केंद्र की मोदी सरकार द्वारा देश के मजदूरों के पिछले सो सालों के संघर्ष और बलिदानों से पूँजी के शोषण व जुल्म से सुरक्षा के लिए हासिल किए 29 श्रम कानूनों की जगह बनाये गए चार श्रम सहिताओं और अब 1 अप्रैल 2026 से लागू किए जाने के विरोध में तथा देश के सबसे गरीब 25 करोड़ ग्रामीण और शहरी गरीबों की जीवन रेखा मनरेगा की जगह वीबी जी राम जी जैसी योजना लाने का विरोध किया।