बाढ़ पूर्व तैयारी की समीक्षा, राहत शिविर से लेकर नाव और मेडिकल टीम तक की व्यवस्था दुरुस्त रखने का निर्देश
एईएस के 35 मामले, सभी इलाज उपरांत सुरक्षित घर वापस,
जिला प्रभारी सचिव द्वारा बाढ़ सुखाड़ एईएस/जेई की समीक्षात्मक बैठक की गई
जल संसाधन विभाग के सचिव -सह- जिला प्रभारी सचिव डॉ चंद्रशेखर सिंह की अध्यक्षता में बाढ़, सुखाड,एईएस/ जेई की समीक्षात्मक बैठक समाहरणालय सभागार में की गई। बैठक में जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से विभिन्न विभागों द्वारा की गई तैयारी तथा संचालित कार्य के बारे मे विस्तृत जानकारी दी गई ।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में बाढ़ आपदा से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधनों की व्यवस्था की गई है। वर्तमान में जिले में 26,125 पॉलिथीन शीट उपलब्ध हैं। इसके अलावा राहत एवं बचाव कार्य के लिए 15 सरकारी नाव तथा 263 निजी नाव चिन्हित की गई हैं। प्रशासन द्वारा राहत शिविर एवं सामुदायिक रसोई संचालन की तैयारी भी पूरी कर ली गई है। जिले में कुल 418 राहत शिविर तथा 448 सामुदायिक रसोई केंद्र चिन्हित किए गए हैं, जहां आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों को भोजन एवं आश्रय उपलब्ध कराया जाएगा।
बैठक में बताया गया कि जिले में एसडीआरएफ एवं एनडीआरएफ की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा संचालित आपदा संपूर्ति पोर्टल पर अब तक 5 लाख 54 हजार 843 संभावित बाढ़ प्रभावित परिवारों की प्रविष्टि की जा चुकी है। इन सूचियों के सत्यापन एवं अद्यतन करने की प्रक्रिया जारी है ताकि आपदा की स्थिति में प्रभावित परिवारों को त्वरित राहत उपलब्ध कराई जा सके।
बचाव एवं राहत उपकरणों की समीक्षा में बताया गया कि जिले में 06 इनफ्लैटेबल मोटर बोट, 65 टेंट, एक महाजाल, एक इनफ्लैटेबल लाइटिंग सिस्टम, 20 लाइफ बॉय रिंग, 65 लाइफ जैकेट, दो जीपीएस सेट, पांच सेटेलाइट फोन उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त 159 गोताखोर एवं 497 आपदा मित्रों की तैनाती भी सुनिश्चित की गई है, जिन्हें आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों में लगाया जाएगा