हाल ए बतौली बगीचा स्टेट हाईवे....
लोक निर्माण विभाग के अधिकारी सरकार की छवि खराब करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे.....
सनद रहे "सड़क सरकार का आईना होती है"
सड़क खराब हो तो पहली बात जुबां पर आती है कैसी सरकार है....सड़क तक नहीं बनवाती...पर जब सरकार सड़क के लिए विभाग को पैसे दे चुकी टेंडर हो गया...ठेकेदार को वर्क ऑर्डर मिल गया....तो ईई,इंजीनियर और एसडीओ की शत प्रतिशत जिम्मेदारी होती है कि वह ठेकेदार से बेहतर काम कराए, यात्रियों को आवागमन में कोई दिक्कत न हो ...यहां तो दिक्कत हो दिक्कत है.....28 किलोमीटर में बतौली से गड्ढों की शुरुआत होती है जो दुर्गापारा तक कमर तोड़ रही है....पुलिया के डायवर्शन में पानी भरा हुआ है....गड्ढों को भरने के लिए डाला गया जीएसबी कीचड़ हो चुका है...गाड़ियां फंस रही है.....
जब सड़क बरसात में नहीं बनानी थी तो उखाड़ना नहीं था पर...कैसे भी करके बंदरबाट जो करना है....
अच्छा है करते रहिए और सरकार की छवि को दागदार बनाते रहिए