फिट माइंड, फिट पुलिस’ विजन: मानसिक रूप से स्वस्थ पुलिसकर्मी ही निभा सकता है बेहतर सेवा का दायित्व - पुलिस कमिश्नर पंकज नैन
पुलिस कमिश्नर पंकज नैन की पहल: पंचकूला पुलिस लाइन में आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में पुलिस के जवानों ने सीखा मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन और टीम वर्क का महत्व
पंचकूला/ 09 जुलाई:- पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य, सकारात्मक सोच और कार्यक्षमता को सुदृढ़ बनाने की दिशा में पंचकूला पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने ‘फिट माइंड, फिट पुलिस’ विजन के तहत एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए पुलिस लाइन स्थित जीओ मैस में 8 व 9 जुलाई को दो दिवसीय "माइंडफुलनेस - ए वे टू लिव ए हैप्पी लाइफ एवं एटीट्यूड ऑफ ग्रैटिट्यूड" विषय पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस बल में आत्म-जागरूकता, मानसिक मजबूती, तनाव प्रबंधन, आत्मविश्वास तथा सकारात्मक कार्य संस्कृति को बढ़ावा देना रहा, ताकि पुलिसकर्मी शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी स्वस्थ रहकर कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी ढंग से बनाए रख सकें।
डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम में थ्राइव स्किल्स संस्था की संस्थापक प्रीति सिंह ने पुलिसकर्मियों को माइंडफुलनेस, तनाव प्रबंधन, सकारात्मक सोच और टीम भावना से जुड़े विभिन्न व्यावहारिक अभ्यास करवाए। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी 24 घंटे आमजन की सुरक्षा में लगे रहते हैं और अक्सर त्योहारों तथा पारिवारिक आयोजनों में भी शामिल नहीं हो पाते। ऐसे में मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विभिन्न तकनीकों के माध्यम से तनाव कम करने, स्वयं को मानसिक रूप से संतुलित रखने तथा विपरीत परिस्थितियों में भी शांत रहकर प्रभावी निर्णय लेने के तरीके बताए।
कार्यक्रम के दौरान ब्लाइंड फोल्ड गेम के माध्यम से पुलिसकर्मियों को टीम वर्क, आपसी विश्वास और प्रभावी संवाद का महत्व समझाया गया। साथ ही परिवार के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताने, नियमित रूप से स्वास्थ्य का ध्यान रखने तथा माइंडफुलनेस के माध्यम से एकाग्रता बढ़ाने, तनाव कम करने और भावनात्मक संतुलन बनाए रखने के व्यावहारिक उपाय भी साझा किए गए। प्रशिक्षण में आभार का भाव विकसित करने, सकारात्मक सोच अपनाने, बेहतर आपसी संबंध स्थापित करने तथा कार्य के प्रति संतुष्टि और समर्पण की भावना बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया।
पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने कहा कि आत्म-जागरूकता, मानसिक मजबूती और आत्मविश्वास किसी भी पुलिसकर्मी की सबसे बड़ी शक्ति हैं। स्वस्थ, खुशहाल और मानसिक रूप से संतुलित पुलिस बल ही समाज को बेहतर सुरक्षा प्रदान कर सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम तनावपूर्ण परिस्थितियों में मानसिक संतुलन बनाए रखने, निर्णय लेने की क्षमता, धैर्य, एकाग्रता, सकारात्मक सोच, टीम भावना तथा कार्यक्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भविष्य में भी पुलिसकर्मियों के सर्वांगीण विकास के लिए इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे।