पिपरई से करीब 6 किलोमीटर दूर अशोकनगर मार्ग पर स्थित रहटवास रेलवे स्टेशन के नाम को लेकर विसंगति सामने आई है। सोमवार को शाम 7 बजे मिली जानकारी के अनुसार स्टेशन परिसर में कहीं ‘रतवास’ तो कहीं ‘रहटवास’ लिखा होने से यात्रियों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। प्लेटफॉर्म के मुख्य बोर्ड पर ‘रतवास’ अंकित है, जबकि शाइन बोर्ड पर ‘रहटवास’ लिखा है। यात्रियों का कहना है कि टिकटों में भी नाम को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। ऐसे में यात्रियों को यह समझने में परेशानी हो रही है कि दोनों नाम एक ही स्टेशन के हैं या अलग-अलग स्थानों के।अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत करोड़ों रुपये की लागत से स्टेशन का विकास किया गया.....🧾
#piprai #NewsUpdate