन्य महिलाएं भी स्व-सहायता समूहों से जुड़ रही हैं और स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं। यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि जब सामूहिक प्रयास, सही मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन एक साथ जुड़ते हैं, तो बदलाव केवल व्यक्तियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे समाज की तस्वीर बदल देता है। शारदा स्व-सहायता समूह की सफलता यह संदेश देती है कि यदि महिलाओं को अवसर, विश्वास और सही मार्गदर्शन मिले, तो वे न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज के विकास की मजबूत आधारशिला बन सकती हैं।

#JansamparkMP #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh #sehore

• सफलता की कहानी • शारदा स्व-सहायता समूह की महिलाएं बनीं आत्मनिर्भरता की पहचान ...... सीहोर जिले की इछावर तहसील के छोटे-से गांव पटारिया सीधा में कभी आर्थिक तंगी, सीमित संसाधनों और रोजगार के अभाव से जूझने वाली इस गांव की महिलाओं ने आज अपनी मेहनत, एकजुटता और आत्मविश्वास के दम पर सफलता की नई कहानी लिखी है। इस परिवर्तन के केंद्र में है राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत गठित शारदा स्व-सहायता समूह, जिसने न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि उनके जीवन में सम्मान, आत्मविश्वास और नई पहचान भी स्थापित की। शारदा स्व-सहायता समूह की शुरुआत उन महिलाओं ने की थी, जिनके सामने आजीविका का कोई स्थायी साधन नहीं था। घर-परिवार की जिम्मेदारियों के बीच वे आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रही थीं। एनआरएलएम के माध्यम से समूह का गठन हुआ, जहां महिलाओं ने नियमित बचत, बैंकिंग व्यवस्था और स्वरोजगार की बुनियादी जानकारी हासिल की। छोटी-छोटी बचत से शुरू हुई यह यात्रा धीरे-धीरे आत्मनिर्भरता के मजबूत इरादे में बदल गई। समूह की प्रगति में निर्णायक मोड़ तब आया, जब उसका जुड़ाव मध्य प्रदेश ग्रामीण बैंक, धमांडा शाखा से हुआ। इस पूरी प्रक्रिया में बैंक सखी श्रीमती अनीता बामनिया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने महिलाओं को बैंकिंग प्रणाली, खाता संचालन, ऋण प्रक्रिया और समय पर ऋण चुकाने के महत्व से परिचित कराया। उनके मार्गदर्शन में समूह को सबसे पहले 1.50 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। समूह की महिलाओं ने इस राशि का उपयोग बकरी पालन, किराना दुकान, सब्जी विक्रय जैसे छोटे-छोटे स्वरोजगार शुरू करने में किया। मेहनत और ईमानदारी के साथ व्यवसाय संचालित करते हुए उन्होंने समय पर पूरा ऋण चुकाया और बैंक का भरोसा जीत लिया। पहली सफलता ने महिलाओं का आत्मविश्वास कई गुना बढ़ा दिया। उनकी कार्यशैली और वित्तीय अनुशासन को देखते हुए बैंक ने समूह को 3 लाख रुपये का दूसरा ऋण स्वीकृत किया। इस बार महिलाओं ने अपने व्यवसाय का विस्तार किया। किसी ने डेयरी व्यवसाय शुरू किया, तो किसी ने सिलाई-कढ़ाई, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों को अपनाया। उनकी निरंतर प्रगति और समय पर ऋण पुनर्भुगतान ने उन्हें नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। परिणामस्वरूप समूह को क्रमशः 6 लाख रुपये और फिर 10 लाख रुपये तक का ऋण भी प्राप्त हुआ। इस पूरी यात्रा में बैंक सखी अनीता बामनिया केवल बैंक और समूह के बीच की कड़ी नहीं रहीं, बल्कि उन्होंने एक मार्गदर्शक और प्रेरक की भूमिका निभाई। उनके सतत सहयोग से महिलाओं ने वित्तीय निर्णय लेना सीखा, बैंकिंग व्यवस्था को समझा और आत्मविश्वास के साथ अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाया। आज शारदा स्व-सहायता समूह की महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हैं। उनके परिवारों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल रही है और जीवन स्तर पहले की तुलना में कहीं अधिक बेहतर हुआ है। गांव में महिलाओं की पहचान अब केवल गृहिणी तक सीमित नहीं रही, बल्कि वे सफल उद्यमी, परिवार की आर्थिक आधारशिला और समाज में निर्णय लेने वाली सशक्त महिलाएं बन चुकी हैं। शारदा स्व-सहायता समूह से प्रेरणा लेकर अन्य महिलाएं भी स्व-सहायता समूहों से जुड़ रही हैं और स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं। यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि जब सामूहिक प्रयास, सही मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन एक साथ जुड़ते हैं, तो बदलाव केवल व्यक्तियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे समाज की तस्वीर बदल देता है। शारदा स्व-सहायता समूह की सफलता यह संदेश देती है कि यदि महिलाओं को अवसर, विश्वास और सही मार्गदर्शन मिले, तो वे न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज के विकास की मजबूत आधारशिला बन सकती हैं। #JansamparkMP #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh #sehore

Sehore, Madhya Pradesh | Jul 15, 2026

तीन दिवसीय सामुदायिक मध्यस्थता प्रशिक्षण का हुआ समापन

                     जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा 11 से 13 जुलाई तक आयोजित तीन दिवसीय सामुदायिक मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य समुदाय स्तर पर विवादों के सौहार्दपूर्ण एवं शीघ्र निराकरण हेतु सामुदायिक मध्यस्थों को आवश्यक ज्ञान, व्यवहारिक कौशल एवं मध्यस्थता की तकनीकों से प्रशिक्षित करना था। कार्यक्रम में विभिन्न समुदायों से चयनित प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए प्रशिक्षण प्राप्त किया।

      समापन अवसर पर प्रधान जिला न्यायाधीश श्री संजीव कुमार अग्रवाल ने कहा कि, विवादों का पुलिस थानों एवं न्यायालयों में आने से पूर्व ही समाज में समझौते के माध्यम से निपटारा करने के उद्देश्य से समाज के प्रबुद्धजन को मीडिएशन प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि मीडिएशन की तकनीक को समझ कर बेहतर परिणाम दिला सकें।

      जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव श्रीमती स्वप्नश्री सिंह ने भी समाज के विकास में सामुदायिक मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित सामुदायिक मध्यस्थ विभिन्न क्षेत्रों में मीडिएशन सेंटर स्थापित कर समाज के विवादों का प्रारंभिक स्तर पर निराकरण कर सकेंगे।

      प्रशिक्षण में सीनियर ट्रेनर एम.सी.पी.सी. श्री शाहिद मोहम्मद एवं सेवानिवृत्त प्रधान जिला न्यायाधीश एवं मध्यस्थ कु. भावना साधो द्वारा प्रतिभागियों को मध्यस्थता के सिद्धांतों. संवाद कौशल, विवाद समाधान की प्रभावी तकनीकों एवं सामुदायिक स्तर पर शांति एवं सौहार्द स्थापित करने में मध्यस्थों की भूमिका से अवगत कराया गया। समापन अवसर पर बेथेल फॉर रिफ्यूज वेलफेयर सोसायटी श्रीमती बॉशी राबी वर्गीज एवं रॉबी वर्गीज के सहयोग से दिव्यांगजन बालक को एक व्हीलचेयर प्रदान की गई।

#JansamparkMP #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh #sehore

तीन दिवसीय सामुदायिक मध्यस्थता प्रशिक्षण का हुआ समापन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा 11 से 13 जुलाई तक आयोजित तीन दिवसीय सामुदायिक मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य समुदाय स्तर पर विवादों के सौहार्दपूर्ण एवं शीघ्र निराकरण हेतु सामुदायिक मध्यस्थों को आवश्यक ज्ञान, व्यवहारिक कौशल एवं मध्यस्थता की तकनीकों से प्रशिक्षित करना था। कार्यक्रम में विभिन्न समुदायों से चयनित प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए प्रशिक्षण प्राप्त किया। समापन अवसर पर प्रधान जिला न्यायाधीश श्री संजीव कुमार अग्रवाल ने कहा कि, विवादों का पुलिस थानों एवं न्यायालयों में आने से पूर्व ही समाज में समझौते के माध्यम से निपटारा करने के उद्देश्य से समाज के प्रबुद्धजन को मीडिएशन प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि मीडिएशन की तकनीक को समझ कर बेहतर परिणाम दिला सकें। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव श्रीमती स्वप्नश्री सिंह ने भी समाज के विकास में सामुदायिक मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित सामुदायिक मध्यस्थ विभिन्न क्षेत्रों में मीडिएशन सेंटर स्थापित कर समाज के विवादों का प्रारंभिक स्तर पर निराकरण कर सकेंगे। प्रशिक्षण में सीनियर ट्रेनर एम.सी.पी.सी. श्री शाहिद मोहम्मद एवं सेवानिवृत्त प्रधान जिला न्यायाधीश एवं मध्यस्थ कु. भावना साधो द्वारा प्रतिभागियों को मध्यस्थता के सिद्धांतों. संवाद कौशल, विवाद समाधान की प्रभावी तकनीकों एवं सामुदायिक स्तर पर शांति एवं सौहार्द स्थापित करने में मध्यस्थों की भूमिका से अवगत कराया गया। समापन अवसर पर बेथेल फॉर रिफ्यूज वेलफेयर सोसायटी श्रीमती बॉशी राबी वर्गीज एवं रॉबी वर्गीज के सहयोग से दिव्यांगजन बालक को एक व्हीलचेयर प्रदान की गई। #JansamparkMP #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh #sehore

Sehore, Madhya Pradesh | Jul 13, 2026

दिव्यांगजन नीति के संबंध में बैठक आयोजित कर आयुक्त ने लिए सुझाव

                       दिव्यांगजन आयुक्त डॉ. अजय खेमरिया द्वारा जिला पंचायत सभाकक्ष में राज्य दिव्यांगजन नीति के संबंध में चर्चा एवं सुझाव आमंत्रित करने के उद्देश्य से बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिकारियों, दिव्यांगजनों तथा उनसे जुड़े संगठनों के प्रतिनिधियों से सुझाव प्राप्त किए गए।

      बैठक मे डॉ. अजय खेमरिया ने कहा कि प्रदेश स्तर पर ऐसी समग्र एवं व्यवहारिक दिव्यांगजन नीति तैयार की जानी चाहिए, जिससे दिव्यांगजनों के कल्याण, पुनर्वास और सशक्तिकरण से जुड़े कार्य अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किए जा सकें। उन्होंने कहा कि नीति ऐसी हो, जिससे दिव्यांगजनों को जिला स्तर पर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा तथा अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ सरलता और समयबद्ध तरीके से प्राप्त हो सके।

      उन्होंने कहा कि नीति निर्माण में जमीनी अनुभवों और हितधारकों के सुझावों का विशेष महत्व है। इसलिए सभी संबंधित विभागों एवं सामाजिक संगठनों के सुझावों को गंभीरता से शामिल किया जाएगा, ताकि दिव्यांगजनों के लिए अधिक समावेशी, सुविधाजनक एवं परिणाममुखी व्यवस्था विकसित की जा सके।

      बैठक में सहायक संचालक श्री महेश यादव, अंर्राष्ट्रीय पैरालंपिक जूडो खिलाड़ी श्री कपिल परमार, श्री अर्जुन सिंह, एनआईएमएचआर के प्रतिनिधि सहित दिव्यांगजन, संगठनों के प्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।

#JansamparkMP #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh #sehore

दिव्यांगजन नीति के संबंध में बैठक आयोजित कर आयुक्त ने लिए सुझाव दिव्यांगजन आयुक्त डॉ. अजय खेमरिया द्वारा जिला पंचायत सभाकक्ष में राज्य दिव्यांगजन नीति के संबंध में चर्चा एवं सुझाव आमंत्रित करने के उद्देश्य से बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिकारियों, दिव्यांगजनों तथा उनसे जुड़े संगठनों के प्रतिनिधियों से सुझाव प्राप्त किए गए। बैठक मे डॉ. अजय खेमरिया ने कहा कि प्रदेश स्तर पर ऐसी समग्र एवं व्यवहारिक दिव्यांगजन नीति तैयार की जानी चाहिए, जिससे दिव्यांगजनों के कल्याण, पुनर्वास और सशक्तिकरण से जुड़े कार्य अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किए जा सकें। उन्होंने कहा कि नीति ऐसी हो, जिससे दिव्यांगजनों को जिला स्तर पर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा तथा अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ सरलता और समयबद्ध तरीके से प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि नीति निर्माण में जमीनी अनुभवों और हितधारकों के सुझावों का विशेष महत्व है। इसलिए सभी संबंधित विभागों एवं सामाजिक संगठनों के सुझावों को गंभीरता से शामिल किया जाएगा, ताकि दिव्यांगजनों के लिए अधिक समावेशी, सुविधाजनक एवं परिणाममुखी व्यवस्था विकसित की जा सके। बैठक में सहायक संचालक श्री महेश यादव, अंर्राष्ट्रीय पैरालंपिक जूडो खिलाड़ी श्री कपिल परमार, श्री अर्जुन सिंह, एनआईएमएचआर के प्रतिनिधि सहित दिव्यांगजन, संगठनों के प्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे। #JansamparkMP #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh #sehore

Sehore, Madhya Pradesh | Jul 13, 2026

💧 वर्षा काल में जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए क्लोरीनेशन अभियान जारी

वर्षा ऋतु में नागरिकों को शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जिलेभर में पेयजल स्रोतों, हैंडपंपों एवं जल प्रदाय योजनाओं का नियमित क्लोरीनेशन किया जा रहा है। साथ ही, पेयजल परीक्षण किट से पानी की गुणवत्ता की सतत जांच कर सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित किया जा रहा है।

आप भी सावधानी बरतें — केवल स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल का उपयोग करें तथा पेयजल की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की समस्या दिखाई देने पर संबंधित अधिकारियों को तुरंत सूचित करें।

#JansamparkMP #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh #Sehore #PHED #SafeDrinkingWater #Chlorination #WaterSafety #MonsoonCare #PublicHealth #HarGharJal

💧 वर्षा काल में जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए क्लोरीनेशन अभियान जारी वर्षा ऋतु में नागरिकों को शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जिलेभर में पेयजल स्रोतों, हैंडपंपों एवं जल प्रदाय योजनाओं का नियमित क्लोरीनेशन किया जा रहा है। साथ ही, पेयजल परीक्षण किट से पानी की गुणवत्ता की सतत जांच कर सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित किया जा रहा है। आप भी सावधानी बरतें — केवल स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल का उपयोग करें तथा पेयजल की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की समस्या दिखाई देने पर संबंधित अधिकारियों को तुरंत सूचित करें। #JansamparkMP #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh #Sehore #PHED #SafeDrinkingWater #Chlorination #WaterSafety #MonsoonCare #PublicHealth #HarGharJal

Sehore, Madhya Pradesh | Jul 13, 2026

ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस पर शिविर लगाकर किया गया 1139 बच्चों का टीकाकरण स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिलेभर में विभिन्न स्वास्थ्य संस्थाओं एवं अनेक स्थानों पर प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को शिविर लगाकर गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के विभिन्न बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिसके तहत शिविर लगाकर टीकाकरण के साथ ही बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को अन्य स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाती है। इसी क्रम में ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस के तहत जिले में 14 जुलाई को आयोजित शिविरों में शून्य से एक वर्ष की आयु के 802 बच्चों तथा एक वर्ष से अधिक आयु के 337 बच्चों का टीकाकरण किया गया। इसके साथ ही 158 गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। #JansamparkMP #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh #sehore - Sehore News