डेनमार्क के राजदूत ने मिर्जापुर में ग्रामीण जलापूर्ति योजना समुदाय को सौंपी
दुहौआ गांव में ‘जल अर्पण’ समारोह, जल संरक्षण और सामुदायिक स्वामित्व पर दिया जोर
मिर्जापुर, 15 सितंबर 2026। भारत में डेनमार्क के राजदूत महामहिम रासमुस अबिल्डगार्ड क्रिस्टेंसन ने मंगलवार को मिर्जापुर के दुहौआ गांव पहुंचकर ‘जल अर्पण’ समारोह में भाग लिया। जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित ग्रामीण जलापूर्ति योजना को औपचारिक रूप से स्थानीय समुदाय को सौंपा गया।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार, मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे विजेता, अपर जिलाधिकारी विनोद सिंह, यूएनओपीएस इंडिया के कंट्री मैनेजर सहित 400 से अधिक ग्रामीणों, विशेष रूप से महिलाओं ने सहभागिता की।
राजदूत ने सबसे पहले लालगंज के नरैना कला गांव स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया। उन्होंने जल शोधन की प्रक्रिया, एससीएडीए प्रणाली तथा बेलन नदी से जल लेकर उसे उपचारित कर घरों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जानकारी ली। यह बहु-ग्रामीय योजना 258 गांवों में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति कर रही है।
इसके बाद प्रतिनिधिमंडल दुहौआ गांव पहुंचा, जहां प्रशिक्षित जल सखियों ने पारंपरिक तरीके से राजदूत का स्वागत किया। ग्रामीण जलापूर्ति योजना के संचालन का जायजा लेने के साथ ग्रामीणों से संवाद किया गया। परसिया स्थित ओवरहेड टैंक पर राजदूत ने पंप संचालक से बातचीत की और ‘जल बंधन’ गतिविधि में हिस्सा लिया। उन्होंने परिसर में पौधारोपण भी किया।
जल संरक्षण की दिलाई सामूहिक शपथ
जय प्रकाश नारायण सर्वोदय बालक विद्यालय, परसिया में आयोजित ‘जल अर्पण’ समारोह में दीप प्रज्वलन के बाद जल गुणवत्ता परीक्षण का लाइव प्रदर्शन किया गया। बच्चों ने ‘जल बिना भविष्य’ विषय पर लघु नाटिका प्रस्तुत कर जल संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम में ‘जल वंदना’ और ‘जल श्रृंगार’ के माध्यम से जलापूर्ति योजना को समुदाय को सौंपने की प्रक्रिया पूरी की गई। अंत में ग्रामीणों और बच्चों को जल संरक्षण एवं जिम्मेदारीपूर्वक जल उपयोग की सामूहिक शपथ दिलाई गई।
डेनमार्क के राजदूत रासमुस अबिल्डगार्ड क्रिस्टेंसन ने कहा कि भारत और डेनमार्क के बीच जल क्षेत्र में लंबे समय से मजबूत साझेदारी है। उन्होंने कहा कि जल संसाधनों के सतत और कुशल प्रबंधन के साथ उन समुदायों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है, जो इन संसाधनों पर निर्भर हैं।
यूएनओपीएस इंडिया के कंट्री मैनेजर विनोद मिश्रा ने जल की उपलब्धता, पहुंच और गुणवत्ता को जल सुरक्षा के तीन प्रमुख आयाम बताते हुए समुदाय स्तर पर जल गुणवत्ता की निगरानी पर जोर दिया।
ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति की सदस्य अमृता ने योजना के संचालन और प्रबंधन में समुदाय की भूमिका की जानकारी दी। कार्यक्रम में महिलाओं और स्थानीय संस्थाओं की भूमिका को ग्रामीण जल सेवाओं की निरंतरता के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।
अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे ने मिर्जापुर की दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार के लिए यूएनओपीएस की टीम के प्रयासों की सराहना की।
भारत-डेनमार्क ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप के तहत यूएनओपीएस उत्तर प्रदेश सहित चार राज्यों के 478 गांवों में जल जीवन मिशन को सहयोग प्रदान कर रहा है। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2021 से शुरू हुई यह पहल 2026 तक 11 जिलों के 200 से अधिक गांवों तक पहुंच चुकी है।
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Mirzapur, Mirzapur | Sep 15, 2026