डाडासीबा में खुलेगा एसडीएम कार्यालय, कोटला सीएचसी 24 घंटे होगा संचालित
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मुख्यमंत्री ने 1,012 मछुआरा परिवारों को 35 लाख रुपये की वित्तीय सहायता जारी की
Ashishsharm
डाडासीबा, 29 अगस्त। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कांगड़ा जिले के जसवां-परागपुर विधानसभा क्षेत्र के डाडासीबा में नया उप-मंडलाधिकारी (एसडीएम) कार्यालय खोलने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नए एसडीएम कार्यालय से संबंधित अधिसूचना जल्द जारी कर दी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने कस्बा कोटला स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को चौबीसों घंटे संचालित करने के लिए आवश्यक प्रावधान करने की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री आज डाडासीबा में मुख्यमंत्री मत्स्य सम्मान निधि योजना के तहत 1,012 मछुआरा परिवारों को 35 लाख रुपये की वित्तीय सहायता जारी करने के बाद आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे। योजना के तहत प्रत्येक मछुआरा परिवार के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से 3,500 रुपये की राशि सीधे हस्तांतरित की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मछली पकड़ने पर लगाए जाने वाले वार्षिक प्रतिबंध की अवधि के दौरान राज्य सरकार प्रत्येक मछुआरा परिवार को 3,500 रुपये की वार्षिक आर्थिक सहायता दे रही है। मछुआरा समुदाय की समस्याओं और कठिनाइयों को समझते हुए उसकी आर्थिकी मजबूत करने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि इससे पहले किसी सरकार ने मछुआरा परिवारों के कल्याण के बारे में नहीं सोचा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने मछली के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य भी प्रदान किया है। उनका कहना था कि यदि राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद नहीं किया गया होता तो हिमाचल प्रदेश वर्ष 2027 तक आत्मनिर्भर बन सकता था। आरडीजी बंद होने से प्रदेश को प्रतिवर्ष लगभग 8,000 से 10,000 करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार 2 अक्तूबर को सोलन जिले से ‘मुख्यमंत्री का अपना परिवार सुखी परिवार’ योजना शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे लगभग 90 हजार परिवारों की पहचान की गई है, जिन्हें अब तक किसी सरकारी कल्याणकारी योजना का लाभ नहीं मिला है। योजना के तहत लगभग दो लाख परिवारों को सहायता प्रदान करने का लक्ष्य है। इन परिवारों की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह पेंशन के साथ 300 यूनिट मुफ्त बिजली भी उपलब्ध करवाई जाएगी।
वर्ष 2023 की आपदा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उस दौरान प्रदेश में करीब 23 हजार मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए और 900 से अधिक लोगों की जान गई। राज्य सरकार ने आपदा प्रभावित परिवारों को मकान निर्माण के लिए दी जाने वाली सहायता को 1.50 लाख रुपये से बढ़ाकर पहले 7 लाख और अब 8 लाख रुपये कर दिया है।
भाजपा सरकार पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने पूर्व भाजपा सरकार पर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि सोलन जिले के बद्दी क्षेत्र में करीब 5,000 बीघा जमीन भाजपा के करीबी उद्योगपतियों को कस्टमाइज्ड पैकेज के तहत बिना पंजीकरण के आवंटित की गई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन जमीन आवंटनों को रद्द करने पर विचार कर रही है। यदि आवंटित जमीन पर कोई कार्य शुरू नहीं हुआ है तो उसका आवंटन रद्द किया जाएगा।
हिमकेयर योजना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में अनियमितताओं के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पुरुषों के अंडाशय के ऑपरेशन के बिल तैयार किए गए, जो बड़े घोटाले की ओर संकेत करता है। कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार के दौरान कथित बेनामी लेन-देन का भी उन्होंने जिक्र किया और कहा कि राज्य सरकार ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। अनियमितताएं सामने आने पर संबंधित जमीन को जब्त कर गरीबों में वितरित किया जाएगा।
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार विद्यार्थियों को घर के निकट गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए शिक्षा क्षेत्र में कई सुधार कर रही है। प्रदेश में 156 से अधिक सीबीएसई स्कूल खोले गए हैं तथा स्कूलों में शिक्षकों के 6,000 नए पद भरे गए हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों में केवल 35 प्रतिशत स्टाफ उपलब्ध था। वर्तमान सरकार ने 31 दिसंबर, 2026 तक प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 90 प्रतिशत चिकित्सा, पैरामेडिकल और अन्य सहायक स्टाफ की तैनाती का लक्ष्य रखा है।
विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास
इससे पहले मुख्यमंत्री ने जसवां-परागपुर क्षेत्र के बाड़ी में 95 लाख रुपये की लागत से निर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी।
इनमें 1.80 करोड़ रुपये की लागत से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय डाडासीबा के विज्ञान खंड, जसवां-परागपुर क्षेत्र में 4.85 करोड़ रुपये के विभिन्न सड़क कार्यों तथा 37 लाख रुपये की लागत से अलोह में स्वास्थ्य उपकेंद्र भवन का निर्माण शामिल है।
कांग्रेस नेता सुरेंद्र मनकोटिया ने कहा कि मछली पालकों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में मुख्यमंत्री की यह नई पहल है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अनाथ बच्चों के कल्याण के लिए कानून बनाया तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए एमएसपी शुरू किया है। हल्दी के लिए 150 रुपये प्रति किलोग्राम का एमएसपी घोषित करना भी सरकार की महत्वपूर्ण पहल है।
इस अवसर पर विधायक कमलेश ठाकुर, पूर्व विधायक योगराज, महाधिवक्ता अनूप रतन, विभिन्न बोर्डों एवं निगमों के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष, उपायुक्त हेमराज बैरवा, पुलिस अधीक्षक संदीप धवल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।