वादों के बावजूद धरातल पर काम नहीं: चार महीने में उखड़ा ललावंडी-अलावड़ा मार्ग का डामर, हादसों को न्योता दे रही सड़क
रामगढ़-गोविंदगढ़ मार्ग के ललावंडी मोड़ से अलावड़ा तक करीब चार माह पहले नवीनीकरण की गई सड़क अब जगह-जगह क्षतिग्रस्त होने लगी है। सड़क पर दरारें पड़ने के साथ डामर की ऊपरी परत उखड़ गई है और कई जगह गड्ढे बन गए हैं। सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर 2 सितंबर को समाचार प्रकाशित होने के बावजूद अब तक मौके पर कोई ठोस सुधार कार्य शुरू नहीं हुआ है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है।
मौके की तस्वीरों में सड़क के कई हिस्सों में डामर उखड़ा हुआ है और बजरी, कंकड़ व रोड़ियां सड़क पर बिखरी पड़ी हैं। महज चार माह में सड़क की हालत खराब होने से निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण के कुछ समय बाद ही डामर उखड़ने लगा था। अब सड़क की सतह असमतल होने और रोड़ियां फैलने से दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी हो रही है।
बारिश के दौरान क्षतिग्रस्त हिस्सों और गड्ढों में पानी भरने से दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। ग्रामीणों के अनुसार पुरानी सड़क पर मौजूद गहरे गड्ढों को भरने और पर्याप्त कुटाई किए जाने को लेकर भी सवाल हैं। उनका कहना है कि बरसात में पानी पहुंचने से कुछ हिस्से धंसने लगे और बाद में डामर की सतह पर दरारें दिखाई देने लगीं।
वर्षों की मांग के बाद बनी थी सड़क
अलावड़ा से ललावंडी को जोड़ने वाला यह मार्ग लंबे समय से खराब हालत में था। ग्रामीण कई वर्षों से सड़क निर्माण की मांग कर रहे थे। भाजपा कार्यकर्ता शशिकांत शर्मा ने बताया कि खराब सड़क के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी होती थी। लगातार मांग के बाद रामगढ़ विधायक सुखवंत सिंह ने सड़क निर्माण की स्वीकृति दिलाई थी। यह मार्ग आसपास के गांवों को रामगढ़-गोविंदगढ़ मार्ग और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के शीतल कट से जोड़ता है।
सड़क बनने के बाद ग्रामीणों को बेहतर आवागमन की उम्मीद थी, लेकिन कुछ ही महीनों में सड़क क्षतिग्रस्त होने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने निर्माण में इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता और कार्य प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की है।
विभागीय निगरानी के बावजूद उठे सवाल
सड़क निर्माण के दौरान पीडब्ल्यूडी के कनिष्ठ अभियंता रामावतार मीणा मौके पर मौजूद रहकर कार्य की निगरानी कर रहे थे। इसके बावजूद चार माह में सड़क पर दरारें और गड्ढे सामने आने से निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का सवाल है कि विभागीय निगरानी के बावजूद सड़क इतनी जल्दी कैसे खराब हो गई।
मामला सामने आने के बाद पीडब्ल्यूडी के एईएन मोहित खामियां ने जेईएन को मौके पर भेजकर जांच कराने और संबंधित एजेंसी से आवश्यक मरम्मत करवाने की बात कही थी। हालांकि 2 सितंबर को खबर प्रकाशित होने के बाद भी अभी तक मौके पर सुधार कार्य शुरू नहीं हुआ है।
एईएन मोहित खामियां ने बताया कि जेईएन को मौके पर भेजकर सड़क की स्थिति की जांच करवाई जाएगी। जो भी समस्या सामने आएगी, उसे देखते हुए संबंधित एजेंसी को बुलाकर आवश्यक मरम्मत करवाई जाएगी।
वहीं जेईएन रामावतार मीणा ने बताया कि सड़क निर्माण के दौरान वे मौके पर मौजूद रहकर कार्य करवा रहे थे। उनका करीब डेढ़ माह पहले रामगढ़ से ट्रांसफर हो चुका है और वर्तमान में सड़क की स्थिति की उन्हें जानकारी नहीं है।
ग्रामीणों ने सड़क का तत्काल मौका निरीक्षण करवाकर क्षतिग्रस्त हिस्सों की स्थायी मरम्मत कराने तथा निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो सड़क और अधिक खराब हो सकती है तथा रोड़ियां फैलने से हादसों का खतरा बढ़ सकता है।
Alwar, Alwar | Sep 30, 2026