किसानों के लिए आधुनिक अन्न भंडारण समाधान तलाशने लाडवा वेयरहाउस पहुंची नवीन जिंदल फाउंडेशन की टीम
लाडवा, 27 अगस्त। किसानों को अन्न भंडारण की आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने और उनकी उपज के बेहतर रखरखाव के उद्देश्य से नवीन जिंदल फाउंडेशन की टीम ने लाडवा के निकट स्थित केंद्रीय भंडारण निगम (CWC) के वेयरहाउस का दौरा किया। इस दौरान भारत के अग्रणी कोल्ड स्टोरेज स्टार्ट-अप सप्तकृषि की संस्थापक निक्की झा भी टीम के साथ मौजूद रहीं।
नवीन कृषि संकल्प कार्यक्रम के कोऑर्डिनेटर ईशान पांडे ने बताया कि वेयरहाउस का दौरा करने का मुख्य उद्देश्य अन्न भंडारण की पूरी प्रक्रिया को नजदीक से समझना है, ताकि किसानों को भी भंडारण की वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा सके। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए केवल उत्पादन बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी उपज के सुरक्षित भंडारण और उचित रखरखाव की व्यवस्था भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
दौरे के दौरान टीम ने वेयरहाउस में अनाज के भंडारण, रखरखाव और सुरक्षा के लिए अपनाई जाने वाली विभिन्न प्रक्रियाओं का बारीकी से अवलोकन किया। टीम ने यह भी देखा कि किस प्रकार वेयरहाउस में तैनात कर्मचारी निर्धारित मानकों के अनुसार अनाज को सुरक्षित रखते हैं तथा कीटों एवं अन्य नुकसान से बचाने के लिए आवश्यक उपाय किए जाते हैं। फसल उत्पाद को कीटों से सुरक्षित रखने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत छिड़काव की व्यवस्था का भी अवलोकन किया गया।
इस अवसर पर वेयरहाउस में कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं के विस्तार एवं विकास की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। टीम ने आकलन किया कि क्षेत्र के किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किस प्रकार आधुनिक और प्रभावी कोल्ड स्टोरेज व्यवस्था विकसित की जा सकती है।
सप्तकृषि की संस्थापक निक्की झा के साथ हुई चर्चा में किसानों की फसल, स्थानीय परिस्थितियों और उनकी वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप अलग एवं विशेष कोल्ड स्टोरेज समाधान विकसित करने की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। टीम का उद्देश्य ऐसी भंडारण व्यवस्था की संभावनाओं को तलाशना है, जिससे किसानों को अपनी उपज सुरक्षित रखने, उचित समय पर बाजार में बेचने और संभावित नुकसान को कम करने में मदद मिल सके।
ईशान पांडे ने कहा कि नवीन कृषि संकल्प कार्यक्रम के माध्यम से किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीक, बेहतर प्रबंधन और भंडारण से जुड़ी उपयोगी जानकारी पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के जमीनी दौरे किसानों की वास्तविक समस्याओं को समझने और उनके लिए व्यावहारिक समाधान तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।