125 दिन ग्रामीण रोजगार की नई गारंटी पर दो दिवसीय पंच सम्मेलन आयोजित
लखीसराय। जिला परिषद सभागार में शुक्रवार को जिला पदाधिकारी शैलेन्द्र कुमार की अध्यक्षता में "विकसित भारत के लिए 125 दिन ग्रामीण रोजगार की नई गारंटी" विषय पर दो दिवसीय पंच सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी, उप विकास आयुक्त सुमित कुमार एवं एनईपी के निदेशक नीरज आनंद ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। शुरुआत में नई ग्रामीण रोजगार गारंटी व्यवस्था पर आधारित वीडियो का प्रदर्शन किया गया।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि वर्ष 2005 में लागू मनरेगा ने पिछले दो दशकों में ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और आधारभूत संरचना के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कोविड-19 महामारी के दौरान भी इस योजना ने गांव लौटे प्रवासी श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने में अहम योगदान दिया।
उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था के तहत रोजगार की गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है तथा कृषि कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए 60 दिनों का लीव पीरियड निर्धारित किया गया है। संसाधनों का आवंटन अब राज्यों की वास्तविक आवश्यकता और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार किया जाएगा तथा विभिन्न विभागों की योजनाओं के साथ बेहतर अभिसरण (कन्वर्जेंस) सुनिश्चित किया जाएगा।
डीएम ने कहा कि नई व्यवस्था में विद्यालयों की चारदीवारी, शौचालय, रसोई शेड, अतिरिक्त कक्षों की मरम्मत, ग्रामीण हाट-बाजार, जल निकासी, मुक्तिधाम, तालाब-पोखरों का विकास, पौधारोपण, जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही प्रधानमंत्री गति शक्ति पोर्टल और जीआईएस आधारित योजना निर्माण के माध्यम से विकास कार्यों को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाएगा।
उन्होंने सभी मुखिया, पंचायत प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार तक समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से पहुंचाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त सुमित कुमार, एनईपी के निदेशक नीरज आनंद, जिला शिक्षा पदाधिकारी यदुवंश राम, जिला परिषद के सदस्य, सभी मुखिया एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।