बछवाड़ा प्रखंड स्थित विभिन्न धार्मिक स्थलों पर शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी पूजन श्रद्धा सुमन और विधि-विधान से की गई। सुबह से ही लोग स्नान कर मंदिरों में पहुंचने लगे। यहां भगवान विष्णु की पूजा कर हाथों में 14 गांठों वाले रंग-बिरंगे सूती धागे बांधे गए। यह सिलसिला दोपहर तक चला और मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही।
मान्यता है कि अनंत चतुर्दशी पर भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा करने और हाथों में 14 गांठों का धागा बांधने से भगवान विष्णु और मैया लक्ष्मी की असीम कृपा बनी रहती है। इस दिन घरों और मंदिरों में छोटी चौकी पर पीला या लाल कपड़ा बिछाकर कलश स्थापित किया जाता है। इसके बाद अक्षत, रोली चंदन, फूल, दीप, धूप और अन्य पूजा सामग्री अर्पित कर फल, मिठाई, पंचामृत और खीर का भोग लगाकर भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना की जाती है।
पंडित मोहन झा, बैजनाथ मिश्र और प्रदुमन झा ने बताया कि भादो मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को अनंत चतुर्दशी का पूजन होता है। इस दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा की जाती है। उन्होंने कहा कि भगवान विष्णु की पूजा करने और अनंत धागा बांधने से जीवन में सुख, समृद्धि, ऐश्वर्य, धन-धान्य और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
पंडित मोहन झा ने यह भी बताया कि अनंत चतुर्दशी का पूजन महाभारत काल से भी जुड़ा है। जब महाराज युधिष्ठिर मुश्किल में थे, तब उन्होंने अनंत भगवान की पूजा की थी। इससे उन्हें शांति मिली और अपना राजपाट वापस मिल गया। तभी से विधि-विधान के साथ अनंत भगवान की पूजा की जाती है, जिससे सभी मनोकामनाएं पूरी होती है।
Bachhwara, Begusarai | Sep 25, 2026