घाघरा में दूसरी बार छोड़ा गया 1.04 लाख क्यूसेक पानी:गोंडा में हाई अलर्ट...
नेपाल और पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब घाघरा नदी के जलस्तर पर साफ दिखाई देने लगा है। बुधवार को महज 11 घंटे के भीतर दूसरी बार नदी में 1,04,706 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे पहले सुबह 1,28,476 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। लगातार बढ़ते डिस्चार्ज के कारण नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है और जिला प्रशासन ने तटीय व निचले इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है।
बुधवार रात करीब 8:30 बजे घाघरा नदी में दूसरी बार 1,04,706 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। नेपाल और विभिन्न बैराजों से लगातार छोड़े जा रहे पानी के चलते नदी का बहाव तेज हो गया है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 11 घंटे में नदी का जलस्तर करीब 2 सेंटीमीटर बढ़ा है। यदि इसी तरह पानी छोड़ा जाता रहा तो आने वाले दिनों में बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है।
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर बाढ़ चौकियों को 24 घंटे सक्रिय रहने के आदेश दिए गए हैं। राजस्व विभाग, बाढ़ खंड, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार तटीय क्षेत्रों की निगरानी कर रही हैं। बाढ़ संभावित गांवों में नावों की व्यवस्था भी कर दी गई है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।
घाघरा के किनारे बसे गांवों के लोगों में बढ़ते जलस्तर को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि नदी में पानी का डिस्चार्ज इसी तरह जारी रहा तो कटान तेज हो सकती है और बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों तक पहुंच सकता है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल बाढ़ नियंत्रण कक्ष या स्थानीय प्रशासन को सूचना दें। अधिकारियों का कहना है कि नदी के जलस्तर पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है और हालात के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।