श्रीजी प्रभु की उदयपुर हवेली में अधिक मास के संपूर्ण होने के अंतिम दिवस बड़े मनोरथ में श्री विशाल बावा ने श्रीजी को अरोगाया अधिक का छप्पन भोग
प्रभु श्रीनाथजी की हवेली उदयपुर में अधिक मास के अवसर पर प्रभु के मनोरथ की अनवरत निरंतर आनंद की रसधार बरस रही । श्रीजी प्रभु में अलौकिक मनोरथ में बड़े मनोरथ में अधिक का"छप्पन भोग"मनोरथ में श्रीजी प्रभु को लाडले लाल प्रभु संग श्रीजी प्रभु में पधराकर कर श्री विशाल बावा व लाल बावा ने प्रभु को छप्पन भोग अरोगाया। व मनोरथ में प्रभु को लाड लड़ाए।