#नालंदा - स्कूल की जमीन पर कब्जे के आरोप से बरौटी-नेपुरा में विवाद गहराया
ग्रामीणों ने दीपनगर थाना के चौकीदार अरुण कुमार पर जबरन कब्जे का प्रयास करने का लगाया आरोप, डीएम से उच्चस्तरीय जांच की मांग
नालंदा से संवाददाता राकेश कुमार
नालंदा - दीपनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत बरौटी-नेपुरा गांव में सरकारी स्कूल की जमीन को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। विद्यालय की जमीन पर कथित कब्जे को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने गांव के ही रहने वाले और दीपनगर थाना में चौकीदार के पद पर कार्यरत अरुण कुमार पर स्कूल की जमीन पर जबरन कब्जा करने का प्रयास करने का गंभीर आरोप लगाया है। हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस भूमि पर वर्तमान में विद्यालय का संचालन हो रहा है, वह सरकारी जमीन है और इस पर पिछले कई दशकों से विद्यालय संचालित होता आ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार विद्यालय की जमीन को लेकर किसी भी प्रकार का निजी दावा या कब्जे का प्रयास क्षेत्र के बच्चों की शिक्षा व्यवस्था के लिए भी चिंता का विषय है।
वर्ष 1980 के आसपास हुआ था स्कूल का निर्माण
नेपुरा गांव निवासी ग्रामीण प्रभात शर्मा उर्फ पप्पू ने बताया कि गांव में विद्यालय का निर्माण करीब वर्ष 1980 के आसपास हुआ था। ग्रामीणों के अनुसार इससे पहले वर्ष 1979 में उनके पूर्वजों द्वारा संबंधित जमीन को राज्यपाल के नाम रजिस्ट्री किए जाने की बात कही जा रही है। ग्रामीणों का दावा है कि इसी भूमि पर वर्तमान में माध्यमिक विद्यालय और प्लस टू विद्यालय संचालित हो रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय लंबे समय से उक्त जमीन पर संचालित है और बड़ी संख्या में स्थानीय बच्चे इसी विद्यालय में पढ़ाई करते हैं। ऐसे में स्कूल की जमीन को लेकर विवाद उत्पन्न होने से ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है।
चौकीदार पर लगाया प्रभाव का इस्तेमाल करने का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि दीपनगर थाना में पदस्थापित चौकीदार अरुण कुमार अपने प्रभाव और दबंगई के बल पर विद्यालय की जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि जमीन पर कब्जे के लिए बाहर से दबंग किस्म के लोगों को बुलाने की कोशिश की जा रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि विद्यालय की जमीन का वास्तविक स्वामित्व किसके नाम है और वर्तमान राजस्व अभिलेखों में जमीन की स्थिति क्या है। ग्रामीणों का कहना है कि दस्तावेजों की जांच के बाद ही जमीन को लेकर उत्पन्न विवाद का स्थायी समाधान संभव है।
चौकीदार की जमीन और संपत्ति की जांच की मांग
ग्रामीणों ने चौकीदार अरुण कुमार की कथित जमीन और संपत्ति की भी उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग उठाई है। ग्रामीणों का सवाल है कि एक सरकारी चौकीदार के पद पर रहते हुए उनके पास इतनी जमीन और संपत्ति किस प्रकार अर्जित हुई, इसकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
ग्रामीणों ने उनके पूर्व के कथित जमीन विवादों की जांच कराने की भी मांग की है। हालांकि, इन आरोपों और संपत्ति संबंधी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि आरोप निराधार हैं तो जांच के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी और यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
डीएम समेत वरीय अधिकारियों से जांच की मांग
मामले को लेकर ग्रामीणों ने जिलाधिकारी समेत संबंधित वरीय अधिकारियों से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल की जमीन जैसे संवेदनशील मामले में राजस्व विभाग के अधिकारियों द्वारा जमीन के कागजात, जमाबंदी, खाता-खेसरा, रजिस्ट्री दस्तावेज और अन्य संबंधित अभिलेखों की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लानी चाहिए।
ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि जांच पूरी होने तक विद्यालय की जमीन पर किसी भी प्रकार का निर्माण, कब्जा या जमीन की स्थिति में बदलाव नहीं होने दिया जाए। यदि जांच में जबरन कब्जे या अन्य किसी प्रकार की अनियमितता की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाए।
जांच के बाद ही सामने आएगी वास्तविक स्थिति
स्कूल की जमीन को लेकर ग्रामीणों की ओर से लगाए जा रहे आरोपों के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि विद्यालय की जमीन का वास्तविक स्वामित्व किसके पास है और जमीन पर कब्जे को लेकर लगाए जा रहे आरोपों में कितनी सच्चाई है?
मामला जमीन के स्वामित्व और राजस्व अभिलेखों से जुड़ा होने के कारण प्रशासनिक एवं राजस्व जांच के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। जांच में जमीन के पुराने दस्तावेज, रजिस्ट्री, सरकारी रिकॉर्ड और वर्तमान स्थिति का मिलान किया जाना महत्वपूर्ण होगा।
ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय की जमीन किसी भी विवाद का विषय नहीं बननी चाहिए, क्योंकि इस भूमि से क्षेत्र के बच्चों की शिक्षा सीधे तौर पर जुड़ी हुई है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द मामले की जांच कर स्थिति स्पष्ट करने और विद्यालय की जमीन को सुरक्षित रखने की मांग की है।
मौके पर सुबोध सिंह, अशोक सिंह, युगल सिंह, अशोक कुमार, उदय सिंह, अनुज कुमार, राजीव कुमार, मुकेश कुमार, शिवम कुमार, मीकू कुमार समेत दर्जनों ग्रामीण मौजूद थे। ग्रामीणों ने एकजुट होकर मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
Rahui, Nalanda | Sep 4, 2026