केदारघाटी के ग्राम नाला में पशुपालकों को दी गई आधुनिक पशुपालन की जानकारी, 80 किलो चारा बीज वितरित,,
56 पशुपालकों ने लिया शिविर का लाभ, महिलाओं की रही उल्लेखनीय भागीदारी,, पशुधन के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण पर दिया जोर,,
रुद्रप्रयाग। केदारघाटी के ग्राम नाला में पशुपालन विभाग की ओर से आयोजित जागरूकता शिविर में पशुपालकों को पशुधन के बेहतर रखरखाव, संतुलित पोषण और विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई। सोमवार, 12 अक्टूबर को पशु चिकित्सालय गुप्तकाशी के तत्वावधान में आयोजित शिविर में कुल 56 पशुपालकों ने प्रतिभाग किया, जिनमें 45 महिलाएं शामिल रहीं। शिविर के दौरान पशुओं के लिए हरे चारे की उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से 80 किलोग्राम चारा बीज भी वितरित किया गया।
पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा के नेतृत्व और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशीष रावत के निर्देश पर आयोजित शिविर में पशुपालकों को विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराया गया। अधिकारियों ने पात्र पशुपालकों से योजनाओं का लाभ उठाने की अपील करते हुए पशुधन की देखभाल और पशुपालन को आजीविका का बेहतर माध्यम बनाने के लिए प्रेरित किया।
शिविर में पशुओं को संक्रामक बीमारियों से बचाने के लिए समय पर टीकाकरण कराने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया। पशुपालकों को पशुओं के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी करने, उचित आहार देने और हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के संबंध में भी जानकारी दी गई।
पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. बबलू कुमार ने कहा कि पशुओं के बेहतर स्वास्थ्य और उत्पादन के लिए संतुलित पोषण बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से शिविर में 75 किलोग्राम जई और पांच किलोग्राम बरसीम का बीज वितरित किया गया। उन्होंने कहा कि पशुपालकों को जागरूक कर पशुधन के स्वास्थ्य एवं पोषण में सुधार लाना और ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन को अधिक लाभकारी बनाना विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है।
शिविर में नाला के सभासद और पूर्व ग्राम प्रधान सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी भागीदारी की। इस अवसर पर पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. बबलू कुमार, पशुधन प्रसार अधिकारी वीरेंद्र कोटवाल समेत अन्य लोग मौजूद रहे।