30 किलोमीटर साइकिल चलाकर दिया नशा मुक्ति का संदेश
डॉ. अशोक कुमार वर्मा बोले—“नशा छोड़ो, जीवन से नाता जोड़ो; साइकिल चलाओ, स्वस्थ हो जाओ”
कुरुक्षेत्र। हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री संजय कुमार, आईपीएस के दिशा-निर्देशों तथा संयुक्त पुलिस आयुक्त, फरीदाबाद एवं ब्यूरो के पुलिस उप-महानिरीक्षक श्री राजेंद्र कुमार मीणा, आईपीएस के मार्गदर्शन में नशामुक्त हरियाणा के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से ब्यूरो के जागरूकता अभियान के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी उपनिरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने कुरुक्षेत्र से थानेसर एवं लाडवा मार्ग पर लगभग 30 किलोमीटर की साइकिल यात्रा निकालकर युवाओं और आमजन को नशे के विरुद्ध जागरूक किया। साइकिल यात्रा के दौरान उन्होंने मार्ग में मिलने वाले लोगों से संवाद किया और नशे से दूर रहकर स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवन अपनाने का संदेश दिया।
साइकिल बनी नशा मुक्ति का संदेशवाहक
डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने कहा कि आज युवाओं को नशे से बचाने के लिए केवल भाषण और पोस्टर ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि समाज के बीच जाकर सकारात्मक जीवनशैली का संदेश देना भी आवश्यक है। इसी उद्देश्य से उन्होंने साइकिल यात्रा के माध्यम से लोगों को संदेश दिया—
“नशा छोड़ो, जीवन से नाता जोड़ो,साइकिल चलाओ, स्वस्थ हो जाओ।” उन्होंने कहा कि साइकिल चलाना शरीर को स्वस्थ रखने के साथ-साथ तनाव कम करने और सकारात्मक सोच विकसित करने का अच्छा माध्यम है। युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए उन्हें खेल, योग, व्यायाम, साइकिलिंग और अन्य रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना समय की आवश्यकता है।
तीन स्तरों पर चल रहा नशामुक्ति अभियान
डॉ. वर्मा ने बताया कि नशामुक्त हरियाणा के लिए अभियान को मुख्य रूप से तीन स्तरों—रोकथाम, प्रवर्तन तथा जागरूकता के माध्यम से आगे बढ़ाया जा रहा है। रोकथाम के अंतर्गत युवाओं को नशे से बचाने, प्रवर्तन के अंतर्गत नशे के अवैध कारोबार पर कार्रवाई तथा जागरूकता के माध्यम से आमजन को नशे के दुष्परिणामों के प्रति सचेत किया जा रहा है।
नशा बेचने वालों की सूचना दें
डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति नशीले पदार्थों की बिक्री या तस्करी करता है तो उसकी सूचना पुलिस को अवश्य दें। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार की सूचना 1933 अथवा 9050891508 पर दी जा सकती है। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाती है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति स्वयं नशे की गिरफ्त में है और नशा छोड़ना चाहता है तो वह भी सहायता के लिए आगे आए। नशे से बाहर निकलना संभव है और समय पर उचित मार्गदर्शन एवं उपचार मिलने से व्यक्ति सामान्य एवं स्वस्थ जीवन की ओर लौट सकता है।
एक सूचना बचा सकती है किसी का जीवन
डॉ. वर्मा ने कहा कि नशा केवल नशा करने वाले व्यक्ति को ही नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। इसलिए प्रत्येक नागरिक को नशे के विरुद्ध अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नशे से दूरी बनाकर अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित करें और शिक्षा, खेल, स्वास्थ्य एवं सेवा कार्यों से जुड़ें।
उन्होंने कहा कि “नशे के विरुद्ध हमारी एकजुटता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। यदि प्रत्येक व्यक्ति एक युवा को नशे से बचाने का संकल्प ले ले तो नशामुक्त समाज का सपना साकार किया जा सकता है।”
विशेष अपील
नशे को न कहें, जीवन को हां कहें। नशा छोड़ें, परिवार से जुड़ें। साइकिल चलाएं, शरीर स्वस्थ बनाएं। नशा बेचने वालों की सूचना दें और किसी का जीवन बचाने में सहभागी बनें। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को प्रतिबंधित मादक पदार्थों की बिक्री अथवा अन्य अवैध गतिविधियों की जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना 1933 अथवा 9050891508 पर देकर नशे के विरुद्ध अभियान में अपना योगदान देना चाहिए। समय पर दी गई सूचना किसी युवा का जीवन बचाने के साथ-साथ समाज को सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।