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उद्यानिकी महाविद्यालय में “एक पेड़ माँ के नाम” के अंतर्गत वृहद् पौधारोपण एवं नशा मुक्ति अभियान का हुआ आयोजन ============================================================= उद्यानिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ.आर.सी.शर्मा के मार्गदर्शन में आज “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत वृहद् पौधारोपण किया गया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं को पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन के विषय में अवगत कराया गया। कार्यक्रम के दौरान तृतीय वर्ष के छात्रों ने “एक पेड़, एक जन्मदिन” का संकल्प लेते हुए अशोक, आँवला, जामुन, नागपुरी संतरा, जम्बेरी, नींबू आदि के पौधों का पौधारोपण किया। साथ ही “नशा मुक्ति युवा विकसित भारत संकल्प अभियान” के अंतर्गत महाविद्यालय के समस्त अधिकारी, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राओं ने माय भारत पोर्टल पर अपना पंजीयन कर ई-सर्टिफिकेट प्राप्त किया। महाविद्यालय के समस्त कर्मचारी, अधिकारी एवं छात्र-छात्राओं को नशे से दूर रहने तथा समाज, परिवार और युवाओं को नशे के प्रति जागरूक करने का संकल्प एवं शपथ दिलाई गई। इसी अभियान के अंतर्गत आगे आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तैयार की गई। कार्यक्रम को सफल बनाने में शैक्षणिक अधिकारी डॉ.गौरव महाजन, प्रोग्राम ऑफिसर राष्ट्रीय सेवा योजना डॉ.शिखा शर्मा, स्कॉलरशिप इंचार्ज डॉ.हेमलता अहिरवार, तकनीकी अधिकारी डॉ. संध्या बकोड़े, डॉ.करुणा मेश्राम, श्री संत कुमार शर्मा, श्री रोहित साहू, श्री प्रकाश सांवले, श्री राकेश बर्मन, श्री प्रमोद भलावी, श्री कालूराम, श्रीमती मधु जायसवाल, श्रीमती धनी अहिरवार, श्रीमती सुभद्रा एवं समस्त छात्र-छात्राओं की सहभागिता रही।

11 views | Chhindwara, Madhya Pradesh | Aug 10, 2026

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LIVE: पवित्र श्रावण मास के अवसर पर उज्जैन में भगवान श्री महाकाल की द्वितीय सवारी का नगर भ्रमण

LIVE: पवित्र श्रावण मास के अवसर पर उज्जैन में भगवान श्री महाकाल की द्वितीय सवारी का नगर भ्रमण

Chhindwara, Madhya Pradesh | Aug 10, 2026

जन सेवा में संवेदनशीलता सर्वोपरी- मुख्यमंत्री डॉ.यादव

जन समस्याओं के निराकरण में लापरवाही पर मुख्यमंत्री का एक्शन

सीएमएचओ, तहसीलदार एवं पटवारी निलंबित, सीईओ जनपद और श्रम अधिकारी की एक-एक 

वेतनवृध्दि रोकने के आदेश, अन्य तीन को नोटिस

जिला समाधान कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने आमजनों की लंबित शिकायतों की गंभीरतापूर्वक  सुनवाई की
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत छिंदवाड़ा जिले में आयोजित जिला समाधान कार्यक्रम में आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना और सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर लंबित शिकायतों की आवेदकों की उपस्थिति में एक-एक कर समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही, उदासीनता अथवा अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। समीक्षा के दौरान जिन प्रकरणों में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की लापरवाही सामने आई, उन पर उन्होंने तत्काल सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही पात्र हितग्राहियों को शीघ्र राहत उपलब्ध कराते हुए योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
  सुनवाई के दौरान आवेदिका मीना बंजारा ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ नहीं मिलने की शिकायत दर्ज कराई। समीक्षा में पाया गया कि परासिया तहसील के संबंधित पटवारी द्वारा गलत प्रतिवेदन प्रस्तुत किए जाने के कारण आवेदिका योजना के लाभ से वंचित रही। मामले को गंभीर मानते हुए मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने परासिया तहसील की तहसीलदार सुश्री सुनैयना ब्रम्हे एवं हल्का पटवारी श्री सिध्दांत साहू को निलंबित करने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्यमंत्री आर्थिक सहायता के माध्यम से आवेदिका को एक वर्ष की सहायता राशि प्रदान करने के भी निर्देश दिए।
 आवेदिका श्रीमती सीमा तुमराम ने बताया कि उन्होंने प्रसूति सहायता राशि नहीं मिलने की शिकायत की थीं। जांच में सामने आया कि पोर्टल पर दर्ज त्रुटिपूर्ण जानकारी के कारण उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल सका। इसे विभागीय लापरवाही मानते हुए मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी छिन्दवाड़ा डॉ.नरेश गोन्नाड़े को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए।
 आवेदिका मानवती वर्मा ने बताया कि वर्ष 2022 में पति श्री संतोष वर्मा की मृत्यु के बाद उन्हें पात्रता अनुसार मुख्यमंत्री संबल योजना अंतर्गत अंत्येष्टि एवं अनुग्रह सहायता राशि नहीं मिली जिसकी उन्होंने सीएम हेल्पलाईन में शिकायत दर्ज कराई थीं। प्रकरण में लापरवाही पाए जाने पर मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने संबंधित जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चौरई श्री तरूण राहंगडाले तथा तत्कालीन श्रम अधिकारी श्री धम्मदीप भगत की एक-एक वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए।
 आवेदक गोविंद नायक ने बताया कि उन्होंने सीएम हेल्पलाइन में भू-अभिलेख दुरुस्तीकरण से संबंधित शिकायत प्रस्तुत की। समीक्षा में पाया गया कि एसडीएम द्वारा आदेश जारी किए जाने के बावजूद अभिलेखों में सुधार नहीं किया गया। इस पर मुख्यमंत्री ने एसडीएम चौरई को कारण बताओ नोटिस तथा तहसीलदार चौरई एवं संबंधित हल्का पटवारी की एक-एक वार्षिक वेतन वृध्दि रोकने के निर्देश दिए। 
 आवेदक श्री मनोहर सिंह ने बताया कि उन्होंने अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त होने वाली आर्थिक सहायता नहीं मिलने की शिकायत की थी। समीक्षा के दौरान बताया गया कि बैंक खाते की लेनदेन सीमा कम होने के कारण सहायता राशि का भुगतान नहीं हो पा रहा था। चूंकि आवेदक का बैंक खाता सीहोर जिले में संचालित था, इसलिए आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई कर भुगतान सुनिश्चित किया जा चुका है।
 आवेदिका श्रीमती भावना डेहरिया ने प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के अंतर्गत सब्सिडी नहीं मिलने की शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार त्वरित कार्रवाई कर पात्र हितग्राही को योजना का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
 बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विभागवार समीक्षा करते हुए विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति तथा सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण की स्थिति का विस्तृत अवलोकन किया। उन्होंने राजस्व, नल-जल, ऊर्जा, पुलिस सहित सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए शिकायत करने की नौबत नहीं आनी चाहिए। प्रत्येक प्रकरण का निर्धारित समय-सीमा में पारदर्शी, संवेदनशील एवं जवाबदेह तरीके से निराकरण सुनिश्चित किया जाए
 मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से ड्रॉपआउट बच्चों को पुनः विद्यालयों में प्रवेश दिलाने, सभी शिक्षकों की शत-प्रतिशत ई-अटेंडेंस सुनिश्चित करने तथा साइबर अपराधों की रोकथाम एवं प्रभावितों को त्वरित राहत उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जन शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण ही सुशासन की सबसे बड़ी पहचान है तथा प्रत्येक अधिकारी को जनसेवा के प्रति संवेदनशील और जवाबदेह कार्यशैली अपनानी होगी। 
 कार्यक्रम में लोक निर्माण विभाग मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री राकेश सिंह, सांसद श्री विवेक बंटी साहू, विधायक श्री कमलेश प्रताप शाह, महापौर श्री विक्रम आहके,श्री शेषराव यादव, मुख्य सचिव श्री अशोक वर्णवाल, सचिव श्री सुदाम खाड़े, संभागायुक्त श्री धनंजय सिंह, कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन, पुलिस अधीक्षक श्री अजय पांडेय सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

जन सेवा में संवेदनशीलता सर्वोपरी- मुख्यमंत्री डॉ.यादव जन समस्याओं के निराकरण में लापरवाही पर मुख्यमंत्री का एक्शन सीएमएचओ, तहसीलदार एवं पटवारी निलंबित, सीईओ जनपद और श्रम अधिकारी की एक-एक वेतनवृध्दि रोकने के आदेश, अन्य तीन को नोटिस जिला समाधान कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने आमजनों की लंबित शिकायतों की गंभीरतापूर्वक सुनवाई की ========================================================== मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत छिंदवाड़ा जिले में आयोजित जिला समाधान कार्यक्रम में आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना और सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर लंबित शिकायतों की आवेदकों की उपस्थिति में एक-एक कर समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही, उदासीनता अथवा अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। समीक्षा के दौरान जिन प्रकरणों में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की लापरवाही सामने आई, उन पर उन्होंने तत्काल सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही पात्र हितग्राहियों को शीघ्र राहत उपलब्ध कराते हुए योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। सुनवाई के दौरान आवेदिका मीना बंजारा ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ नहीं मिलने की शिकायत दर्ज कराई। समीक्षा में पाया गया कि परासिया तहसील के संबंधित पटवारी द्वारा गलत प्रतिवेदन प्रस्तुत किए जाने के कारण आवेदिका योजना के लाभ से वंचित रही। मामले को गंभीर मानते हुए मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने परासिया तहसील की तहसीलदार सुश्री सुनैयना ब्रम्हे एवं हल्का पटवारी श्री सिध्दांत साहू को निलंबित करने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्यमंत्री आर्थिक सहायता के माध्यम से आवेदिका को एक वर्ष की सहायता राशि प्रदान करने के भी निर्देश दिए। आवेदिका श्रीमती सीमा तुमराम ने बताया कि उन्होंने प्रसूति सहायता राशि नहीं मिलने की शिकायत की थीं। जांच में सामने आया कि पोर्टल पर दर्ज त्रुटिपूर्ण जानकारी के कारण उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल सका। इसे विभागीय लापरवाही मानते हुए मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी छिन्दवाड़ा डॉ.नरेश गोन्नाड़े को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। आवेदिका मानवती वर्मा ने बताया कि वर्ष 2022 में पति श्री संतोष वर्मा की मृत्यु के बाद उन्हें पात्रता अनुसार मुख्यमंत्री संबल योजना अंतर्गत अंत्येष्टि एवं अनुग्रह सहायता राशि नहीं मिली जिसकी उन्होंने सीएम हेल्पलाईन में शिकायत दर्ज कराई थीं। प्रकरण में लापरवाही पाए जाने पर मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने संबंधित जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चौरई श्री तरूण राहंगडाले तथा तत्कालीन श्रम अधिकारी श्री धम्मदीप भगत की एक-एक वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए। आवेदक गोविंद नायक ने बताया कि उन्होंने सीएम हेल्पलाइन में भू-अभिलेख दुरुस्तीकरण से संबंधित शिकायत प्रस्तुत की। समीक्षा में पाया गया कि एसडीएम द्वारा आदेश जारी किए जाने के बावजूद अभिलेखों में सुधार नहीं किया गया। इस पर मुख्यमंत्री ने एसडीएम चौरई को कारण बताओ नोटिस तथा तहसीलदार चौरई एवं संबंधित हल्का पटवारी की एक-एक वार्षिक वेतन वृध्दि रोकने के निर्देश दिए। आवेदक श्री मनोहर सिंह ने बताया कि उन्होंने अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त होने वाली आर्थिक सहायता नहीं मिलने की शिकायत की थी। समीक्षा के दौरान बताया गया कि बैंक खाते की लेनदेन सीमा कम होने के कारण सहायता राशि का भुगतान नहीं हो पा रहा था। चूंकि आवेदक का बैंक खाता सीहोर जिले में संचालित था, इसलिए आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई कर भुगतान सुनिश्चित किया जा चुका है। आवेदिका श्रीमती भावना डेहरिया ने प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के अंतर्गत सब्सिडी नहीं मिलने की शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार त्वरित कार्रवाई कर पात्र हितग्राही को योजना का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विभागवार समीक्षा करते हुए विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति तथा सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण की स्थिति का विस्तृत अवलोकन किया। उन्होंने राजस्व, नल-जल, ऊर्जा, पुलिस सहित सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए शिकायत करने की नौबत नहीं आनी चाहिए। प्रत्येक प्रकरण का निर्धारित समय-सीमा में पारदर्शी, संवेदनशील एवं जवाबदेह तरीके से निराकरण सुनिश्चित किया जाए मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से ड्रॉपआउट बच्चों को पुनः विद्यालयों में प्रवेश दिलाने, सभी शिक्षकों की शत-प्रतिशत ई-अटेंडेंस सुनिश्चित करने तथा साइबर अपराधों की रोकथाम एवं प्रभावितों को त्वरित राहत उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जन शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण ही सुशासन की सबसे बड़ी पहचान है तथा प्रत्येक अधिकारी को जनसेवा के प्रति संवेदनशील और जवाबदेह कार्यशैली अपनानी होगी। कार्यक्रम में लोक निर्माण विभाग मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री राकेश सिंह, सांसद श्री विवेक बंटी साहू, विधायक श्री कमलेश प्रताप शाह, महापौर श्री विक्रम आहके,श्री शेषराव यादव, मुख्य सचिव श्री अशोक वर्णवाल, सचिव श्री सुदाम खाड़े, संभागायुक्त श्री धनंजय सिंह, कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन, पुलिस अधीक्षक श्री अजय पांडेय सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

Chhindwara, Madhya Pradesh | Aug 7, 2026

प्रेस संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मीडिया से किया सीधा संवाद, विभिन्न मुद्दों पर रखी अपनी बात

विभागीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी- मुख्यमंत्री डॉ.यादव

छिंदवाड़ा में उद्यमिता और उद्योग के क्षेत्र में  बड़ी संभावनाएं है-मुख्यमंत्री डॉ.यादव

उद्योगों के विकास के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है-मुख्यमंत्री डॉ.यादव

प्रदेश सरकार कार्य संस्कृति में परिवर्तन लाने की दिशा में काम कर रही है – मुख्यमंत्री डॉ.यादव
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मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार सांस्कृतिक बदलाव के साथ कार्य संस्कृति में भी परिवर्तन लाने की दिशा में काम कर रही है। शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचे और जनता को समय पर योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ मिले, इसके लिए अधिकारियों-कर्मचारियों को पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि जनता के विश्वास को बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने छिंदवाड़ा प्रवास के दौरान प्रेस संवाद कार्यक्रम में मीडिया से सकारात्मक संवाद करते हुये यह बात कही। इस दौरान जिले के प्रभारी मंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह, सांसद श्री विवेक बंटी साहू, महापौर श्री विक्रम अहके, विधायक अमरवाड़ा श्री कमलेश प्रताप शाह, श्री शेषराव यादव और विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक व प्रिंट मीडिया के पत्रकार उपस्थित थे।

      मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि छिंदवाड़ा महाराष्ट्र की सीमा से लगा हुआ आदिवासी बहुल क्षेत्र है और यहां विकास की अपार संभावनाएं हैं। सरकार इन संभावनाओं को अवसरों में बदलने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कार्य संस्कृति को मजबूत करने के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों को पदोन्नति देने के साथ ही विभिन्न विभागों में नई भर्तियां भी प्रारंभ की गई हैं। पुलिस सहित अन्य विभागों में भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। छिन्दवाड़ा जिले में 28 विभागों के एक हजार 281 अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रमोशन दिया गया है। उन्होंने कहा कि शासन की जिम्मेदारी है कि जनता के काम व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से हों। उन्होंने कहा कि छिंदवाड़ा में भी बड़ी संख्या में अधिकारियों-कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई है। इससे कर्मचारियों में उत्साह बढ़ेगा और वे बेहतर ढंग से अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने बताया कि छिंदवाड़ा में लापरवाही के मामलों में कार्रवाई करते हुए सीएमओ, एक तहसीलदार और पटवारी को निलंबित किया गया है। कुछ कर्मचारियों के वेतनवृद्धि रोकने का निर्णय भी लिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार अच्छे कार्य के लिए पदोन्नति और प्रोत्साहन देने के लिए तैयार है, लेकिन दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

       मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि छिंदवाड़ा में उद्यमिता और उद्योग के क्षेत्र में भी बड़ी संभावनाएं हैं। उन्होंने स्थानीय उद्यमियों एवं पुराने उद्योगपतियों से चर्चा कर उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास किया। नए इंडस्ट्रियल बेल्ट एवं औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि उद्योगों के विकास के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि क्षेत्र के किसानों से चर्चा के दौरान प्राकृतिक खेती, पशुपालन और मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। आदिवासी अंचलों में होम-स्टे के माध्यम से रोजगार के अवसर विकसित हो रहे हैं। पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देकर स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि छिंदवाड़ा में संचालित आईटीआई संस्थानों के विद्यार्थियों को उनके प्रशिक्षण के अनुरूप रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। प्रशिक्षित युवाओं को अपने कौशल के आधार पर बेहतर भविष्य बनाने के अवसर मिलें, इसके लिए उद्योगों से समन्वय बढ़ाया जाएगा।

     मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि जनहित से जुड़ी शिकायतों के निराकरण को सरकार ने गंभीरता से लिया है। सरकार द्वारा जन शिकायत निवारण, जनप्रतिनिधियों के साथ चर्चा और जनता की शिकायतों  के ‍निराकरण करने का, ऐसे तीन-चार आयामों पर हमने काम शुरू किया है तथा सीएम हेल्पलाइन सहित विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों के परफार्मेंस को देखा है। हमारा प्रयास है कि एक-एक जिले में अभी तक की सारी लंबित शिकायतों का अधिकतम समाधान प्राथमिकता से सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गये है कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अच्छा काम करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, वहीं लापरवाही करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

     जनविश्वास अभियान से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री  डॉ.यादव ने कहा कि प्रदेश में परिसीमन आयोग का गठन किया गया है। आयोग द्वारा संभाग, जिले, तहसील और गांवों के स्तर पर विभिन्न पहलुओं का अध्ययन किया जा रहा है। पूर्व मुख्य सचिव एसएम मिश्रा को आयोग की जिम्मेदारी दी गई है। आयोग की रिपोर्ट आने के बाद आगे की प्रक्रिया स्पष्ट होगी। उन्होंने कहा कि शासन की नीतियों और योजनाओं को जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू करने की जिम्मेदारी अधिकारियों-कर्मचारियों की है। सरकार नीति बनाती है, लेकिन उसका वास्तविक लाभ जनता तक पहुंचाने के लिए मैदानी स्तर पर गंभीरता से काम करना जरूरी है।

     नगरीय क्षेत्रों से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि केवल छिंदवाड़ा ही नहीं, बल्कि प्रदेश के सभी नगरीय क्षेत्रों में नागरिकों को आवश्यक सुविधाएं, सेवाएं और शासन की योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के लिए एक समान व्यवस्था विकसित करने पर काम किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने प्रदेशवासियों को सावन मास, आगामी जन्माष्टमी, रक्षाबंधन एवं स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आने वाला समय प्रदेश के लिए नई ऊर्जा, उत्साह और उमंग लेकर आएगा।

प्रेस संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मीडिया से किया सीधा संवाद, विभिन्न मुद्दों पर रखी अपनी बात विभागीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी- मुख्यमंत्री डॉ.यादव छिंदवाड़ा में उद्यमिता और उद्योग के क्षेत्र में बड़ी संभावनाएं है-मुख्यमंत्री डॉ.यादव उद्योगों के विकास के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है-मुख्यमंत्री डॉ.यादव प्रदेश सरकार कार्य संस्कृति में परिवर्तन लाने की दिशा में काम कर रही है – मुख्यमंत्री डॉ.यादव ========================================================= मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार सांस्कृतिक बदलाव के साथ कार्य संस्कृति में भी परिवर्तन लाने की दिशा में काम कर रही है। शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचे और जनता को समय पर योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ मिले, इसके लिए अधिकारियों-कर्मचारियों को पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि जनता के विश्वास को बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने छिंदवाड़ा प्रवास के दौरान प्रेस संवाद कार्यक्रम में मीडिया से सकारात्मक संवाद करते हुये यह बात कही। इस दौरान जिले के प्रभारी मंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह, सांसद श्री विवेक बंटी साहू, महापौर श्री विक्रम अहके, विधायक अमरवाड़ा श्री कमलेश प्रताप शाह, श्री शेषराव यादव और विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक व प्रिंट मीडिया के पत्रकार उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि छिंदवाड़ा महाराष्ट्र की सीमा से लगा हुआ आदिवासी बहुल क्षेत्र है और यहां विकास की अपार संभावनाएं हैं। सरकार इन संभावनाओं को अवसरों में बदलने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कार्य संस्कृति को मजबूत करने के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों को पदोन्नति देने के साथ ही विभिन्न विभागों में नई भर्तियां भी प्रारंभ की गई हैं। पुलिस सहित अन्य विभागों में भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। छिन्दवाड़ा जिले में 28 विभागों के एक हजार 281 अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रमोशन दिया गया है। उन्होंने कहा कि शासन की जिम्मेदारी है कि जनता के काम व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से हों। उन्होंने कहा कि छिंदवाड़ा में भी बड़ी संख्या में अधिकारियों-कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई है। इससे कर्मचारियों में उत्साह बढ़ेगा और वे बेहतर ढंग से अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने बताया कि छिंदवाड़ा में लापरवाही के मामलों में कार्रवाई करते हुए सीएमओ, एक तहसीलदार और पटवारी को निलंबित किया गया है। कुछ कर्मचारियों के वेतनवृद्धि रोकने का निर्णय भी लिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार अच्छे कार्य के लिए पदोन्नति और प्रोत्साहन देने के लिए तैयार है, लेकिन दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि छिंदवाड़ा में उद्यमिता और उद्योग के क्षेत्र में भी बड़ी संभावनाएं हैं। उन्होंने स्थानीय उद्यमियों एवं पुराने उद्योगपतियों से चर्चा कर उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास किया। नए इंडस्ट्रियल बेल्ट एवं औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि उद्योगों के विकास के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि क्षेत्र के किसानों से चर्चा के दौरान प्राकृतिक खेती, पशुपालन और मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। आदिवासी अंचलों में होम-स्टे के माध्यम से रोजगार के अवसर विकसित हो रहे हैं। पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देकर स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि छिंदवाड़ा में संचालित आईटीआई संस्थानों के विद्यार्थियों को उनके प्रशिक्षण के अनुरूप रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। प्रशिक्षित युवाओं को अपने कौशल के आधार पर बेहतर भविष्य बनाने के अवसर मिलें, इसके लिए उद्योगों से समन्वय बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि जनहित से जुड़ी शिकायतों के निराकरण को सरकार ने गंभीरता से लिया है। सरकार द्वारा जन शिकायत निवारण, जनप्रतिनिधियों के साथ चर्चा और जनता की शिकायतों के ‍निराकरण करने का, ऐसे तीन-चार आयामों पर हमने काम शुरू किया है तथा सीएम हेल्पलाइन सहित विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों के परफार्मेंस को देखा है। हमारा प्रयास है कि एक-एक जिले में अभी तक की सारी लंबित शिकायतों का अधिकतम समाधान प्राथमिकता से सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गये है कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अच्छा काम करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, वहीं लापरवाही करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। जनविश्वास अभियान से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि प्रदेश में परिसीमन आयोग का गठन किया गया है। आयोग द्वारा संभाग, जिले, तहसील और गांवों के स्तर पर विभिन्न पहलुओं का अध्ययन किया जा रहा है। पूर्व मुख्य सचिव एसएम मिश्रा को आयोग की जिम्मेदारी दी गई है। आयोग की रिपोर्ट आने के बाद आगे की प्रक्रिया स्पष्ट होगी। उन्होंने कहा कि शासन की नीतियों और योजनाओं को जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू करने की जिम्मेदारी अधिकारियों-कर्मचारियों की है। सरकार नीति बनाती है, लेकिन उसका वास्तविक लाभ जनता तक पहुंचाने के लिए मैदानी स्तर पर गंभीरता से काम करना जरूरी है। नगरीय क्षेत्रों से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि केवल छिंदवाड़ा ही नहीं, बल्कि प्रदेश के सभी नगरीय क्षेत्रों में नागरिकों को आवश्यक सुविधाएं, सेवाएं और शासन की योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के लिए एक समान व्यवस्था विकसित करने पर काम किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने प्रदेशवासियों को सावन मास, आगामी जन्माष्टमी, रक्षाबंधन एवं स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आने वाला समय प्रदेश के लिए नई ऊर्जा, उत्साह और उमंग लेकर आएगा।

Chhindwara, Madhya Pradesh | Aug 7, 2026

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से बेबाकी से बोले प्रशिक्षु

हुनर देखकर गदगद हुए मुख्यमंत्री

शासकीय आदिवासी महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था में संवाद, नवाचार और आत्मविश्वास का अनूठा संगम
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मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान 2026 के तहत शुक्रवार को शासकीय आदिवासी महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था छिंदवाड़ा का भ्रमण किया। जहां उन्होंने संस्थान के प्रशिक्षुओं से आत्मीय संवाद किया, उनके हुनर को नजदीक से देखा और उनके आत्मविश्वास की खुले दिल से सराहना की। इस दौरान प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री एवं छिंदवाड़ा जिले के प्रभारी मंत्री श्री राकेश सिंह, सांसद श्री विवेक बंटी साहू, अमरवाड़ा विधायक श्री कमलेश प्रताप सिंह, महापौर श्री विक्रम अहके, श्री शेषराव यादव  सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं मुख्य सचिव श्री अशोक वर्णवाल सहित प्रशासनिक अधिकारी, नोडल आईटीआई प्राचार्य श्री शुभम निमजे और शासकीय आदिवासी महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था के प्राचार्य श्री दिनेश कुमार उपस्थित थे।
      मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने संस्थान की विभिन्न प्रयोगशालाओं का निरीक्षण करते हुए प्रशिक्षुओं से उनके प्रशिक्षण, भविष्य की योजनाओं और शासन की योजनाओं से मिलने वाले लाभ पर विस्तार से चर्चा की। मैकेनिकल लैब में उन्होंने सीआरडीआई फोर-स्ट्रोक डीजल इंजन के बारे में जानकारी ली और लेथ मशीन पर दक्षता से कार्य कर रही प्रशिक्षुओं की विशेष रूप से प्रशंसा की।
      फिटर ट्रेड की प्रशिक्षु सुषमा उइके ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बताया कि उनके माता-पिता कृषि कार्य से जुड़े हैं और वह प्रशिक्षण लेकर तकनीकी क्षेत्र में अपना भविष्य बना रही हैं। प्रशिक्षुओं के आत्मविश्वास से प्रभावित मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि “इसी आत्मविश्वास को बनाए रखिए। तकनीकी कौशल के साथ खेती से भी जुड़े रहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मेरे पिता ने भी हमेशा मुझे खेती से जुड़े रहने की सीख दी थी।”
      इसी दौरान प्रशिक्षु राधा उइके ने बताया कि वह प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई तकनीकों का उपयोग खेती-किसानी में भी करेंगी और भविष्य में अपना स्वयं का टेक्निशियन मशीन वर्कशॉप एवं हार्डवेयर वर्कशॉप स्थापित करना चाहती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उनके संकल्प की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
      मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रशिक्षुओं से शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी ली। प्रशिक्षु मीना करवेती ने आत्मविश्वास के साथ मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना एवं प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि उन्हें बाइंडिंग, पंखा मरम्मत, वायरिंग तथा मशीन पार्ट्स को जोड़ने जैसे तकनीकी कार्यों में दक्षता प्राप्त है और वह सभी कार्य पूरी सावधानी एवं सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए करती हैं।
      प्रशिक्षुओं का उत्साह देखकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आपकी जिम्मेदारी केवल अपना जीवन बेहतर बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने कौशल से दूसरों के जीवन को भी बेहतर बनाने की है।
      संस्थान में नवाचार की मिसाल भी देखने को मिली। फिटर ट्रेड के प्रशिक्षुओं ने वेस्ट टू आर्ट की अवधारणा पर तैयार किया गया आकर्षक गिटार का अवलोकन किया उन्हें कबाड़ से निर्मित तोप भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन रचनात्मक प्रयासों की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि नवाचार और कौशल का ऐसा समन्वय युवाओं की प्रतिभा का उत्कृष्ट उदाहरण है।
      इस अवसर पर संस्थान की प्रवेश विवरणिका भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव को भेंट की गई। प्रशिक्षुओं के विशेष आग्रह पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उनके साथ आत्मीय वातावरण में सामूहिक फोटो भी खिंचवाया, जिससे छात्राओं का उत्साह और बढ़ गया।
      मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संस्थान परिसर में मलबरी (शहतूत) का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से बेबाकी से बोले प्रशिक्षु हुनर देखकर गदगद हुए मुख्यमंत्री शासकीय आदिवासी महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था में संवाद, नवाचार और आत्मविश्वास का अनूठा संगम ============================================================= मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान 2026 के तहत शुक्रवार को शासकीय आदिवासी महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था छिंदवाड़ा का भ्रमण किया। जहां उन्होंने संस्थान के प्रशिक्षुओं से आत्मीय संवाद किया, उनके हुनर को नजदीक से देखा और उनके आत्मविश्वास की खुले दिल से सराहना की। इस दौरान प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री एवं छिंदवाड़ा जिले के प्रभारी मंत्री श्री राकेश सिंह, सांसद श्री विवेक बंटी साहू, अमरवाड़ा विधायक श्री कमलेश प्रताप सिंह, महापौर श्री विक्रम अहके, श्री शेषराव यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं मुख्य सचिव श्री अशोक वर्णवाल सहित प्रशासनिक अधिकारी, नोडल आईटीआई प्राचार्य श्री शुभम निमजे और शासकीय आदिवासी महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था के प्राचार्य श्री दिनेश कुमार उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने संस्थान की विभिन्न प्रयोगशालाओं का निरीक्षण करते हुए प्रशिक्षुओं से उनके प्रशिक्षण, भविष्य की योजनाओं और शासन की योजनाओं से मिलने वाले लाभ पर विस्तार से चर्चा की। मैकेनिकल लैब में उन्होंने सीआरडीआई फोर-स्ट्रोक डीजल इंजन के बारे में जानकारी ली और लेथ मशीन पर दक्षता से कार्य कर रही प्रशिक्षुओं की विशेष रूप से प्रशंसा की। फिटर ट्रेड की प्रशिक्षु सुषमा उइके ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बताया कि उनके माता-पिता कृषि कार्य से जुड़े हैं और वह प्रशिक्षण लेकर तकनीकी क्षेत्र में अपना भविष्य बना रही हैं। प्रशिक्षुओं के आत्मविश्वास से प्रभावित मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि “इसी आत्मविश्वास को बनाए रखिए। तकनीकी कौशल के साथ खेती से भी जुड़े रहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मेरे पिता ने भी हमेशा मुझे खेती से जुड़े रहने की सीख दी थी।” इसी दौरान प्रशिक्षु राधा उइके ने बताया कि वह प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई तकनीकों का उपयोग खेती-किसानी में भी करेंगी और भविष्य में अपना स्वयं का टेक्निशियन मशीन वर्कशॉप एवं हार्डवेयर वर्कशॉप स्थापित करना चाहती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उनके संकल्प की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रशिक्षुओं से शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी ली। प्रशिक्षु मीना करवेती ने आत्मविश्वास के साथ मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना एवं प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि उन्हें बाइंडिंग, पंखा मरम्मत, वायरिंग तथा मशीन पार्ट्स को जोड़ने जैसे तकनीकी कार्यों में दक्षता प्राप्त है और वह सभी कार्य पूरी सावधानी एवं सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए करती हैं। प्रशिक्षुओं का उत्साह देखकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आपकी जिम्मेदारी केवल अपना जीवन बेहतर बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने कौशल से दूसरों के जीवन को भी बेहतर बनाने की है। संस्थान में नवाचार की मिसाल भी देखने को मिली। फिटर ट्रेड के प्रशिक्षुओं ने वेस्ट टू आर्ट की अवधारणा पर तैयार किया गया आकर्षक गिटार का अवलोकन किया उन्हें कबाड़ से निर्मित तोप भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन रचनात्मक प्रयासों की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि नवाचार और कौशल का ऐसा समन्वय युवाओं की प्रतिभा का उत्कृष्ट उदाहरण है। इस अवसर पर संस्थान की प्रवेश विवरणिका भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव को भेंट की गई। प्रशिक्षुओं के विशेष आग्रह पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उनके साथ आत्मीय वातावरण में सामूहिक फोटो भी खिंचवाया, जिससे छात्राओं का उत्साह और बढ़ गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संस्थान परिसर में मलबरी (शहतूत) का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

Chhindwara, Madhya Pradesh | Aug 7, 2026

उद्यानिकी महाविद्यालय में “एक पेड़ माँ के नाम” के अंतर्गत वृहद् पौधारोपण एवं नशा मुक्ति अभियान का हुआ आयोजन ============================================================= उद्यानिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ.आर.सी.शर्मा के मार्गदर्शन में आज “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत वृहद् पौधारोपण किया गया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं को पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन के विषय में अवगत कराया गया। कार्यक्रम के दौरान तृतीय वर्ष के छात्रों ने “एक पेड़, एक जन्मदिन” का संकल्प लेते हुए अशोक, आँवला, जामुन, नागपुरी संतरा, जम्बेरी, नींबू आदि के पौधों का पौधारोपण किया। साथ ही “नशा मुक्ति युवा विकसित भारत संकल्प अभियान” के अंतर्गत महाविद्यालय के समस्त अधिकारी, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राओं ने माय भारत पोर्टल पर अपना पंजीयन कर ई-सर्टिफिकेट प्राप्त किया। महाविद्यालय के समस्त कर्मचारी, अधिकारी एवं छात्र-छात्राओं को नशे से दूर रहने तथा समाज, परिवार और युवाओं को नशे के प्रति जागरूक करने का संकल्प एवं शपथ दिलाई गई। इसी अभियान के अंतर्गत आगे आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तैयार की गई। कार्यक्रम को सफल बनाने में शैक्षणिक अधिकारी डॉ.गौरव महाजन, प्रोग्राम ऑफिसर राष्ट्रीय सेवा योजना डॉ.शिखा शर्मा, स्कॉलरशिप इंचार्ज डॉ.हेमलता अहिरवार, तकनीकी अधिकारी डॉ. संध्या बकोड़े, डॉ.करुणा मेश्राम, श्री संत कुमार शर्मा, श्री रोहित साहू, श्री प्रकाश सांवले, श्री राकेश बर्मन, श्री प्रमोद भलावी, श्री कालूराम, श्रीमती मधु जायसवाल, श्रीमती धनी अहिरवार, श्रीमती सुभद्रा एवं समस्त छात्र-छात्राओं की सहभागिता रही। - Chhindwara News