गांव तिगड़ाना में गहराया पेयजल संकट, 10 साल से जर्जर जलघर को सुधारने के लिए जनस्वास्थ्य मंत्री को सौंपा ज्ञापन
10 साल से जर्जर हालत में है जलघर, 70 प्रतिशत आबादी हो रही प्रभावित : सरपंच सुरेंद्र कुमार
भिवानी, 30 जून : भिवानी जिला के गांव तिगड़ाना में पीने के पानी की समस्या ने विकराल रूप ले लिया है। गांव का मुख्य जलघर पिछले एक दशक से बदहाली के आंसू रो रहा है, जिससे ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए ग्राम पंचायत तिगड़ाना के सरपंच सुरेंद्र कुमार के नेतृत्व में अनेक ग्रामीणों ने मंगलवार को हरियाणा सरकार के जनस्वास्थ्य विभाग के मंत्री रणबीर गंगवा के नाम ज्ञापन सौंपकर जल्द से जल्द राहत प्रदान करने की गुहार लगाई है। सरपंच सुरेंद्र कुमार ने बताया कि गांव का जलघर नंबर एक पिछले 8 से 10 वर्षों से अत्यंत जर्जर और दयनीय स्थिति में है। हैरान करने वाली बात यह है कि तिगड़ाना गांव की लगभग 70 प्रतिशत आबादी पूरी तरह से इसी जलघर पर निर्भर है। जलघर के सुचारू रूप से काम न करने के कारण ग्रामीणों को दैनिक उपयोग और पीने के साफ पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। सरपंच सुरेंद्र, पंच अमित वव युवा नवीन तिगड़ाना ने इस बात का भी खुलासा किया गया है कि इस समस्या को दूर करने के लिए विभाग द्वारा एस्टीमेट बनाकर भेजा जा चुका है, लेकिन यह मामला प्रशासनिक फाइलों और प्रक्रियाओं में अटका हुआ है। उन्होंने कहा कि गर्मियों के मौसम में पानी की किल्लत और अधिक बढ़ जाती है। जिसके चलते ग्रामीणों को दूर-दराज से पानी लाने या टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ता है, जो कि ना केवल परेशानी वाला कार्य है, बल्कि अधिक खर्चीला भी है। ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने मांग की कि इस मामले को संज्ञान में लेते हुए जल्द से जल्द बजट जारी किया जाए और जलघर का जीर्णोद्धार करवाया जाए, निगाना फीडर से अलग पाईप लाइन जोड़ी जाए ताकि ग्रामीणों को पानी की इस विकट समस्या से हमेशा के लिए निजात मिल सके। साथ ही उन्होंने चेतावानी भी दी कि यदि सरकार और संबंधित विभाग ने इस पत्र पर तुरंत संज्ञान लेकर जलघर की मरम्मत का काम शुरू नहीं करवाया, तो ग्रामीणों को मजबूरन आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ेगा।