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संसद न चलने का असली जिम्मेदार कौन? #फ़ॉलोकरे #7015551486 #loveindia #myindia #बदलाव #youth #भ्रस्टाचार #लोकतंत्र #system

24k views | Jagadhri, Yamuna Nagar | Jul 20, 2021

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Mla renu bala  पर sadaura विधान सभा वासियों की उम्मीदें अब बढ़ गईं है! #yamunanagar @topfans NVY News The Following

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Jagadhri, Yamuna Nagar | Jun 8, 2026

*बरसाती नदियों में रेत का अंबार*

*नदियों का तल खेतों से ऊंचा - सरकार का नहीं कोई ध्यान*

*खेती करना हुआ मुश्किल : बतरा*

*जिसका खेत, उसकी रेत नीति लागू करने की मांग : बतरा*

*कांग्रेस नेता श्याम सुंदर बतरा ने किया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा - दिए सुझाव*

यमुनानगर। किसानों की समस्या को लेकर कांग्रेस नेता श्याम सुंदर बतरा ने सोम नदी के साथ लगते प्रभावित खेतों का दौरा किया और किसानों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि बाढ़ के बाद बरसाती नदियां ऊंची हो गई हैं, जबकि खेत नीचे चले गए हैं, जिससे हर साल किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने किसानों की मांगों को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।

श्याम सुंदर बतरा ने ‘जिसका खेत, उसकी रेत’ नीति लागू करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि यदि यह संभव नहीं है तो किसानों को अपने खेतों से रेत निकालने के लिए परमिट दिया जाए, ताकि किसान को अपने खेत से आमदनी हो सके व नदी की जमीन का लेवल खेतों से नीचा हो सके। बतरा ने सुझाव दिया कि जिला प्रशासन को इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाकर समाधान तलाशना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि समस्या का कोई व्यवहारिक समाधान नहीं निकलता तो सरकार को प्रभावित किसानों की जमीन पर नदी के बहाव को चिन्हित कर अधिग्रहित की जाए, ताकि किसानों को बाढ़ से राहत मिल सके। क्योंकि सारी नदियां किसानों के खेतों में से होकर गुजरती है। नदी के बहाव के लिए कोई भी जमीन अधीकृत नहीं है। 

आपको बता दे कि सोम नदी के साथ लगते सैकड़ों किसानों के खेतों में बाढ़ के बाद कई-कई फुट रेत जमा हो गई है, जिससे खेती करना किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। किसानों का कहना है कि बरसाती सीजन में सोम नदी में आई बाढ़ अपने साथ भारी मात्रा में रेत लेकर आई, जो खेतों में जमा हो गई। लंबे समय से समस्या बरकरार रहने के बावजूद अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है।

इस मौके पर जरनेल सिंह पूर्व जिला पार्षद, विक्रम राठी लोप्यो, रणधीर जाट मानकपुर, अभी वालिया खारवन, अनिल कुमार बक्करवाला, नूर मो. कोटड़ा, बलिंदर राठी लोपयों, नरेंद्र संधू लेदा, पूरन बलौली, फूलचंद नागरा , अशोक पूर्व पार्षद, लक्ष्मण अंसल आदि मौजूद रहे।

*बरसाती नदियों में रेत का अंबार* *नदियों का तल खेतों से ऊंचा - सरकार का नहीं कोई ध्यान* *खेती करना हुआ मुश्किल : बतरा* *जिसका खेत, उसकी रेत नीति लागू करने की मांग : बतरा* *कांग्रेस नेता श्याम सुंदर बतरा ने किया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा - दिए सुझाव* यमुनानगर। किसानों की समस्या को लेकर कांग्रेस नेता श्याम सुंदर बतरा ने सोम नदी के साथ लगते प्रभावित खेतों का दौरा किया और किसानों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि बाढ़ के बाद बरसाती नदियां ऊंची हो गई हैं, जबकि खेत नीचे चले गए हैं, जिससे हर साल किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने किसानों की मांगों को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। श्याम सुंदर बतरा ने ‘जिसका खेत, उसकी रेत’ नीति लागू करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि यदि यह संभव नहीं है तो किसानों को अपने खेतों से रेत निकालने के लिए परमिट दिया जाए, ताकि किसान को अपने खेत से आमदनी हो सके व नदी की जमीन का लेवल खेतों से नीचा हो सके। बतरा ने सुझाव दिया कि जिला प्रशासन को इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाकर समाधान तलाशना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि समस्या का कोई व्यवहारिक समाधान नहीं निकलता तो सरकार को प्रभावित किसानों की जमीन पर नदी के बहाव को चिन्हित कर अधिग्रहित की जाए, ताकि किसानों को बाढ़ से राहत मिल सके। क्योंकि सारी नदियां किसानों के खेतों में से होकर गुजरती है। नदी के बहाव के लिए कोई भी जमीन अधीकृत नहीं है। आपको बता दे कि सोम नदी के साथ लगते सैकड़ों किसानों के खेतों में बाढ़ के बाद कई-कई फुट रेत जमा हो गई है, जिससे खेती करना किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। किसानों का कहना है कि बरसाती सीजन में सोम नदी में आई बाढ़ अपने साथ भारी मात्रा में रेत लेकर आई, जो खेतों में जमा हो गई। लंबे समय से समस्या बरकरार रहने के बावजूद अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। इस मौके पर जरनेल सिंह पूर्व जिला पार्षद, विक्रम राठी लोप्यो, रणधीर जाट मानकपुर, अभी वालिया खारवन, अनिल कुमार बक्करवाला, नूर मो. कोटड़ा, बलिंदर राठी लोपयों, नरेंद्र संधू लेदा, पूरन बलौली, फूलचंद नागरा , अशोक पूर्व पार्षद, लक्ष्मण अंसल आदि मौजूद रहे।

Jagadhri, Yamuna Nagar | Jun 8, 2026