जिस दौर में अमित शाह बच्चे थे, उस दौर में हम देश के सेवक बन चुके थे। आज वही लोग कांग्रेस को देशभक्ति का पाठ पढ़ा रहे हैं, जिनके राजनीतिक पुरखों का आज़ादी की लड़ाई में कोई योगदान नहीं था।
और सवाल तो ये है, अगर BJP इतनी राष्ट्रवादी और धर्म की ठेकेदार है, तो उत्तराखंड में मेरे भाषण के बाद मंच का ‘शुद्धिकरण’ क्यों कराया गया?