#भरतपुर। जलझूलनी एकादशी का पर्व नदबई कस्बे सहित ग्रामीण क्षेत्रों में मंगलवार को बेहद श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर कुम्हेर रोड स्थित श्री खाटू श्याम जी मंदिर और गांव खेड़ी देवी सिंह स्थित खाटू श्याम मंदिर में शाम ढलते ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। मंदिरों में फूलों और रंग-बिरंगी सजावटी सामग्रियों से बाबा श्याम का दिव्य व मनमोहक श्रृंगार किया गया। बाबा के दर्शन के लिए श्रद्धालु शाम से ही लंबी कतारों में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। पूरा मंदिर परिसर बाबा श्याम के जयकारों और भजन-कीर्तनों से गूंजायमान रहा, जहां भक्तों ने माथा टेककर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की मनौती मांगी। मंदिर के महंत ने जलझूलनी एकादशी, जिसे पद्मा या परिवर्तिनी एकादशी भी कहा जाता है, का धार्मिक महत्व बताते हुए कहा कि भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की यह तिथि बेहद पवित्र मानी जाती है। इस दिन भगवान विष्णु के बाल स्वरूप का पूजन करने और उन्हें जल विहार कराने की विशेष परंपरा है। दिनभर चले पूजा-अर्चना और परिक्रमा के दौर से समूचे क्षेत्र का वातावरण पूरी तरह धर्ममय और भक्तिमय बना रहा।