*उपायुक्त ने सदर अस्पताल चाईबासा के इमरजेंसी वार्ड का किया औचक निरीक्षण*
*मरीजों एवं परिजनों से की सीधी बातचीत, स्वास्थ्य सेवाओं का लिया फीडबैक*
*सीएसआर मद से स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराई गई 1000 मच्छरदानियां, जिले में 10 हजार मच्छरदानियों के वितरण की होगी व्यवस्था*
पश्चिमी सिंहभूम जिले में आमजन को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में उपायुक्त श्री मनीष कुमार के द्वारा सदर अस्पताल-चाईबासा के इमरजेंसी वार्ड का औचक निरीक्षण कर वहां उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं एवं आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं का विस्तृत जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त श्री उत्कर्ष कुमार, प्रशिक्षु आईएएस सुश्री ईरा जोरवाल, सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी सहित अस्पताल के चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों के उपचार, दवा उपलब्धता, चिकित्सकीय उपकरणों की कार्यशीलता, साफ-सफाई, बेड प्रबंधन, नर्सिंग सेवाओं एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का विस्तारपूर्वक अवलोकन किया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से इमरजेंसी सेवाओं के संचालन, मरीजों की संख्या, चिकित्सकों की उपलब्धता एवं आवश्यक संसाधनों की स्थिति की जानकारी प्राप्त करते हुए निर्देश दिया कि आपातकालीन सेवाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी तथा प्रत्येक मरीज को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जाए।
उपायुक्त ने वार्ड में भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से सीधे संवाद स्थापित कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा उपचार व्यवस्था, दवाओं की उपलब्धता एवं अस्पताल की अन्य सुविधाओं के संबंध में फीडबैक प्राप्त किया। उन्होंने मरीजों का हौसला बढ़ाते हुए उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की तथा चिकित्सकों को निर्देशित किया कि मरीजों के प्रति संवेदनशील एवं मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जाएं।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने अस्पताल परिसर की स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था तथा मरीजों की सुविधा से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं की भी समीक्षा की। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया कि इमरजेंसी वार्ड में आने वाले प्रत्येक मरीज का त्वरित पंजीकरण, आवश्यक जांच एवं उपचार सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी परिस्थिति में मरीजों को अनावश्यक प्रतीक्षा का सामना न करना पड़े।
*मलेरिया उन्नमूलन हेतु मिला मच्छरदानी*
निरीक्षण उपरांत उपायुक्त द्वारा सिविल सर्जन कार्यालय को कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) मद के तहत 1000 मच्छरदानियां उपलब्ध कराई गईं। इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम जिला मलेरिया प्रभावित जिलों में शामिल है। ऐसे में ग्रामीण एवं सुदूरवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मच्छरजनित बीमारियों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से सीएसआर मद के तहत कुल 10,000 मच्छरदानियों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। प्रथम खेप के रूप में 1000 मच्छरदानियां स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध करा दी गई हैं, जिन्हें स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित गांवों एवं जरूरतमंद परिवारों के बीच वितरित किया जाएगा।
उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन मलेरिया एवं डेंगू जैसी बीमारियों की रोकथाम को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से लगातार व्यापक अभियान संचालित कर रहा है। जांच, उपचार, जागरूकता, स्रोत नियंत्रण एवं बचाव संबंधी गतिविधियों को सुदृढ़ किया जा रहा है, ताकि जिले में मच्छरजनित रोगों की रोकथाम प्रभावी ढंग से सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि मच्छरों से बचाव के लिए नियमित रूप से मच्छरदानी का उपयोग करें, घर एवं आसपास जलजमाव न होने दें, साफ-सफाई बनाए रखें तथा बुखार, कंपकंपी, सिरदर्द अथवा अन्य लक्षण दिखाई देने पर स्वयं उपचार करने के बजाय तुरंत निकटतम स्वास्थ्य संस्थान में जांच एवं उपचार कराएं। उन्होंने कहा कि प्रशासन एवं आमजन के सामूहिक प्रयासों से ही मलेरिया एवं डेंगू जैसी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।