केदारनाथ आपदा की 13वीं बरसी: आपदा में दिवंगत आत्माओं को विनम्र श्रद्धांजलि!!
16-17 जून 2013 को उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में आई केदारनाथ आपदा की 13वीं बरसी मनाई जा रही है। चौराबाड़ी झील फटने और मूसलाधार बारिश के कारण आए जलजले में हजारों तीर्थयात्रियों की जान चली गई थी और संपूर्ण केदार घाटी में भारी तबाही मची थी।
15 से 17 जून 2013 के बीच अभूतपूर्व बारिश हुई। इसके बाद चोराबाड़ी ग्लेशियर (गांधी सरोवर) के पास स्थित झील फटने से मंदाकिनी नदी में पानी का भयंकर सैलाब आ गया।
रामबाड़ा जैसा महत्वपूर्ण पड़ाव पूरी तरह से नक्शे से मिट गया। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 4,400 से अधिक लोग मारे गए या लापता हो गए, जबकि गैर-सरकारी अनुमानों में यह संख्या 6,000 तक आंकी गई।
भयंकर तबाही और मलबे के बीच केदारनाथ का मुख्य मंदिर चमत्कारिक रूप से सुरक्षित बच गया। मंदिर के पीछे एक विशाल चट्टान (भीम शिला) आकर रुकी, जिसने पानी और मलबे के बहाव को दो हिस्सों में बांट दिया था।
फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए भारतीय सेना और वायु सेना द्वारा देश के सबसे बड़े राहत अभियानों में से एक चलाया गया, जिसके जरिए 1 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया। इस विनाशकारी घटना के बाद से लेकर अब तक केदार घाटी में बड़े स्तर पर पुनर्निर्माण कार्य किए गए हैं और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए कई आपदा प्रबंधन कदम उठाए गए हैं। 13वीं बरसी पर लोग इस त्रासदी में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।