*मुक्तिधाम की दुर्दशा पर समाजसेवी कल्लू महाराज की पहल, सुधार की मांग हुई तेज*
दिनारा/जनकपुर स्थित अशोक होटल के पास बने मुक्तिधाम की बदहाल स्थिति इन दिनों क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। वर्षों से उपेक्षा का शिकार यह मुक्तिधाम आज खंडहर में तब्दील होता दिखाई दे रहा है। परिसर में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, जिसके चलते स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों ने इसके शीघ्र सुधार की मांग उठाई है।
समाजसेवी एवं गौ सेवक कल्लू महाराज ने मुक्तिधाम की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि लगभग एक वर्ष पूर्व जब उन्होंने परिसर का निरीक्षण किया था, तब यहां चारों ओर झाड़ियां और जंगल जैसी स्थिति थी। लोगों की परेशानी को देखते हुए उन्होंने अपने निजी खर्च से लगभग ₹2000 खर्च कर मजदूरों के माध्यम से पूरे परिसर की साफ-सफाई कराई।
कल्लू महाराज का कहना है कि इस संबंध में उन्होंने जनपद पंचायत करैरा, जनपद सीईओ और संबंधित सचिव को भी जानकारी दी थी। उन्हें आश्वासन दिया गया था कि साफ-सफाई में खर्च की गई राशि उपलब्ध करा दी जाएगी, लेकिन आज तक उन्हें कोई भुगतान प्राप्त नहीं हुआ।
हाल ही में पुनः निरीक्षण के दौरान मुक्तिधाम की कई गंभीर समस्याएं सामने आईं। परिसर का मुख्य गेट गायब है, जिसे अज्ञात लोग चोरी कर ले गए हैं। पेयजल की व्यवस्था नहीं है, प्रकाश व्यवस्था नहीं है, बैठने की कोई समुचित सुविधा नहीं है तथा पर्याप्त वृक्षारोपण भी नहीं किया गया है। जर्जर भवन और अव्यवस्थित परिसर मुक्तिधाम की गरिमा को प्रभावित कर रहे हैं।
कल्लू महाराज ने मांग की है कि मुक्तिधाम में तत्काल नया गेट लगाया जाए, बोरिंग कराकर हैंडपंप की व्यवस्था की जाए, सोलर अथवा विद्युत प्रकाश की सुविधा उपलब्ध कराई जाए, भवन की मरम्मत एवं रंग-रोगन कराया जाए तथा परिसर को सुंदर और व्यवस्थित बनाया जाए। उनका कहना है कि मुक्तिधाम केवल अंतिम संस्कार का स्थल नहीं, बल्कि एक पवित्र स्थान है जहां सभी आत्माओं का अंतिम मिलन होता है।
उन्होंने जिला कलेक्टर अर्पित वर्मा, जिला पंचायत सीईओ, जनपद सीईओ करैरा, ग्राम पंचायत दिनारा, सरपंच एवं जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि मुक्तिधाम के संरक्षण और विकास के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं। उनका कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो भवन को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।
समाजसेवी मैथिलीशरण गुप्त, दीपक तिवारी, जितेंद्र लोधी, जयराम लोधी, राजू लोधी, तेज सिंह यादव, मलखान यादव सहित कई नागरिकों ने भी मुक्तिधाम के सुधार की मांग का समर्थन किया है। क्षेत्रवासियों का मानना है कि यह केवल एक निर्माण नहीं बल्कि समाज की आस्था और संस्कारों का प्रतीक है।
*कल्लू महाराज ने कहा कि यदि जल्द ही आवश्यक सुधार कार्य प्रारंभ नहीं किए गए तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन और अनशन करने पर भी विचार करेंगे*। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए मुक्तिधाम को एक आदर्श एवं सम्मानजनक स्वरूप प्रदान किया जाए।
"मुक्तिधाम हमारी संस्कृति, श्रद्धा और अंतिम सम्मान का प्रतीक है। इसकी गरिमा बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।"यह समाचार प्रशंसात्मक शैली में समाजसेवी कल्लू महाराज की पहल और मुक्तिधाम सुधार की मांग को प्रमुखता देता है।