चमोली जनपद के नारायणबगड़ स्थित स्वास्थ्य केंद्र के उच्चीकरण और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। रविवार को पिंडर घाटी के तीनों विकासखंडों के जनप्रतिनिधियों, महिला-पुरुषों और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर जनाक्रोश रैली में भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और क्षेत्रीय विधायक के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अस्पताल के शीघ्र उच्चीकरण की मांग उठाई।
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नारायणबगड़ स्वास्थ्य केंद्र के उच्चीकरण और क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर रविवार को आयोजित जनाक्रोश रैली में दूरदराज के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। धरना स्थल पर एकत्र होने के बाद प्रदर्शनकारियों ने रैली निकाली, जो परखाल तिराहे, एसबीआई मार्केट और जीत सिंह मार्केट होते हुए बस स्टैंड तक पहुंची।
रैली में शामिल लोग हाथों में तिरंगा लेकर चल रहे थे। आंदोलन को पिंडर घाटी के तीनों विकासखंडों के जनप्रतिनिधियों, आम नागरिकों और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों का समर्थन मिला। इस दौरान लोगों ने क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाल स्थिति पर नाराजगी जताते हुए अस्पताल के उच्चीकरण की मांग दोहराई।
बाजार में प्रदर्शन के बाद जनाक्रोश रैली वापस अस्पताल परिसर स्थित धरना स्थल पर पहुंची, जहां आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि राज्य गठन के बाद भी क्षेत्र की 79 ग्राम पंचायतों की बड़ी आबादी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधियों और सरकार की ओर से इस समस्या के समाधान के लिए गंभीर प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। इसके चलते लोगों को अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
उन्होंने सरकार से नारायणबगड़ स्वास्थ्य केंद्र का शीघ्र उच्चीकरण करने और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि मांग पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस बीच मुख्य चिकित्सा अधिकारी चमोली के प्रतिनिधि के रूप में एसीएमओ डॉ. भगवती प्रसाद पुरोहित सीएमओ का लिखित पत्र लेकर आंदोलन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने सभा में पत्र पढ़कर सुनाया, लेकिन आंदोलनकारी इससे संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने बाजार में दोबारा रैली निकालते हुए सरकार और क्षेत्रीय विधायक के खिलाफ नारेबाजी की।
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक नारायणबगड़ स्वास्थ्य केंद्र के उच्चीकरण का शासनादेश जारी नहीं हो जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।