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टीबी मुक्त भारत अभियान को गति देने के लिए डीएम की समीक्षा बैठक, सभी प्रखंडों को लक्ष्य आधारित कार्य करने का निर्देश
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मुजफ्फरपुर,

टीबी मुक्त भारत अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने तथा जिले में क्षय रोग उन्मूलन की दिशा में निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी श्री कुमार गौरव ने जिला स्वास्थ्य समिति के अधिकारियों, सिविल सर्जन, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी तथा संबंधित पदाधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में अभियान के विभिन्न प्रमुख इंडिकेटरों की प्रखंडवार उपलब्धियों की समीक्षा की गई तथा बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों की सराहना करते हुए अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन वाले प्रखंडों को विशेष कार्ययोजना बनाकर अभियान में तेजी लाने का निर्देश दिया।
 बैठक मे अवगत कराया गया कि जिले को टीबी मुक्त बनाने के  संकल्प को साकार करने में प्रत्येक स्वास्थ्यकर्मी, आशा कार्यकर्ता, जीविका समूह, पंचायत प्रतिनिधि एवं जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके लिए टीबी की समय पर पहचान, जांच, उपचार, संपर्क अनुरेखण, टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (टीपीटी), निक्षय मित्र एवं पोषण सहायता जैसी सभी गतिविधियों को मिशन मोड में संचालित किया जाए।
बैठक में स्क्रीनिंग (Screening) की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में कुल 13,680 लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि घर-घर जाकर संभावित मरीजों की पहचान की जाए तथा अधिक से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जाए ताकि प्रारंभिक अवस्था में ही टीबी रोगियों की पहचान हो सके।
इसके बाद एक्स-रे (X-Ray) इंडिकेटर की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि जिले में कुल 1,548 एक्स-रे किए गए हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन संदिग्ध मरीजों में टीबी की संभावना हो, उनका समय पर एक्स-रे कराया जाए तथा जांच प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।
नाट (NAAT) टेस्ट की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में कुल 152 NAAT टेस्ट किए गए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी की पुष्टि के लिए आधुनिक जांच सुविधाओं का अधिकतम उपयोग किया जाए तथा प्रत्येक संदिग्ध मरीज की समय पर जांच सुनिश्चित की जाए, जिससे शीघ्र उपचार प्रारंभ किया जा सके।
बैठक में डिफरेंशिएटेड टीबी केयर (Differentiated TB Care) की भी समीक्षा की गई। इस इंडिकेटर के अंतर्गत जिले में कुल 135 मरीजों को आवश्यक विशेष देखभाल एवं सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि गंभीर एवं उच्च जोखिम वाले मरीजों की नियमित निगरानी की जाए तथा उन्हें गुणवत्तापूर्ण उपचार एवं परामर्श उपलब्ध कराया जाए।
टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (TPT) की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में कुल 306 लाभार्थियों को टीबी से बचाव के लिए प्रिवेंटिव उपचार उपलब्ध कराया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी मरीजों के निकट संपर्क में आने वाले व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें समय पर टीपीटी उपलब्ध कराया जाए ताकि भविष्य में संक्रमण की संभावना को कम किया जा सके।
बैठक में निक्षय मित्र (NIKSHAY Mitra) कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि जिले में अब तक 42 निक्षय मित्र अभियान से जुड़े हैं। जिलाधिकारी ने सभी प्रखंडों के पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि अधिक से अधिक सामाजिक संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों, उद्योगों, जनप्रतिनिधियों एवं सक्षम नागरिकों को निक्षय मित्र के रूप में जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए, जिससे टीबी मरीजों को पोषण एवं अन्य आवश्यक सहयोग समय पर उपलब्ध हो सके।
फूड बास्केट (Food Basket) की समीक्षा के दौरान बताया गया कि अब तक 25 फूड बास्केट उपलब्ध कराए गए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी मरीजों के उपचार में पौष्टिक आहार की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए अधिक से अधिक मरीजों को पोषण सहायता उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभाग एवं निक्षय मित्र समन्वय स्थापित कर कार्य करें।
बैठक में सभी इंडिकेटरों के आधार पर प्रखंडवार रैंकिंग की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों की सराहना करते हुए कहा कि अन्य प्रखंड भी उनसे सीख लेकर अपने प्रदर्शन में सुधार करें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि कमजोर प्रदर्शन वाले प्रखंडों के लिए अलग से माइक्रो प्लान तैयार किया जाए तथा प्रतिदिन प्रगति की समीक्षा की जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिया कि पंचायत स्तर पर विशेष जागरूकता अभियान, स्वास्थ्य शिविर, स्कूलों एवं सामुदायिक संस्थानों में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं ताकि टीबी के लक्षण दिखाई देने पर लोग बिना किसी संकोच के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में जांच कराएं।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्वास्थ्य संस्थान में दवाओं की उपलब्धता, जांच सुविधाएं, मरीजों का नियमित फॉलोअप तथा निक्षय पोषण योजना का समय पर लाभ सुनिश्चित किया जाए। उपचार बीच में छोड़ने वाले मरीजों की विशेष निगरानी की जाए तथा आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से नियमित संपर्क बनाए रखा जाए।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी श्री कुमार गौरव ने कहा कि "टीबी मुक्त भारत अभियान केवल स्वास्थ्य विभाग का कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूरे समाज का अभियान है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा प्रत्येक इंडिकेटर में शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करें, ताकि मुजफ्फरपुर को टीबी मुक्त जिला बनाने का लक्ष्य समयबद्ध तरीके से प्राप्त किया जा सके।"

टीबी मुक्त भारत अभियान को गति देने के लिए डीएम की समीक्षा बैठक, सभी प्रखंडों को लक्ष्य आधारित कार्य करने का निर्देश ------------------------- मुजफ्फरपुर, टीबी मुक्त भारत अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने तथा जिले में क्षय रोग उन्मूलन की दिशा में निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी श्री कुमार गौरव ने जिला स्वास्थ्य समिति के अधिकारियों, सिविल सर्जन, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी तथा संबंधित पदाधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में अभियान के विभिन्न प्रमुख इंडिकेटरों की प्रखंडवार उपलब्धियों की समीक्षा की गई तथा बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों की सराहना करते हुए अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन वाले प्रखंडों को विशेष कार्ययोजना बनाकर अभियान में तेजी लाने का निर्देश दिया। बैठक मे अवगत कराया गया कि जिले को टीबी मुक्त बनाने के संकल्प को साकार करने में प्रत्येक स्वास्थ्यकर्मी, आशा कार्यकर्ता, जीविका समूह, पंचायत प्रतिनिधि एवं जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके लिए टीबी की समय पर पहचान, जांच, उपचार, संपर्क अनुरेखण, टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (टीपीटी), निक्षय मित्र एवं पोषण सहायता जैसी सभी गतिविधियों को मिशन मोड में संचालित किया जाए। बैठक में स्क्रीनिंग (Screening) की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में कुल 13,680 लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि घर-घर जाकर संभावित मरीजों की पहचान की जाए तथा अधिक से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जाए ताकि प्रारंभिक अवस्था में ही टीबी रोगियों की पहचान हो सके। इसके बाद एक्स-रे (X-Ray) इंडिकेटर की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि जिले में कुल 1,548 एक्स-रे किए गए हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन संदिग्ध मरीजों में टीबी की संभावना हो, उनका समय पर एक्स-रे कराया जाए तथा जांच प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। नाट (NAAT) टेस्ट की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में कुल 152 NAAT टेस्ट किए गए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी की पुष्टि के लिए आधुनिक जांच सुविधाओं का अधिकतम उपयोग किया जाए तथा प्रत्येक संदिग्ध मरीज की समय पर जांच सुनिश्चित की जाए, जिससे शीघ्र उपचार प्रारंभ किया जा सके। बैठक में डिफरेंशिएटेड टीबी केयर (Differentiated TB Care) की भी समीक्षा की गई। इस इंडिकेटर के अंतर्गत जिले में कुल 135 मरीजों को आवश्यक विशेष देखभाल एवं सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि गंभीर एवं उच्च जोखिम वाले मरीजों की नियमित निगरानी की जाए तथा उन्हें गुणवत्तापूर्ण उपचार एवं परामर्श उपलब्ध कराया जाए। टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (TPT) की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में कुल 306 लाभार्थियों को टीबी से बचाव के लिए प्रिवेंटिव उपचार उपलब्ध कराया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी मरीजों के निकट संपर्क में आने वाले व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें समय पर टीपीटी उपलब्ध कराया जाए ताकि भविष्य में संक्रमण की संभावना को कम किया जा सके। बैठक में निक्षय मित्र (NIKSHAY Mitra) कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि जिले में अब तक 42 निक्षय मित्र अभियान से जुड़े हैं। जिलाधिकारी ने सभी प्रखंडों के पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि अधिक से अधिक सामाजिक संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों, उद्योगों, जनप्रतिनिधियों एवं सक्षम नागरिकों को निक्षय मित्र के रूप में जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए, जिससे टीबी मरीजों को पोषण एवं अन्य आवश्यक सहयोग समय पर उपलब्ध हो सके। फूड बास्केट (Food Basket) की समीक्षा के दौरान बताया गया कि अब तक 25 फूड बास्केट उपलब्ध कराए गए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी मरीजों के उपचार में पौष्टिक आहार की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए अधिक से अधिक मरीजों को पोषण सहायता उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभाग एवं निक्षय मित्र समन्वय स्थापित कर कार्य करें। बैठक में सभी इंडिकेटरों के आधार पर प्रखंडवार रैंकिंग की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों की सराहना करते हुए कहा कि अन्य प्रखंड भी उनसे सीख लेकर अपने प्रदर्शन में सुधार करें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि कमजोर प्रदर्शन वाले प्रखंडों के लिए अलग से माइक्रो प्लान तैयार किया जाए तथा प्रतिदिन प्रगति की समीक्षा की जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिया कि पंचायत स्तर पर विशेष जागरूकता अभियान, स्वास्थ्य शिविर, स्कूलों एवं सामुदायिक संस्थानों में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं ताकि टीबी के लक्षण दिखाई देने पर लोग बिना किसी संकोच के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में जांच कराएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्वास्थ्य संस्थान में दवाओं की उपलब्धता, जांच सुविधाएं, मरीजों का नियमित फॉलोअप तथा निक्षय पोषण योजना का समय पर लाभ सुनिश्चित किया जाए। उपचार बीच में छोड़ने वाले मरीजों की विशेष निगरानी की जाए तथा आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से नियमित संपर्क बनाए रखा जाए। बैठक के अंत में जिलाधिकारी श्री कुमार गौरव ने कहा कि "टीबी मुक्त भारत अभियान केवल स्वास्थ्य विभाग का कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूरे समाज का अभियान है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा प्रत्येक इंडिकेटर में शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करें, ताकि मुजफ्फरपुर को टीबी मुक्त जिला बनाने का लक्ष्य समयबद्ध तरीके से प्राप्त किया जा सके।"

Muzaffarpur, Bihar | Jul 4, 2026

पारु में 700 एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की कार्रवाई तेज 

 जिलाधिकारी ने पारु एवं मोतीपुर औद्योगिक क्षेत्र का भ्रमण कर स्थिति का लिया जायजा
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मुजफ्फरपुर, 
04  जुलाई 2026

जिले में आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने तथा औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार की कार्रवाई सतत एवं प्रभावी रूप से जारी है। इसी क्रम में जिलाधिकारी द्वारा महत्वपूर्ण पहल करते हुए मुजफ्फरपुर जिले के पारु प्रखंड में लगभग 700 एकड़ क्षेत्रफल में नये औद्योगिक क्षेत्र के विकास की प्रक्रिया को तेज कर दी गई है। इस क्रम मे जिलाधिकारी ने पारू, मोतीपुर औद्योगिक क्षेत्र का भ्रमण कर अद्यतन स्थिति का जायजा लिया।
जिले में उद्योगों को बढ़ावा देने तथा निवेश के अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए बेला एवं मोतीपुर के बाद अब पारु को नये औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस पहल की गई है। इस परियोजना के तहत निर्धारित भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया प्रारंभ है तथा कार्य को गति देने के लिए आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई तेज कर दी गई है।
इस बाबत परियोजना को शीघ्र धरातल पर उतारने के लिए भू-अर्जन की कार्रवाई प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है।
पारु में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र के लिए कुल पांच मौजों में लगभग 700 एकड़ भूमि के अधिग्रहण की कार्रवाई की गई है। इसके अंतर्गत चांदपुर चिउटारा मौजा में लगभग 250 एकड़, चतुरपट्टी मौजा में 150 एकड़, भोजपट्टी मौजा में 95 एकड़, हरपुर कपरफोरा मौजा में 120 एकड़ तथा विशुनपुर सरैया मौजा में लगभग 85 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई है।
जिलाधिकारी ने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को सभी मौजों में भूमि की उपलब्धता, सीमांकन एवं अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं का परीक्षण करते हुए भू-अर्जन की कार्रवाई नियमानुसार पूरा कर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने भूमि अधिग्रहण से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण करने तथा रैयतों को विधिसम्मत भुगतान की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि पारु में औद्योगिक क्षेत्र के विकास से मुजफ्फरपुर जिले को बहुआयामी लाभ प्राप्त होंगे। इससे जिले में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। औद्योगिक इकाइयों की स्थापना से युवाओं को रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार के भी अवसर प्राप्त होंगे, जिससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
उन्होंने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने से जिले की आर्थिक संरचना को मजबूती मिलेगी तथा आसपास के क्षेत्रों में सहायक व्यवसायों, परिवहन, भंडारण, पैकेजिंग और सेवा क्षेत्र से जुड़ी गतिविधियों का भी विस्तार होगा। इससे स्थानीय व्यापारियों, उद्यमियों तथा छोटे व्यवसायों को भी लाभ प्राप्त होगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि  सरकार की औद्योगिक नीति के अनुरूप जिले में उद्योगों के अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए प्रशासन लगातार प्रयासरत है। पारु में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे आने वाले समय में मुजफ्फरपुर को एक नए औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित होने में सहायता मिलेगी।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि औद्योगिक क्षेत्र के विकास, बेहतर सड़क संपर्क और प्रशासनिक सहयोग के माध्यम से मुजफ्फरपुर जिले में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी तथा क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ आधार प्राप्त होगा। साथ ही स्थानीय युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध होंगे, जिससे जिले के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी।

औद्योगिक क्षेत्र के प्रभावी संचालन तथा परिवहन व्यवस्था को सुगम बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए पारु प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र को जिले से गुजर रहे निर्माणाधीन पटना - बेतिया फ्लोरलन  से जोड़ने का प्रस्ताव NHAI को पूर्व मे ही भेजा गया।
 इससे बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध हो जायेगी तथा  उद्योगों को कच्चे माल की आपूर्ति तथा तैयार उत्पादों की ढुलाई अधिक तेज और सुगम तरीके से हो सकेगी। इससे निवेशकों और उद्योगपतियों को बेहतर लॉजिस्टिक सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे क्षेत्र में नये उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा। औद्योगिक क्षेत्र के लिए फोरलेन सड़क से कनेक्टिविटी उपलब्ध हो जाने पर न केवल उद्योगों के संचालन में सहूलियत होगी बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। बेहतर संपर्क मार्ग के कारण परिवहन लागत में कमी आएगी तथा उत्पादों को राज्य एवं देश के अन्य बाजारों तक पहुंचाना अधिक आसान होगा।

पारु में 700 एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की कार्रवाई तेज जिलाधिकारी ने पारु एवं मोतीपुर औद्योगिक क्षेत्र का भ्रमण कर स्थिति का लिया जायजा ---------------------------- मुजफ्फरपुर, 04 जुलाई 2026 जिले में आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने तथा औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार की कार्रवाई सतत एवं प्रभावी रूप से जारी है। इसी क्रम में जिलाधिकारी द्वारा महत्वपूर्ण पहल करते हुए मुजफ्फरपुर जिले के पारु प्रखंड में लगभग 700 एकड़ क्षेत्रफल में नये औद्योगिक क्षेत्र के विकास की प्रक्रिया को तेज कर दी गई है। इस क्रम मे जिलाधिकारी ने पारू, मोतीपुर औद्योगिक क्षेत्र का भ्रमण कर अद्यतन स्थिति का जायजा लिया। जिले में उद्योगों को बढ़ावा देने तथा निवेश के अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए बेला एवं मोतीपुर के बाद अब पारु को नये औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस पहल की गई है। इस परियोजना के तहत निर्धारित भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया प्रारंभ है तथा कार्य को गति देने के लिए आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई तेज कर दी गई है। इस बाबत परियोजना को शीघ्र धरातल पर उतारने के लिए भू-अर्जन की कार्रवाई प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है। पारु में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र के लिए कुल पांच मौजों में लगभग 700 एकड़ भूमि के अधिग्रहण की कार्रवाई की गई है। इसके अंतर्गत चांदपुर चिउटारा मौजा में लगभग 250 एकड़, चतुरपट्टी मौजा में 150 एकड़, भोजपट्टी मौजा में 95 एकड़, हरपुर कपरफोरा मौजा में 120 एकड़ तथा विशुनपुर सरैया मौजा में लगभग 85 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई है। जिलाधिकारी ने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को सभी मौजों में भूमि की उपलब्धता, सीमांकन एवं अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं का परीक्षण करते हुए भू-अर्जन की कार्रवाई नियमानुसार पूरा कर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने भूमि अधिग्रहण से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण करने तथा रैयतों को विधिसम्मत भुगतान की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। जिलाधिकारी ने कहा कि पारु में औद्योगिक क्षेत्र के विकास से मुजफ्फरपुर जिले को बहुआयामी लाभ प्राप्त होंगे। इससे जिले में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। औद्योगिक इकाइयों की स्थापना से युवाओं को रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार के भी अवसर प्राप्त होंगे, जिससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने से जिले की आर्थिक संरचना को मजबूती मिलेगी तथा आसपास के क्षेत्रों में सहायक व्यवसायों, परिवहन, भंडारण, पैकेजिंग और सेवा क्षेत्र से जुड़ी गतिविधियों का भी विस्तार होगा। इससे स्थानीय व्यापारियों, उद्यमियों तथा छोटे व्यवसायों को भी लाभ प्राप्त होगा। जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार की औद्योगिक नीति के अनुरूप जिले में उद्योगों के अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए प्रशासन लगातार प्रयासरत है। पारु में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे आने वाले समय में मुजफ्फरपुर को एक नए औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित होने में सहायता मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि औद्योगिक क्षेत्र के विकास, बेहतर सड़क संपर्क और प्रशासनिक सहयोग के माध्यम से मुजफ्फरपुर जिले में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी तथा क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ आधार प्राप्त होगा। साथ ही स्थानीय युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध होंगे, जिससे जिले के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी। औद्योगिक क्षेत्र के प्रभावी संचालन तथा परिवहन व्यवस्था को सुगम बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए पारु प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र को जिले से गुजर रहे निर्माणाधीन पटना - बेतिया फ्लोरलन से जोड़ने का प्रस्ताव NHAI को पूर्व मे ही भेजा गया। इससे बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध हो जायेगी तथा उद्योगों को कच्चे माल की आपूर्ति तथा तैयार उत्पादों की ढुलाई अधिक तेज और सुगम तरीके से हो सकेगी। इससे निवेशकों और उद्योगपतियों को बेहतर लॉजिस्टिक सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे क्षेत्र में नये उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा। औद्योगिक क्षेत्र के लिए फोरलेन सड़क से कनेक्टिविटी उपलब्ध हो जाने पर न केवल उद्योगों के संचालन में सहूलियत होगी बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। बेहतर संपर्क मार्ग के कारण परिवहन लागत में कमी आएगी तथा उत्पादों को राज्य एवं देश के अन्य बाजारों तक पहुंचाना अधिक आसान होगा।

Muzaffarpur, Bihar | Jul 4, 2026

टीबी मुक्त भारत अभियान को गति देने के लिए डीएम की समीक्षा बैठक, सभी प्रखंडों को लक्ष्य आधारित कार्य करने का निर्देश
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टीबी मुक्त भारत अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने तथा जिले में क्षय रोग उन्मूलन की दिशा में निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी श्री कुमार गौरव ने जिला स्वास्थ्य समिति के अधिकारियों, सिविल सर्जन, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी तथा संबंधित पदाधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में अभियान के विभिन्न प्रमुख इंडिकेटरों की प्रखंडवार उपलब्धियों की समीक्षा की गई तथा बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों की सराहना करते हुए अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन वाले प्रखंडों को विशेष कार्ययोजना बनाकर अभियान में तेजी लाने का निर्देश दिया।
 बैठक मे अवगत कराया गया कि जिले को टीबी मुक्त बनाने के  संकल्प को साकार करने में प्रत्येक स्वास्थ्यकर्मी, आशा कार्यकर्ता, जीविका समूह, पंचायत प्रतिनिधि एवं जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके लिए टीबी की समय पर पहचान, जांच, उपचार, संपर्क अनुरेखण, टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (टीपीटी), निक्षय मित्र एवं पोषण सहायता जैसी सभी गतिविधियों को मिशन मोड में संचालित किया जाए।
बैठक में स्क्रीनिंग (Screening) की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में कुल 13,680 लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि घर-घर जाकर संभावित मरीजों की पहचान की जाए तथा अधिक से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जाए ताकि प्रारंभिक अवस्था में ही टीबी रोगियों की पहचान हो सके।
इसके बाद एक्स-रे (X-Ray) इंडिकेटर की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि जिले में कुल 1,548 एक्स-रे किए गए हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन संदिग्ध मरीजों में टीबी की संभावना हो, उनका समय पर एक्स-रे कराया जाए तथा जांच प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।
नाट (NAAT) टेस्ट की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में कुल 152 NAAT टेस्ट किए गए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी की पुष्टि के लिए आधुनिक जांच सुविधाओं का अधिकतम उपयोग किया जाए तथा प्रत्येक संदिग्ध मरीज की समय पर जांच सुनिश्चित की जाए, जिससे शीघ्र उपचार प्रारंभ किया जा सके।
बैठक में डिफरेंशिएटेड टीबी केयर (Differentiated TB Care) की भी समीक्षा की गई। इस इंडिकेटर के अंतर्गत जिले में कुल 135 मरीजों को आवश्यक विशेष देखभाल एवं सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि गंभीर एवं उच्च जोखिम वाले मरीजों की नियमित निगरानी की जाए तथा उन्हें गुणवत्तापूर्ण उपचार एवं परामर्श उपलब्ध कराया जाए।
टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (TPT) की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में कुल 306 लाभार्थियों को टीबी से बचाव के लिए प्रिवेंटिव उपचार उपलब्ध कराया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी मरीजों के निकट संपर्क में आने वाले व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें समय पर टीपीटी उपलब्ध कराया जाए ताकि भविष्य में संक्रमण की संभावना को कम किया जा सके।
बैठक में निक्षय मित्र (NIKSHAY Mitra) कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि जिले में अब तक 42 निक्षय मित्र अभियान से जुड़े हैं। जिलाधिकारी ने सभी प्रखंडों के पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि अधिक से अधिक सामाजिक संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों, उद्योगों, जनप्रतिनिधियों एवं सक्षम नागरिकों को निक्षय मित्र के रूप में जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए, जिससे टीबी मरीजों को पोषण एवं अन्य आवश्यक सहयोग समय पर उपलब्ध हो सके।
फूड बास्केट (Food Basket) की समीक्षा के दौरान बताया गया कि अब तक 25 फूड बास्केट उपलब्ध कराए गए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी मरीजों के उपचार में पौष्टिक आहार की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए अधिक से अधिक मरीजों को पोषण सहायता उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभाग एवं निक्षय मित्र समन्वय स्थापित कर कार्य करें।

टीबी मुक्त भारत अभियान को गति देने के लिए डीएम की समीक्षा बैठक, सभी प्रखंडों को लक्ष्य आधारित कार्य करने का निर्देश ------------------------- टीबी मुक्त भारत अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने तथा जिले में क्षय रोग उन्मूलन की दिशा में निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी श्री कुमार गौरव ने जिला स्वास्थ्य समिति के अधिकारियों, सिविल सर्जन, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी तथा संबंधित पदाधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में अभियान के विभिन्न प्रमुख इंडिकेटरों की प्रखंडवार उपलब्धियों की समीक्षा की गई तथा बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों की सराहना करते हुए अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन वाले प्रखंडों को विशेष कार्ययोजना बनाकर अभियान में तेजी लाने का निर्देश दिया। बैठक मे अवगत कराया गया कि जिले को टीबी मुक्त बनाने के संकल्प को साकार करने में प्रत्येक स्वास्थ्यकर्मी, आशा कार्यकर्ता, जीविका समूह, पंचायत प्रतिनिधि एवं जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके लिए टीबी की समय पर पहचान, जांच, उपचार, संपर्क अनुरेखण, टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (टीपीटी), निक्षय मित्र एवं पोषण सहायता जैसी सभी गतिविधियों को मिशन मोड में संचालित किया जाए। बैठक में स्क्रीनिंग (Screening) की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में कुल 13,680 लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि घर-घर जाकर संभावित मरीजों की पहचान की जाए तथा अधिक से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जाए ताकि प्रारंभिक अवस्था में ही टीबी रोगियों की पहचान हो सके। इसके बाद एक्स-रे (X-Ray) इंडिकेटर की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि जिले में कुल 1,548 एक्स-रे किए गए हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन संदिग्ध मरीजों में टीबी की संभावना हो, उनका समय पर एक्स-रे कराया जाए तथा जांच प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। नाट (NAAT) टेस्ट की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में कुल 152 NAAT टेस्ट किए गए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी की पुष्टि के लिए आधुनिक जांच सुविधाओं का अधिकतम उपयोग किया जाए तथा प्रत्येक संदिग्ध मरीज की समय पर जांच सुनिश्चित की जाए, जिससे शीघ्र उपचार प्रारंभ किया जा सके। बैठक में डिफरेंशिएटेड टीबी केयर (Differentiated TB Care) की भी समीक्षा की गई। इस इंडिकेटर के अंतर्गत जिले में कुल 135 मरीजों को आवश्यक विशेष देखभाल एवं सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि गंभीर एवं उच्च जोखिम वाले मरीजों की नियमित निगरानी की जाए तथा उन्हें गुणवत्तापूर्ण उपचार एवं परामर्श उपलब्ध कराया जाए। टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (TPT) की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में कुल 306 लाभार्थियों को टीबी से बचाव के लिए प्रिवेंटिव उपचार उपलब्ध कराया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी मरीजों के निकट संपर्क में आने वाले व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें समय पर टीपीटी उपलब्ध कराया जाए ताकि भविष्य में संक्रमण की संभावना को कम किया जा सके। बैठक में निक्षय मित्र (NIKSHAY Mitra) कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि जिले में अब तक 42 निक्षय मित्र अभियान से जुड़े हैं। जिलाधिकारी ने सभी प्रखंडों के पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि अधिक से अधिक सामाजिक संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों, उद्योगों, जनप्रतिनिधियों एवं सक्षम नागरिकों को निक्षय मित्र के रूप में जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए, जिससे टीबी मरीजों को पोषण एवं अन्य आवश्यक सहयोग समय पर उपलब्ध हो सके। फूड बास्केट (Food Basket) की समीक्षा के दौरान बताया गया कि अब तक 25 फूड बास्केट उपलब्ध कराए गए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी मरीजों के उपचार में पौष्टिक आहार की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए अधिक से अधिक मरीजों को पोषण सहायता उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभाग एवं निक्षय मित्र समन्वय स्थापित कर कार्य करें।

Musahri, Muzaffarpur | Jul 4, 2026

मुजफ्फरपुर के पारु में 700 एकड़ में बनेगा मेगा इंडस्ट्रियल एरिया, डीएम ने तेज की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया

मुजफ्फरपुर जिले के पारु प्रखंड में करीब 700 एकड़ भूमि पर नए औद्योगिक क्षेत्र के विकास की प्रक्रिया तेज हो गई है। जिलाधिकारी ने पारु और मोतीपुर औद्योगिक क्षेत्र का निरीक्षण कर भूमि अधिग्रहण और अन्य प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा की। पांच मौजों में भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है। प्रशासन का लक्ष्य पारु को बेला और मोतीपुर की तरह एक बड़े औद्योगिक हब के रूप में विकसित करना है। प्रस्तावित इंडस्ट्रियल एरिया को निर्माणाधीन पटना-बेतिया फोरलेन से जोड़ने का प्रस्ताव भी भेजा गया है, जिससे उद्योगों को बेहतर कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक सुविधा मिलेगी। इस परियोजना से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और जिले की आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

#TirhutNow #Muzaffarpur #Paru #IndustrialArea #Bihar #Industry #Development #Employment

मुजफ्फरपुर के पारु में 700 एकड़ में बनेगा मेगा इंडस्ट्रियल एरिया, डीएम ने तेज की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया मुजफ्फरपुर जिले के पारु प्रखंड में करीब 700 एकड़ भूमि पर नए औद्योगिक क्षेत्र के विकास की प्रक्रिया तेज हो गई है। जिलाधिकारी ने पारु और मोतीपुर औद्योगिक क्षेत्र का निरीक्षण कर भूमि अधिग्रहण और अन्य प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा की। पांच मौजों में भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है। प्रशासन का लक्ष्य पारु को बेला और मोतीपुर की तरह एक बड़े औद्योगिक हब के रूप में विकसित करना है। प्रस्तावित इंडस्ट्रियल एरिया को निर्माणाधीन पटना-बेतिया फोरलेन से जोड़ने का प्रस्ताव भी भेजा गया है, जिससे उद्योगों को बेहतर कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक सुविधा मिलेगी। इस परियोजना से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और जिले की आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है। #TirhutNow #Muzaffarpur #Paru #IndustrialArea #Bihar #Industry #Development #Employment

Musahri, Muzaffarpur | Jul 4, 2026

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