*राजस्थान में महिला अपराधों पर जीरो टॉलरेंस: 32 हजार रुपये में नाबालिग बच्ची की खरीद-फरोख्त के आरोपियों की अवैध संपत्ति पर चला पुलिस और प्रशासन का हथौड़ा*
* डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के निर्देशों पर प्रदेशभर में सख्त कार्रवाई; अजमेर एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला के निर्देशन में दरगाह थाना क्षेत्र में बुलडोजर कार्रवाई जारी
*कमलेश आमेटा विशेष संवाददाता*
जयपुर 27 जुलाई। राजस्थान सरकार की महिला सुरक्षा को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अजमेर पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने मिलकर अपराधियों के खिलाफ़ बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। जिले के थाना दरगाह क्षेत्र में एक नाबालिग मासूम बच्ची को 32 हजार रुपये में बेचने/खरीद-फरोख्त करने के गंभीर मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपियों की अवैध रूप से अर्जित अचल संपत्तियों और अतिक्रमणों को ध्वस्त करने का काम शुरू कर दिया गया है।
महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा के प्रदेशव्यापी कड़े निर्देशों की पालना में यह सीधी कार्रवाई की जा रही है। डीजीपी के आदेश स्पष्ट हैं कि महिला एवं बाल अपराधों में संलिप्त अपराधियों को केवल जेल ही नहीं भेजा जाएगा, बल्कि अपराध के जरिए बनाई गई उनकी अवैध संपत्तियों और अवैध निर्माणों पर भी कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
*अजमेर पुलिस का बड़ा एक्शन और मौके पर भारी जाब्ता*
अजमेर जिला पुलिस अधीक्षक श्री हर्षवर्धन अग्रवाला के निर्देशन में दरगाह थाना पुलिस एवं प्रशासनिक टीम ने प्रकरण संख्या 104/2026 के आरोपियों के रिकॉर्ड खंगालने के बाद उनके ठिकानों पर बुलडोजर और हथौड़े चलाने की प्रक्रिया शुरू की।
कार्रवाई के दौरान मौके पर शांति व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है। मौके पर पुलिस उपाधीक्षक लक्ष्मणराम, दरगाह थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह सहित पुलिस और नगर निगम/प्रशासनिक अधिकारी खुद मौजूद रहकर अवैध निर्माणों को गिराने की कार्यवाही को अंजाम दे रहे हैं।
*इन दो मुख्य महिला अपराधियों पर हुई कार्रवाई*
प्रकरण में शामिल दो प्रमुख महिला आरोपियों अफसाना उर्फ बिजली (36) पत्नी मोहम्मद जावेद मूल निवासी मेदिनीपुर (पश्चिम बंगाल), हाल निवासी अन्दरकोट थाना दरगाह व हाल गली नंबर 17, लोंगिया मोहल्ला थाना गंज, अजमेर और आफरीन उर्फ नूरजहां (36) पत्नी साबिर निवासी झरनेश्वर मंदिर के पास, अन्दरकोट थाना दरगाह, अजमेर के खिलाफ चल-अचल संपत्तियों की जांच कर यह सीधी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 107 के तहत कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। इसके अंतर्गत आरोपियों द्वारा अपराध से अर्जित संपत्तियों, उनके बैंक खातों और अवैध कब्जों का ब्योरा जुटाया गया है। संबंधित प्रशासनिक विभागों से समन्वय स्थापित कर उनके द्वारा सार्वजनिक भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमणों और बिना स्वीकृति बने ढांचों को नियमानुसार ध्वस्त और जब्त किया जा रहा है।
*अपराधियों को राजस्थान पुलिस का कड़ा संदेश*
अजमेर पुलिस की इस त्वरित और कठोर कार्रवाई के जरिये राजस्थान पुलिस ने पूरे प्रदेश में एक बेहद स्पष्ट संदेश दिया है राजस्थान की धरती पर महिला या बाल अपराध करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। अपराध करने वालों को न केवल कानून की सख्त सजा मिलेगी, बल्कि अपराध की काली कमाई से बनाए गए उनके साम्राज्य को भी नेस्तनाबूद कर दिया जाएगा।