कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा के सख्त निर्देश: जिले में मिलावट विरोधी अभियान तेज, खाद्य पदार्थों के सैंपल लैब भेजे गए, 10 पर कोर्ट केस दर्ज
आगामी त्यौहारों के दृष्टिगत आम नागरिकों को शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन को सख्त निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों के अनुपालन में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत जिले भर में व्यापक सघन निरीक्षण और सैंपलिंग का विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
जिसके तहत विभाग द्वारा विगत एक माह में पूर्व की कार्यवाहियों से जुड़े 10 मिलावट संबंधी प्रकरण न्यायालय में दायर किए गए हैं। इनमें मांतिहाल मिष्ठान भण्डार (कोलारस) के आजाद गुप्ता, साई सुमित रेस्टोरेंट (पिछोर) के सुलभ भट्ट, राधा कृष्ण डेयरी (भोंती) के दिनेश लोधी, राधिका डेयरी (करैरा) के संतोष विश्वकर्मा, राज किराना (शिवपुरी) के राजकुमार शिवहरे, रवि किराना (शिवपुरी) के रवि नामदेव, श्याम किराना (कोलारस) के ऋतिक गुप्ता, मान्या एण्ड बबले हलवाई (शिवपुरी) के मयंक सेन, मावा भण्डार (शिवपुरी) के राजेश पराशर और यादव डेयरी (शिवपुरी) के बनवारी लाल यादव के नाम शामिल हैं।
प्रशासनिक निर्देशों के परिपालन में विभाग की टीम ने जिले के विभिन्न प्रतिष्ठित प्रतिष्ठानों, डेयरियों और ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स पर दबिश देकर खाद्य पदार्थों के नमूने संग्रहित कर जांच हेतु राज्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे हैं। इनमें प्रमुख रूप से गोवर्धन, पतंजलि, अमूल, पारस, बैद्यनाथ व नोवा का देसी घी, किरण प्रभा व गुडलाइट तेल; जैन मिल्क डेयरी, महाकालेश्वर डेयरी, कृष्णा डेयरी व राठौर मावा ब्रोकर्स से दूध, मावा व पनीर; तथा जैन श्री स्वीट्स (कोलारस), पूजा स्वीट्स (करैरा), लक्ष्मी मिष्ठान भण्डार, राज एग्रो प्रोडक्ट्स और श्री जी एंटरप्राइजेज से मिठाइयां, काजू व मसाले शामिल हैं।
उपसंचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होते ही अमानक या मिलावटी पाए जाने वाले कारोबारियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही जिले के ढाबों, भोजनालयों और स्व-सहायता समूहों के नियमित निरीक्षण का कार्य भी समानांतर रूप से जारी है, ताकि हर स्तर पर खाद्य सामग्री की शुद्धता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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