"सखी दिवस" कार्यक्रम में उपायुक्त ने आजीविका, स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया जोर
पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय के सभागार में आज उपायुक्त श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में एवं उप विकास आयुक्त श्री उत्कर्ष कुमार, चक्रधरपुर अनुमंडल पदाधिकारी सुश्री श्रुति राजलक्ष्मी, डीपीएम जेएसएलपीएस की मौजूदगी में "सखी दिवस" कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के विभिन्न प्रखंडों से स्वयं सहायता समूह की दीदियों, जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों तथा झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी के पदाधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान आजीविका संवर्धन, स्वास्थ्य, पोषण, सामाजिक सुरक्षा, कृषि, वित्तीय पारदर्शिता एवं सामुदायिक विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
इस अवसर पर उपायुक्त ने स्वयं सहायता समूहों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से बर्तन बैंक को ग्राम स्तर पर प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा विद्यालयों एवं अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए किराये पर उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। इसके साथ ही भविष्य में बर्तन बैंक का विस्तार कर इसे टेंट एवं अन्य आयोजन संबंधी सामग्रियों तक विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। उन्होंने आम व्यवसाय को वर्षभर टिकाऊ बनाने के लिए आम के अतिरिक्त अन्य उत्पादों की बिक्री शुरू करने का भी सुझाव दिया। बैठक में जानकारी दी गई कि जिलेभर में आम की कुल बिक्री 1 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर चुकी है, जिस पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उपायुक्त ने सभी दीदियों, कर्मियों एवं संबंधित टीम के समर्पित प्रयासों की सराहना की और उन्हें धन्यवाद दिया।
इस दौरान स्वास्थ्य जागरूकता पर विशेष बल देते हुए उपायुक्त ने कहा कि दस्त, मलेरिया, साँप के काटने अथवा अन्य किसी भी बीमारी की स्थिति में झाड़-फूंक अथवा अंधविश्वास का सहारा लेने के बजाय तत्काल निकटतम स्वास्थ्य संस्थान में जाकर उपचार कराना चाहिए। उन्होंने मलेरिया से बचाव हेतु मच्छरदानी के नियमित उपयोग तथा गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें समय पर एमटीसी में भर्ती कराने के निर्देश दिए। बैठक में एमटीसी में भर्ती बच्चों के साथ रहने वाले परिजनों को विभागीय प्रावधानों के अनुसार उपलब्ध कराई जाने वाली प्रोत्साहन राशि की जानकारी भी दी गई।
बैठक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के संदर्भ में बताया गया कि सभी पात्र नागरिकों का पंजीकरण एवं सत्यापन कार्य हर हाल में पूर्ण किया जाना है तथा इस हेतु आप सभी अपने स्तर से व्यापक जनजागरूकता एवं संपर्क अभियान चलाकर शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने में अपेक्षित सहयोग प्रदान करें। उपायुक्त ने कहा की कि प्रत्येक माह की 25 तारीख को जिला स्तरीय पदाधिकारी स्वयं सहायता समूहों की बैठकों में शामिल होंगे, जिससे प्रशासन एवं दीदियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा तथा विकासात्मक कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन में सहयोग मिलेगा। बैठक के दौरान मनोहरपुर प्रखंड में वित्तीय लेन-देन से संबंधित प्रकरण का उल्लेख करते हुए सभी प्रखंडों में वित्तीय पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, साथ ही साइबर अपराधों से बचाव के लिए ओटीपी साझा न करने एवं किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने की अपील की गई।
कार्यक्रम में ग्राम स्तर पर पीडीएस का संचालन कर रही दीदियों को विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई टी-शर्ट प्राप्त करने, स्वयं सहायता समूह की दीदियों के लिए एक समान डिज़ाइन की साड़ी तैयार कराने, एकल अभिभावक वाले पात्र परिवारों को योजनाओं से जोड़ने, आरसेटी के माध्यम से प्रशिक्षण उपलब्ध कराने तथा किसानों को धान के साथ-साथ सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देकर आय में वृद्धि करने पर भी विशेष जोर दिया गया।