टीबी मुक्त भारत अभियान को गति देने के लिए डीएम की समीक्षा बैठक, सभी प्रखंडों को लक्ष्य आधारित कार्य करने का निर्देश
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मुजफ्फरपुर,
टीबी मुक्त भारत अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने तथा जिले में क्षय रोग उन्मूलन की दिशा में निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी श्री कुमार गौरव ने जिला स्वास्थ्य समिति के अधिकारियों, सिविल सर्जन, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी तथा संबंधित पदाधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में अभियान के विभिन्न प्रमुख इंडिकेटरों की प्रखंडवार उपलब्धियों की समीक्षा की गई तथा बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों की सराहना करते हुए अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन वाले प्रखंडों को विशेष कार्ययोजना बनाकर अभियान में तेजी लाने का निर्देश दिया।
बैठक मे अवगत कराया गया कि जिले को टीबी मुक्त बनाने के संकल्प को साकार करने में प्रत्येक स्वास्थ्यकर्मी, आशा कार्यकर्ता, जीविका समूह, पंचायत प्रतिनिधि एवं जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके लिए टीबी की समय पर पहचान, जांच, उपचार, संपर्क अनुरेखण, टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (टीपीटी), निक्षय मित्र एवं पोषण सहायता जैसी सभी गतिविधियों को मिशन मोड में संचालित किया जाए।
बैठक में स्क्रीनिंग (Screening) की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में कुल 13,680 लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि घर-घर जाकर संभावित मरीजों की पहचान की जाए तथा अधिक से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जाए ताकि प्रारंभिक अवस्था में ही टीबी रोगियों की पहचान हो सके।
इसके बाद एक्स-रे (X-Ray) इंडिकेटर की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि जिले में कुल 1,548 एक्स-रे किए गए हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन संदिग्ध मरीजों में टीबी की संभावना हो, उनका समय पर एक्स-रे कराया जाए तथा जांच प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।
नाट (NAAT) टेस्ट की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में कुल 152 NAAT टेस्ट किए गए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी की पुष्टि के लिए आधुनिक जांच सुविधाओं का अधिकतम उपयोग किया जाए तथा प्रत्येक संदिग्ध मरीज की समय पर जांच सुनिश्चित की जाए, जिससे शीघ्र उपचार प्रारंभ किया जा सके।
बैठक में डिफरेंशिएटेड टीबी केयर (Differentiated TB Care) की भी समीक्षा की गई। इस इंडिकेटर के अंतर्गत जिले में कुल 135 मरीजों को आवश्यक विशेष देखभाल एवं सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि गंभीर एवं उच्च जोखिम वाले मरीजों की नियमित निगरानी की जाए तथा उन्हें गुणवत्तापूर्ण उपचार एवं परामर्श उपलब्ध कराया जाए।
टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (TPT) की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में कुल 306 लाभार्थियों को टीबी से बचाव के लिए प्रिवेंटिव उपचार उपलब्ध कराया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी मरीजों के निकट संपर्क में आने वाले व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें समय पर टीपीटी उपलब्ध कराया जाए ताकि भविष्य में संक्रमण की संभावना को कम किया जा सके।
बैठक में निक्षय मित्र (NIKSHAY Mitra) कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि जिले में अब तक 42 निक्षय मित्र अभियान से जुड़े हैं। जिलाधिकारी ने सभी प्रखंडों के पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि अधिक से अधिक सामाजिक संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों, उद्योगों, जनप्रतिनिधियों एवं सक्षम नागरिकों को निक्षय मित्र के रूप में जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए, जिससे टीबी मरीजों को पोषण एवं अन्य आवश्यक सहयोग समय पर उपलब्ध हो सके।
फूड बास्केट (Food Basket) की समीक्षा के दौरान बताया गया कि अब तक 25 फूड बास्केट उपलब्ध कराए गए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी मरीजों के उपचार में पौष्टिक आहार की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए अधिक से अधिक मरीजों को पोषण सहायता उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभाग एवं निक्षय मित्र समन्वय स्थापित कर कार्य करें।
बैठक में सभी इंडिकेटरों के आधार पर प्रखंडवार रैंकिंग की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों की सराहना करते हुए कहा कि अन्य प्रखंड भी उनसे सीख लेकर अपने प्रदर्शन में सुधार करें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि कमजोर प्रदर्शन वाले प्रखंडों के लिए अलग से माइक्रो प्लान तैयार किया जाए तथा प्रतिदिन प्रगति की समीक्षा की जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिया कि पंचायत स्तर पर विशेष जागरूकता अभियान, स्वास्थ्य शिविर, स्कूलों एवं सामुदायिक संस्थानों में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं ताकि टीबी के लक्षण दिखाई देने पर लोग बिना किसी संकोच के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में जांच कराएं।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्वास्थ्य संस्थान में दवाओं की उपलब्धता, जांच सुविधाएं, मरीजों का नियमित फॉलोअप तथा निक्षय पोषण योजना का समय पर लाभ सुनिश्चित किया जाए। उपचार बीच में छोड़ने वाले मरीजों की विशेष निगरानी की जाए तथा आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से नियमित संपर्क बनाए रखा जाए।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी श्री कुमार गौरव ने कहा कि "टीबी मुक्त भारत अभियान केवल स्वास्थ्य विभाग का कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूरे समाज का अभियान है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा प्रत्येक इंडिकेटर में शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करें, ताकि मुजफ्फरपुर को टीबी मुक्त जिला बनाने का लक्ष्य समयबद्ध तरीके से प्राप्त किया जा सके।"